इंजीनियर कितने प्रकार के होते हैं? | Engineer kitne prakar ke hote hain

दोस्तों आज के समय में अगर करियर की बात करें, तो किसी भी छात्र से वह भविष्य में क्या बनना चाहता है, पूछे जाने पर जो दो सबसे कॉमेंट जवाब होते हैं वह है इंजीनियर या डॉक्टर। करोड़ों विद्यार्थियों का सपना होता है एक इंजीनियर बनना।

हर साल होने वाले इंजीनियरिंग के लिए परीक्षाओं में कई लाखों छात्र बैठते हैं, ताकि उनका इंजीनियरिंग में दाखिला हो सके, और वह एक इंजीनियर बन सके। पर विद्यार्थी को यह भी पता होना चाहिए कि वह कौन सा इंजीनियर बनना चाहता है।

कहने का मतलब है कि इंजीनियरिंग के अंतर्गत बहुत सारी branches होती हैं, आपने ऐसा सुना होगा कि पूछे जाने पर की आप कौन सी इंजीनियरिंग कर रहे हैं, छात्र सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसे नाम बताते हैं।

यहां इस लेख में हम इसी की बात करेंगे की असल में इंजीनियरिंग कितने प्रकार के होते हैं। (engineer kitne prakar ke hote hain) सिर्फ इंजीनियरिंग करूंगा कह देना काफी नहीं है, क्योंकि इंजीनियरिंग का क्षेत्र बहुत विशालकाय है, आप अलग-अलग विषयों और अलग-अलग क्षेत्रों में इंजीनियरिंग कर सकते हैं।

इंजीनियरिंग के बहुत से ऐसे कोर्सस है जिनकी जानकारी लोगों को नहीं होती है, जैसे कि हो सकता है कुछ लोगों को पता ना हो पर इंजीनियरिंग के कुछ ऐसे कोर्स भी है, जहां बायोलॉजी से भी इंजीनियरिंग की जा सकती है।

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाने की सोचने वालों के लिए यह जरूरी है कि उन्हें इंजीनियरिंग के अंतर्गत आने वाले सभी कोर्सेज (how many types of engineering) की जानकारी हो, ताकि वह सही फैसला ले सकें।

Engineering क्या है?

आसान भाषा में समझने का प्रयास किया जाए तो इंजीनियरिंग कुछ अलग-अलग चीजों को डिजाइन करने या उन्हें बनाने में विज्ञान और गणित इत्यादि के इस्तेमाल करने को कहते हैं।

हमारे दैनिक जीवन में जो भी जरूरी मशीनें, या उपकरणों आदि का हम इस्तेमाल करते हैं उन्हें इंजीनियर द्वारा ही बनाया जाता है।

जो लोग इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हैं वह अपने कौशल का इस्तेमाल तकनीकी समस्याओं को हल करने में करते हैं, ऐसा वे गणित और विज्ञान के सिद्धांतों का इस्तेमाल करके करते हैं।

इसीलिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई में यह सारे विषय अनिवार्य होते हैं। Engineers नए और innovative उत्पाद भी विकसित करते हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई आप 10वीं या 12वीं करने के बाद कर सकते हैं।

Engineering कितने प्रकार के होते हैं? (Types Of Engineering)

Types of Engineering in hindi

इंजीनियरिंग के अंतर्गत बहुत सारे क्षेत्र आते हैं, इसमें बहुत प्रकार के कोर्स है जिनमें से अपनी रूचि के अनुसार आप किसी एक की भी पढ़ाई करके अपना बेहतर भविष्य बना सकते हैं।

यहां हम इंजीनियरिंग के सभी मुख्य प्रकार के courses के बारे में बात करेंगे, engineering से आप बड़ी कंपनियों, it कंपनियों में अच्छे पदों पर जॉब कर सकते हैं या फिर अपना खुद का startup आदि भी शुरू कर सकते हैं।

इंजीनियरिंग के सारे मुख्य प्रकारों की सूची निम्नलिखित है –

  • Chemical engineering
  • Civil engineering
  • Mechanical engineering
  • Communication engineering
  • Aeronautical engineering 
  • Automobile Engineers
  • Ceramic engineering
  • Computer science engineering
  • Electrical engineering
  • Electronics engineering
  • Biomedical engineering
  • Biotechnology engineering
  • Marine engineering
  • Industrial engineering
  • Environment engineering
  • Metallurgical engineering
  • Mechatronics engineering
  • Textile engineering
  • Petroleum engineering आदि।

अब एक-एक करके इन सभी प्रकार के इंजीनियरिंगस् के बारे में संक्षिप्त में जान लेते हैं – 

1. Chemical engineering

नाम से पता चल ही रहा है कि केमिकल इंजीनियरिंग के अंतर्गत अलग-अलग प्रकार के केमिकल्स यानी रसायनों और रासायनिक उत्पादों के बारे में पढ़ना होता है।

Chemical products के बारे में रिसर्च से लेकर उनके प्रोडक्शन तक सब कुछ केमिकल इंजीनियरिंग के अंतर्गत ही आता है। इसमें कच्चे केमिकल मैट्रियल को इस्तेमाल करके कपड़े, खाने पीने की चीजें आदि बनाई जाती है।

साथ ही इस क्षेत्र में बायो टेक्नोलॉजी, मिनिरल प्रोसेसिंग, पैट्रोलियम रिफायनिंग जैसे क्षेत्रों की नॉलेज भी कंबाइन की जाती है।

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में यह एक अच्छा कोर्स है, इसे करके आप अच्छी नौकरी प्राप्त कर सकते हैं।

2. Civil engineering

लगभग हर इंजीनियरिंग कॉलेज में या फिर इंजीनियरिंग के छात्रों से भी अपने सिविल इंजीनियरिंग के बारे में जरूर सुना होगा।

यह इंजीनियरिंग के क्षेत्र में broadest और सबसे पुराने इंजीनियरिंग कोर्सेज में से है, आसान शब्दों में सिविल इंजीनियरिंग के अंतर्गत कंस्ट्रक्शन का काम आता है, जैसे घर बनाना, रोड बनाना, बिल्डिंग बनाना,  डिजाइन करना, डैम बनाना, टनल बनाना, एयरपोर्ट बनाना आदि।

Engineering के अंदर यह भी एक काफी अच्छा कोर्स है, यदि आपकी इस क्षेत्र में रुचि है, तो इंजीनियरिंग में आप इसे करके अच्छा job भी प्राप्त कर सकते हैं।

3. Mechanical engineering

असल में सिविल इंजीनियरिंग से भी पहले जिस इंजीनियरिंग कोर्स का नाम आता है, वह है मैकेनिकल इंजीनियरिंग। यह भी इंजीनियरिंग के सबसे broadest व्हाट्सएप से पुराने कोर्स में से एक है।

Mechanical engineering में आप मशीनों के बारे में पढ़ते हैं, इसमें मशीनों और मशीनों के टूल्स की डिजाइनिंग, उनका प्रोडक्शन, मशीनों के ऑपरेशन के लिए heat और मैकेनिकल पावर का प्रोडक्शन आदि किया जाता है।

Mechanical engineering में भविष्य में काफी scope रहता है, क्योंकि हमारे दैनिक जीवन में इस्तेमाल की जाने वाली बहुत सी चीजें मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ही आती है।

4. Communication engineering

Communication engineering असल में,  electrical engineering और computer engineering का सम्मिलित रूप होता है, इंजीनियरिंग में यह भी एक अच्छा कोर्स है।

इसके अंतर्गत optical communication, advanced communication, digital system, micro electronics, microwave, signal processing जैसे क्षेत्रों की पढ़ाई की जाती है।

समय के साथ जैसे-जैसे तकनीक का विकास हो रहा है वैसे वैसे इन क्षेत्रों में इंजीनियर्स की मांग बढ़ रही है, जोकि आने वाले समय में भी बढ़ेगी।  अभी भी बहुत से इंजीनियर इस क्षेत्र से जुड़े हैं और इसमें सैलरी भी अच्छी खासी रहती है।

5. Aeronautical engineering 

Aeronautical का मतलब aircraft, missile, rocket, space station और spacecraft की designing, maintenance और testing से है। Aeronautical engineering इन्हीं सब चीजों के बारे में अध्ययन का होता है।

Aircraft और spacecraft आदि किस तरह से काम करते हैं, उन्हें किस तरह मेंटेन रखना पड़ता है, साथ ही उनका वातावरण के साथ संतुलन आदि के बारे में पढ़ना होता है।

इसके अंतर्गत Aeronautical engineering और aerospace engineering आते हैं।

6. Automobile Engineering

Automobile का मतलब हमें पता ही है, जिन विद्यार्थियों की रुचि vehicles से संबंधित इंजीनियरिंग में होती है वह ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग कर सकते हैं।

इसके अंतर्गत अलग-अलग प्रकार की vehicles जैसे बस, ट्रक, ट्रैक्टर, बाइक, कार इत्यादि का design और production किया जाता है।

इंजीनियरिंग का यह कोर्स करने के लिए आप डिप्लोमा अथवा बीटेक जैसे डिग्री कोर्सेज कर सकते हैं। एक automobile Engineer की सैलरी भी कई लाख रुपए सालाना तक हो सकती है।

7. Ceramic engineering

सिरामिक materials में cement और ईट से लेकर ग्लासवेयर, फाइबर ऑप्टिक्स, स्पेस vehicles की कोटिंग, न्यूक्लियर फ्यूल के कॉम्पोनेंट्स, और पोलूशन कंट्रोल डिवाइस जैसी  चीजों के पार्ट्स आते हैं।

सिरामिक इंजीनियरिंग के अंतर्गत इन्हीं चीजों के बारे में पढ़ना होता है। इसमें सिरेमिक मेटेरियल के प्रोडक्शन, उनके एप्लीकेशन और उनके अलग-अलग टेक्निक्स के प्रयोग के बारे में बताया जाता है।

जो Non metallic inorganic material होते हैं उन्हें इस्तेमाल के लिए प्रोडक्ट में बदलना ही सिरामिक इंजीनियरिंग है, इंजीनियरिंग में यह भी एक अच्छा विकल्प रहता है।

8. Computer science engineering

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपने हार्डवेयर इंजीनियर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर या सॉफ्टवेयर डेवलपर, सिस्टम डिजाइनर, नेटवर्क इंजीनियर जैसे प्रोफैशंस के बारे में सुना होगा, यह सब कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के अंतर्गत ही आते हैं।

यदि आपके कंप्यूटर में दिलचस्पी हो, और आप इंजीनियरिंग करना चाहते हैं तो आपके लिए सबसे बेहतर कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग ही रहेगा।

इसके अंतर्गत आपको कंप्यूटर की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, प्रोग्राम डिजाइनिंग, उसके साथ-साथ सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के बारे में भी सिखाया जाता है। Computer science engineering भी एक बेहतरीन करियर ऑप्शन है।

9. Electrical engineering

इसके बारे में तो हम सब ने कभी न कभी सुना ही होता है, और नाम से भी पता चलता है कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिसिटी से संबंधित है।

बिना electricity के तो आज कोई भी काम नहीं हो सकता, इस क्षेत्र में इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स की डिजाइनिंग, manufacturing और working आदि के बारे में पढ़ाया जाता है।

बड़े इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स में खराबी या दिक्कत आने पर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की ही जरूरत पड़ती है। इलेक्ट्रिक जनरेटर, इलेक्ट्रिक मोटर जैसी चीजों का इस्तेमाल रोजाना ही होता है, इसीलिए इसमें काफी scope भी है।

10. Electronics engineering

Electronics engineering, electrical engineering से थोड़ा अलग होता है, electronics engineering के अंतर्गत रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स का अध्ययन आता है।

जैसे कि मोबाइल, टीवी कंप्यूटर और इस तरह की दूसरी कुछ मशीनें इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के अंतर्गत आती है।

इसमें Mobiles, Phones, medical devices, computer, radio, TV broadcasting and communication systems आदि का design और development भी आता है।

11. Biomedical engineering

ऊपर हमने बात की थी कि किस तरह से बायोलॉजी सब्जेक्ट लेकर भी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाया जा सकता है। यदि आपकी टेक्नोलॉजी के साथ-साथ मेडिकल में भी दिलचस्पी है तो आप बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स कर सकते हैं।

Biomedical engineers, biomedical devices और equipments को डिजाइन और डिवेलप करता है जैसे कि आर्टिफिशियल बॉडी पार्ट्स, उन्हें इंस्टॉल करना, एडजस्ट और मेंटेन रखना आदी के बारे में इसमें पढ़ना होता है। आज के समय में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग करियर का एक बेहतर विकल्प है।

12. Biotechnology engineering

इंजीनियरिंग का यह कोर्स भी बायोमेडिकल इंजीनियरिंग से थोड़ा बहुत मिलता जुलता है।

Biotechnology का मतलब ही है, बायोलॉजी के साथ टेक्नोलॉजी या टेक्नोलॉजी के साथ बायोलॉजी। इसमें मेडिकल और एग्रीकल्चर का भी कॉन्बिनेशन होता है, इसमें आप एनिमल हसबेंडरी, एग्रीकल्चर, पोलूशन कंट्रोल, डिजीज रिसर्च, मेडिसिन, फर्टिलाइजर आदी के बारे में पढ़ते हैं।

इसका इस्तेमाल अलग-अलग प्रकार के foods, drugs आदि के उत्पादन में किया जाता है। एक बायोटेक्निकल इंजीनियरिंग की सैलरी लाखों रुपए तक भी हो सकती है।

13. Marine engineering

मरीज शब्द का मतलब समुद्र से संबंधित होता है। Engineering करने के बाद यदि आप ऐसे जगह पर काम करना चाहते हैं जहां आप समुद्र में घूम सके तो मरीन इंजीनियरिंग आपके लिए सही रहता है।

Marine engineering के अंतर्गत आपको समुद्री जहाजों उसके अलग-अलग मशीनों के रिपेयर, कंस्ट्रक्शन और मेंटेनेंस का काम करना होता है।

इसके अलावा भी मरीन इंजीनियर के कई काम होते हैं, इंजीनियरिंग में यह एक अच्छा विकल्प है, एक मरीन इंजीनियर की सैलरी आसानी से 50 से 70 हजार तक हो सकती है।

14. Industrial engineering

जाहिर है इंडस्ट्री का मतलब उद्योग से संबंधित होता है। किसी उद्योग को सही तरीके से चलाने के लिए बहुत सी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है और उसमें से कईयों के लिए इंजीनियर की जरूरत पड़ती है।

इसमें employees, equipment, energy, material, process, system development, implementation, improvement, evaluation जैसी चीजें आती है।

उद्योगों में होने वाले समय, सामानों, मशीनों आदि की बर्बादी को रोकना इंडस्ट्रियल इंजीनियर का काम होता है।

15. Environment engineering

Environment engineering प्रकृति और प्रकृति से जुड़े जरूरी चीजों का अध्ययन होता है। प्रकृति की सही देखभाल हर किसी के लिए जरूरी है, कौन कौन से घटक प्रकृति के लिए हानिकारक है, उन्हें कैसे रोका जा सकता है, पॉल्यूशन इनफॉर्मेंट प्रोटेक्शन जैसी चीजें इसमें आती है।

एक इन्वायरमेंट इंजीनियर का काम प्रकृति के संरक्षण का होता है, वह विज्ञान, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान के इस्तेमाल से पर्यावरण  की समस्याओं को हल करते हैं।

16. Metallurgical engineering

Metallurgy का मतलब जमीन के अंदर से अलग-अलग प्रकार के धातुओं को कच्चे रूप में निकाल कर, उनका प्रोसेसिंग और रिफायनिंग इत्यादि करना होता है।

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में मेटेरियल की फिजिकल ओर केमिकल बिहेवियर को पढ़ा जाता है।

धातु जमीन के अंदर अयस्को में पाए जाते हैं, उन्हें बाहर निकालकर उनकी इंप्योरिटीज को निकालकर इस्तेमाल करने लायक धातु बनाए जाते हैं, यह सारे काम मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग के अंतर्गत आते हैं।

यह भी कैरियर का एक अच्छा विकल्प है, मेटालर्जिकल इंजीनियर की सैलरी भी अच्छी खासी होती है।

17. Mechatronics engineering

Engineering का यह क्षेत्र एक तरह से इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर और मैकेनिकल इंजीनियरिंग का सम्मिलित रूप होता है।

इसके अंतर्गत High technology engineering के systems को design और develop करना सिखाया जाता है। Robots और drones बनाना भी इसी क्षेत्र में आता है।

18. Textile engineering

टेक्सटाइल का मतलब मुख्य रूप से कपड़ों का निर्माण है, बिना कपड़ों के हमारा काम चल ही नहीं सकता, इसीलिए टैक्सटाइल इंडस्ट्री काफी बड़ी और जरूरी इंडस्ट्री है, और इसमें इंजीनियर की जरूरत भी है।

इंजीनियरिंग के इस ब्रांच में उन सिद्धांतों और तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे कलर और फैब्रिक इत्यादि से गारमेंट्स या कहें टेक्सटाइल डिवेलप किया जा सके। टैक्सटाइल इंजिनियर्स के लिए भी भविष्य में अच्छे विकल्प होते हैं।

19. Petroleum engineering

Petroleum engineering के अंतर्गत ऐसे उपकरणों की डिजाइनिंग और डेवलपमेंट की जाती है जिनका इस्तेमाल ऑयल और गैस extract करने के लिए किया जाता है।

यह प्रक्रिया रिफायनिंग कहलाती है। इसके अंतर्गत माइनिंग इंजीनियरिंग भी आ जाता है, petroleum products भी अभी के लिए तो बहुत जरूरी है इसीलिए पैट्रोलियम इंजीनियरिंग भी एक जरूरी क्षेत्र है।

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