IAS बनने के लिए कौन सा सब्जेक्ट लेना चाहिए? | IAS banne ke liye subject | Subject For IAS

इस तरह के सवाल हर उस विद्यार्थी के मन में आना स्वाभाविक है जो प्रशासनिक सेवा यानी सिविल सर्विसेज के क्षेत्र में करियर बनाना चाहता है, या आसान शब्दों में कहे तो जो एक आईएएस ऑफिसर बनना चाहता है।

आईएएस बनने के लिए कौन सा सब्जेक्ट ले? एक आईएएस ऑफिसर बनने के लिए किस विषय की पढ़ाई करनी होती है? यदि आप एक आईएएस ऑफिसर बनना चाहते हैं तो आपको कौन सा विषय लेना चाहिए?

दोस्तों आज के समय में लाखों युवा भविष्य में खुद को एक आईएएस ऑफिसर के रूप में देखना चाहते हैं, एक आईएएस अधिकारी का पद सम्माननीय, प्रतिष्ठित और रुतबे वाला पद होता है, साथ ही इससे देश की सेवा में भी योगदान किया जा सकता है।

हमने यह कई बार सुना होता है कि आईएएस आईपीएस की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा में से होती है, आईएएस ऑफिसर जितने सम्मान और जिम्मेदारी का पद है उस पर कार्यरत होने के लिए उतनी ही मेहनत भी लगती है।

इसीलिए आईएएस की परीक्षा में पूछे जाने वाले विषयों की बहुत अच्छे से पढ़ाई जरूरी है।

यहां इस लेख में हम जानेंगे कि आईएएस ऑफिसर बनने के लिए कौन सा सब्जेक्ट लेना चाहिए? (ias banne ke liye subject) दसवीं पास करने के बाद, 12वीं पास करने के बाद और फिर ग्रेजुएशन आदि में हमें विषयों में से चुनना होता है।

यहां हम इसी को जानेंगे कि यदि आपका लक्ष्य एक आईएएस ऑफिसर बनना है तो आप किन विषयों को चुन सकते हैं या चुनना चाहिए।

आईएएस बनने के लिए कौन सा सब्जेक्ट ले?

आईएएस बनने के लिए सब्जेक्ट (ias banne ke liye subject)

आईएएस बनने के लिए सब्जेक्ट (IAS banne ke liye subject) की बात की जाए तो आईएएस की परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के मन में यह रहता है कि ग्रेजुएशन में उनके पास एक ऐसा सब्जेक्ट होना चाहिए जिससे उनकी आईएएस की परीक्षा की तैयारी में मदद मिले।

अगर आप आईएएस की परीक्षा के तैयारी करना चाहते हैं, तो आपको अपने ग्रेजुएशन में राजनीतिक विज्ञान, भूगोल, इतिहास, अर्थशास्त्र, दर्शनशास्त्र तथा सार्वजनिक प्रशासन जैसे विषयों से ग्रेजुएशन करना चाहिए क्योंकि इन विषयों की पढ़ाई से आपकी आईएएस की तैयारी में काफी मदद मिलती है।

बात करें की IAS क्या है, तो निश्चय ही आपने यह नाम उच्च पदों के अधिकारियों के लिए  सुना होगा, जैसे कलेक्टर या जिला अधिकारी। आईएएस का पूरा नाम इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस ( indian administrative service) होता है।

यह civil services यानी प्रशासनिक सेवा में ऊंचे पदों के लिए  होता है। एक आईएएस अधिकारी जैसे जिले के DC या कलेक्टर का काम जिले में सही व्यवस्था बनाए रखने का होता है।

जिला अधिकारी ही जिले का प्रमुख होता है, जिले के development और साथ ही  समस्याओं का निवारण भी इन्हीं की जिम्मेदारी होती है।

Civil services की जो विद्यार्थी तैयारी करते हैं, वे IAS या IPS की ही तैयारी करते हैं जिसके लिए उन्हें यूपीएससी की परीक्षा पास करनी होती है।

अगर सीधे बात करें कि IAS officer बनने के लिए आपको किस विषय को लेकर पढ़ाई करनी है, तो इसका जवाब होगा कि आप कोई भी विषय लेकर पढ़ाई कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए यदि डॉक्टरी या इंजीनियरिंग की बात करें तो डॉक्टर के लिए आपका बायलर्जी होना जरूरी है और इंजीनियरिंग के लिए आपका maths और science जरूरी है, इन विषयों को पढ़े बिना आप क्रमशः डॉक्टर और इंजीनियर नहीं बन सकते।

परंतु यदि बात करें IAS ऑफिसर बनने की, तो चाहे आप साइंस के विषय लेकर पढ़े, या फिर कॉमर्स का विषय लेकर या फिर आर्ट्स स्ट्रीम का कोई विषय लेकर, किसी से भी आप आईपीएस बन सकते हैं, बस इसके लिए आपको आईएएस बनने के लिए जो अनिवार्य परीक्षा होती है, यानी कि UPSC की परीक्षा, उसे पास करना होता है।

IAS के लिए परीक्षा का अपना ही syllabus होता है, आपको उसी अनुसार पढ़ना होता है, फिर चाहे आपने 11-12 th, और graduation में कोई भी विषय लिया हो।

IAS बनने के लिए 10th के बाद कौन सा विषय ले?

दोस्तों हम सभी को यह पता है की स्कूल में दसवीं तक हमें सारे विषयों की एक साथ पढ़ाई करनी होती है, और दसवीं पूरी हो जाने के बाद विद्यार्थियों को साइंस स्ट्रीम, कॉमर्स स्ट्रीम या आर्ट्स स्ट्रीम में से किसी एक सट्रीम का चुनाव करना होता है, जिसके बाद कक्षा 11वीं और 12वीं में वह उसी स्ट्रीम के अंतर्गत आने वाले विषयों की पढ़ाई करता है।

जिन विद्यार्थियों की पढ़ने में ज्यादा रूचि होती है वे सामान्यत: science लेते हैं, उसके बाद उसी प्रकार कॉमर्स और आर्ट्स।

अब जब बात आती है कि यदि आपका लक्ष्य एक आईएएस ऑफिसर बनना है तो आपको कौन सा स्ट्रीम चुनना चाहिए तो इसका जवाब है, कोई भी।

यदि आप साइंस स्ट्रीम चुनते हैं जिसमें बायोलॉजी और मैथ आते हैं, तो भी आप आईएएस अफसर बन सकते हैं, यदि आप कॉमर्स चुनते हैं, तो भी आप आईएएस ऑफिसर बन सकते हैं, और आर्ट्स लेकर भी आप आईएएस ऑफिसर बन सकते हैं।

आपका स्ट्रीम मायने नहीं रखता है, मायने रखता है आईपीएस के लिए होने वाली परीक्षा को पास करना।

आप किसी भी स्ट्रीम या विषय के साथ IAS बन सकते हैं, बस जरूरत होती है सही तरीके से मेहनत करनी की, IAS की जो परीक्षा होती है उसकी तैयारी करने की, ताकि उसे पास करके आपका IAS बनने का सपना पूरा हो सके।

हालांकि कई बार विद्यार्थियों को यह सलाह दी जाती है कि यदि उनका लक्ष्य आईएएस बनना ही है तो arts उनके लिए बेहतर हो सकता है।

क्योंकि science जैसे stream में आपको गहराई से साइंस पढ़ना होता है, और आईएएस में उसकी उतनी गहरी नॉलेज की जरूरत नहीं होती, arts के काफी सारे विषय आईपीएस की परीक्षा की तैयारी में भी पढ़ने होते हैं, इसीलिए यह फायदेमंद हो सकता है।

IAS बनने के लिए 12th के बाद कौन सा विषय ले?

दोस्तों जिन विद्यार्थियों का लक्ष्य डॉक्टर या इंजीनियर होता है वह 12वीं के बाद उसकी तैयारी करते हैं, और उसके लिए jee और neet जैसी परीक्षाएं देते हैं।

बहुत से छात्र 12वीं के बाद ग्रेजुएशन में दाखिला लेते हैं जिसमें वे बीएससी (b.sc),  बीकॉम(b.com) या बीए(b.a) में दाखिला लेते हैं जो अंडर ग्रेजुएशन का कोर्स होता है।

अब फिर से यदि बात करें आईएएस ऑफिसर बनने के लिए आपको इन तीनों में से कौन सा कोर्स करना चाहिए, तो इसका भी जवाब वही है कि इनमें से कोई भी।

यदि आप ग्रेजुएशन में बीएससी करते हैं तो भी आप ग्रेजुएशन के बाद यूपीएससी की परीक्षा में बैठ सकते हैं, और पास होने पर एक आईएएस ऑफिसर बन सकते हैं, यदि आप बीकॉम करते हैं तो भी यूपीएससी की परीक्षा पास करके आईपीएस बन सकते हैं, और यही बात b.a. के लिए भी है।

असल में आईएएस बनने के लिए यूपीएससी की परीक्षा पास करना अनिवार्य होता है, जिसके लिए आपका ग्रेजुएट होना जरूरी है, फिर चाहे आप किसी भी विषय से ग्रेजुएट हो।

आपके आईएएस बनने में आपके 12वीं या ग्रेजुएशन के मार्क्स कोई मायने नहीं रखते, उनकी सिर्फ डिग्री आपके पास होनी चाहिए, जिससे आप यूपीएससी की परीक्षा में बैठने के योग्य हो सके।

पर फिर यह बात भी हो जाती है कि यदि आप ग्रेजुएशन में b. a करते हैं, तो इसके सब्जेक्ट आसान होने के कारण आप अपनी परीक्षा की तैयारी में ज्यादा ध्यान दे पाएंगे, आपको अच्छी तरह से यूपीएससी प्रिपरेशन के लिए समय मिलेगा, और आप इसमें जितना समय और मेहनत देंगे आपके लिए उतना ही अच्छा है।

अतः आप ग्रेजुएशन के बाद बीएससी, बीकॉम या b.a. मे से कुछ भी करके एक आईपीएस ऑफिसर बन सकते हैं।

IAS officer बनने की प्रक्रिया क्या है?

हमने ऊपर जाना कि आप दसवीं के बाद या 12वीं के बाद कौन सा विषय लेकर पढ़ाई करते हैं, IAS बनने के लिए यह ज्यादा जरूरी नहीं है।

आपने civil services या सिविल सेवा परीक्षा का नाम सुना होगा, IAS सिविल सेवा परीक्षा का एक भाग होता है, जिसे यूपीएससी (UPSC- union public service commission) यानी संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित किया जाता है।

IAS officer बनने के लिए यूपीएससी पास करना जरूरी है। यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा में ग्रेजुएशन पूरा कर चुके यानी कि स्नातक या फिर ग्रेजुएशन के आखरी वर्ष में पढ़ रहे विद्यार्थी भाग ले सकते हैं।

इसके लिए आपको यूपीएससी का फॉर्म भरकर अप्लाई करना होता है। आप यूपीएससी की वेबसाइट से ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।

IAS के लिए यूपीएससी की परीक्षा तीन चरणों में होती है, जिसमें प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू आते हैं। सबसे पहले विद्यार्थी को प्रीलिम्स परीक्षा में बैठना होता है।

परीक्षा में बैठने से पहले यूपीएससी का सिलेबस अच्छी तरह देख कर उसकी अच्छी तरह पढ़ाई कर लेना जरूरी होता है।

यदि विद्यार्थी प्रेलिम्स पास करता है तो वह मेंस के लिए क्वालीफाई करता है, prelims क्वालीफाई करने के बाद उसे मेंस देना होता है और यदि वह मेंस में भी क्वालीफाई कर जाता है, तब अंत में उसका इंटरव्यू लिया जाता है।

यूपीएससी की परीक्षा में उत्तीर्ण  होने वाले जो विद्यार्थी शीर्ष रैंको में आते हैं, उन्हें ही आईएएस और आईपीएस पदों के लिए चुना जाता है।

तो जिन भी विद्यार्थियों का लक्ष्य आईएएस ऑफिसर बनना हो, उन्हें यूपीएससी की परीक्षा न सिर्फ पास बल्कि अच्छे अंको के साथ top में आना होता है, तभी वे आईएएस के लिए चुने जाते हैं।

IAS बनने के लिए क्या जरुरी होता है?

आईएएस देश के बड़े पदों में आता है, जिस पर कार्यरत होना जिम्मेदारी के साथ साथ बहुत ही गौरव और प्रतिष्ठा की बात होती है।

आईएएस, जितना बड़ा नाम है, उतनी ही कड़ी मेहनत भी, इस परीक्षा की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत, फोकस और समय देने की आवश्यकता होती है।

कोई विद्यार्थी भले ही इस परीक्षा के लिए ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष (3rd year) में eligible होता है, लेकिन अगर आपको इसे qualify करना है तो इसकी तैयारी आपको दसवीं कक्षा या उससे पहले  से ही शुरू कर देने की जरूरत होती है।

यदि किसी विद्यार्थी की मनोधारणा ऐसी है कि वह अपने graduation की पढ़ाई पूरी कर लेगा, फिर आईपीएस की तैयारी शुरू करेगा और परीक्षा पास कर लेगा तो यह बहुत ही मुश्किल, बल्कि लगभग असंभव ही होता है। यूपीएससी की परीक्षा का नाम भारत के सबसे कठिन परीक्षाओं में से  है।

यूपीएससी में करंट अफेयर्स और जनरल नॉलेज जैसी चीजें बहुत ही स्ट्रांग होनी चाहिए, इसीलिए आप जिस भी क्लास में हों, जिस भी विषय की पढ़ाई करते हों, उसे अच्छी तरह से पढ़े , प्रतिदिन अख़बार पढ़े ,जिससे आपका करंट अफेयर्स अच्छा होगा और आपकी गेनरल नॉलेज भी बढ़ेगी।

आईएएस बनना आसान नही है परन्तु असंभव भी नहीं है, मतलब की आईएएस का पद तो देश में है ही लोगो द्वारा भरे जाने के लिए, अगर विद्यार्थी लगन से सही दिशा में मेहनत करते हैं तो उनका आईएएस बनने का सपना जरुर पूरा होगा।

मन में आत्मविश्वास रखें कि सही मेहनत के साथ आप उसे कर सकते हैं, syllabus को अच्छी तरह से समझ कर अपने अनुसार तय कर ले कि आपको इस किस तरह से पढ़ाई करनी है, ताकि आप बेहतर  रिजल्ट दे पाए, क्योंकि अगर आपको एक आईएएस ऑफिसर बनकर खुद का और अपने परिवार का नाम रोशन करना है तो उसके लिए आपको जी-तोड़ मेहनत करनी पड़ेगी। 

परीक्षा में बैठने के लिए योग्यता

हमने ऊपर जाना कि ग्रेजुएशन इसकी परीक्षा में बैठने के लिए मिनिमम रिक्वायर्ड डिग्री है, आईपीएस के लिए आपके पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री (Graduation) होना चाहिए।

स्नातक स्तर की पढ़ाई में कम से कम 50 प्रतिशत अंक तो होने ही चाहिए। Nationality में, एक आईएएस ऑफिसर बनने के लिए आप भारतीय होने चाहिए, इसके अलावा अगर आप नेपाल या भूटान से हैं तो भी आप आईएएस के लिए परीक्षा दे सकते हैं।

आयु सीमा की बात करें तो आईएएस ऑफिसर बनने के लिए एज लिमिट सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 21 से 32 वर्ष तक की है। इस दौरान सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी 6 प्रयास कर सकते हैं।

OBC category से होने पर उम्र में 3 साल की छूट दी जाती है, यानी obc वाले 35 साल की उम्र तक परीक्षा दे सकते हैं, और उनके लिए मैक्सिमम 9 attempts हैं।

sc/st वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 साल की छूट दी जाती है, जिससे की उनके लिए एज लिमिट 21-37 साल तक की हो जाती  है, जिसमें प्रयास में कोई सीमा नहीं है।

सामान्य श्रेणी से संबंधित शारीरिक रूप से विकलांग / अक्षम उम्मीदवारों को यूपीएससी के लिए 42 वर्ष की आयु तक निर्धारित 9 प्रयासों का लाभ मिलता है।

सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे परीक्षा में प्रवेश के लिए सभी योग्यता शर्तों और मानदंडों को पूरा करते हैं।

परीक्षा के सभी चरणों में उनका प्रवेश निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से अस्थायी विषय होता है।

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि एक उम्मीदवार जिसके मामले में योग्यता का प्रमाण पत्र आवश्यक है, उसे परीक्षा में भर्ती तो कराया जा सकता है, लेकिन नियुक्ति की पेशकश केवल भारत सरकार द्वारा आवश्यक पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने के बाद ही दी जा सकती है।

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