B.Ed में कितने Subjects होते हैं? | B.Ed me kitne subject hote hain

दोस्तों आजकल छात्रों से यदि पूछा जाए कि वह भविष्य में क्या बनना चाहते है, तो छात्रों के जवाब अलग-अलग होते हैं, doctor, engineer, businessman, कोई अधिकारी या कोई सरकारी या private नौकरी, आदि छात्रों के जवाब होते हैं।

पर बहुत से छात्रों की रुचि अच्छे से पढ़ाई करके दूसरे विद्यार्थियों को पढ़ाने में भी होती है यानी बहुत से छात्र ‘शिक्षक’ भी बनना चाहते हैं।

किसी एक विषय में विशेष रूचि होने पर उस विषय का गहन अध्ययन करके शिक्षक बना जा सकता है, जो कि एक अच्छा करियर प्रोफेशन है, और साथ ही इसे समाज में प्रतिष्ठित job profile के रूप में भी देखा जाता है।

और जो कोई भी शिक्षक बनना चाहता है उसे b.ed का कोर्स करना पड़ता है।

यदि आप एक सरकारी स्कूल या फिर प्राइवेट स्कूल में भी  शिक्षक की नौकरी पाना चाहते हैं तो इसके लिए आपके पास b.Ed की डिग्री होना जरूरी है।

आज यहां इस लेख में हम b.Ed के बारे में जानेंगे, इसमें भी मुख्य तौर पर इसकी बात करेंगे कि b.Ed में कौन-कौन से सब्जेक्ट पढ़ने होते हैं। (b.ed subjects list in hindi)

b.Ed के दौरान कोई विद्यार्थी किन विषयों को चुन सकता है, क्या b.Ed उसी सब्जेक्ट में किया जाता है जिसमें अपने बीए या एमए किया हो, B.ED की फ़ीस कितनी होती है? आदि जैसे सवाल b.Ed में दाखिला लेने वाले या लेने की सोचने वाले छात्रों के मन में रहते हैं, यहां हम इनके जवाब (b.ed subjects list in hindi) को जानने का प्रयास करेंगे।

B.ED में कितने subjects होते हैं? (b.ed subjects list in hindi)

b.ed subjects list

B.Ed कोर्स में आप अपने मुख्य सब्जेक्ट के रूप में Physics, Chemistry, Maths, Biology, Hindi, English, Economy आदि में से किसी का भी चुनाव कर सकते हैं। 

B.Ed 2 साल का एक अंडर ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स है जिसमें विद्यार्थियों को पढ़ाने यानी टीचर बनने की ट्रेनिंग दी जाती है। 

आप जिस भी सब्जेक्ट में B.Ed करेंगे उसी सब्जेक्ट के टीचर बनते हैं। 

हां, आप के मुख्य सब्जेक्ट के साथ-साथ B.Ed कोर्स के दौरान आपको इसके बहुत से जरूरी विषय पढ़ने होते हैं जो कि एक teacher बनने के लिए जरूरी विषय होते हैं। 

इन विषयों में childhood and growing up, Language across curriculum, Understanding of ICT and its applications, Knowledge and curriculum, Learning and teaching, Assessment for learning आदि जैसे विषय आते हैं।

मुख्य subjects में –

  • Hindi
  • English
  • maths
  • physics
  • chemistry
  • biology
  • history
  • geography
  • economics
  • संस्कृत
  • सोशल साइंस
  • होम साइंस

आदि समेत और भी कई सारे सब्जेक्ट b.Ed में होते हैं।

असल में जब हम, b.Ed में कितने सब्जेक्ट होते हैं, इस सवाल की बात करते हैं तो इसका दो अर्थ हो सकता है, पहला कि आप किन-किन विषयों में b.Ed कर सकते हैं?

या b.Ed कोर्स के दौरान आपको कौन-कौन से विषय पढ़ने होते हैं, यानी कि आपने जो विषय चुना होगा उसके साथ साथ और कौन-कौन से विषय?

और दूसरा यह कि b.Ed की तैयारी के लिए आपको कौन-कौन से विषय पढ़ने होते हैं? B.Ed की तैयारी के लिए इसके सिलेबस में teaching apptitude नाम का एक विषय रहता है।

इस विषय में टीचिंग और बच्चों यानी स्टूडेंट्स के लिए, या कहे कि उन्हें पढ़ाने के लिए जो जरूरी चीजें पता होनी चाहिए उसके बारे में पढ़ना होता है।

दोस्तों यह बताने की आवश्यकता तो है ही नहीं की देश और समाज में शिक्षा का क्या महत्व है, शिक्षा ऐसी चीज है जो हर एक किसी के लिए जरूरी होती है।

इसीलिए शिक्षा के महत्व को समझते हुए शिक्षण कार्य करने के लिए यानी शिक्षक बनने के लिए हमारे देश में एक विशेष डिग्री हासिल करनी होती है जिसे b.Ed कहते हैं।

आप ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन यानी कि बीएससी, बीकॉम, बीए या एमए, एमकॉम, एमएससी कंप्लीट करके b.Ed में दाखिला ले सकते हैं।

बी एड 2 वर्ष की अवधि का एक कोर्स है जिसे आप science commerce या arts stream के किसी भी विषय से पूरा करके उस विषय के शिक्षक बनने की योग्यता पा लेते हैं। 

B.Ed का पूरा नाम बैचलर ऑफ एजुकेशन ( bachelor of education ) है, जो शिक्षण क्षेत्र में अपना करियर pursue करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक undergraduate educational degree होता है, इसे formally bachelor of teaching भी कहा जाता है।

बीएड में दाखिले के लिए किसी भी विषय में, किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कम से कम 50% अंकों के साथ आपने अपना ग्रेजुएशन पास किया हो।

बीएड करने के लिए आपको शिक्षा, संस्कृति और मानवमूल्य, शैक्षणिक मनोविज्ञान, शैक्षणिक मूल्यांकन, शिक्षा दर्शन आदि जेसे विषयों पर ध्यान देना होता है। अब बात करते हैं b.Ed में कौन-कौन से सब्जेक्टस् होते हैं।

बी एड (B.Ed) में कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं?

एक शिक्षक के रूप में अपना करियर बनाने और उसके लिए b.Ed में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए यह जानना जरूरी रहता है कि वह b.ed में कौन से सब्जेक्ट पढ़ सकते हैं।

B.Ed पूरा करके आप किसी एक विषय के शिक्षक बनते हैं, तो जाहिर है आप अपने उसी विषय की गहराई से अध्ययन करते हैं।

बात करें b.ed के subject list की तो, teaching apptitude में- 

b.ed me kitne subject hote hai

  • शिक्षा, संस्कृति और मानव मूल्य
  • शैक्षिक मूल्यांकन और आकलन
  • शैक्षणिक मनोविज्ञान
  • मार्गदर्शन और परामर्श
  • समग्र शिक्षा
  • शिक्षा का दर्शन

ये सारे टॉपिक्स पढ़ने होते हैं।

यह सारे b.Ed कोर्स के अनिवार्य विषय होते हैं, चूंकि बीएड की पढ़ाई आप एक शिक्षक बनने के लिए करते हैं, इसीलिए ऊपर दिए गए विषयों को पढ़ना जरूरी होता है।

शिक्षा संस्कृति और मानव मूल्य ऐसे विषय हैं जो एक शिक्षक को पता होने ही चाहिए ताकि वे विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ा सकें।

शिक्षक को शैक्षिक मूल्यांकन और आकलन करना भी आना चाहिए, यह teaching profession के लिए जरूरी होता है, शैक्षणिक मनोविज्ञान और मार्गदर्शन और परामर्श जैसे विषय विद्यार्थियों से interact करने के लिए जरूरी होते हैं।

समग्र शिक्षा और शिक्षा का दर्शन जैसे विषय हर विषय के शिक्षकों के लिए जरूरी होते हैं, इनका पाठन कार्य में उपयोग होता है।

B.Ed syllabus in Hindi

ऊपर हमने जिन विषयों की बात की है, वे सभी B.Ed के सिलेबस के अंतर्गत आते हैं। 

Primary और व्यस्क शिक्षा के अलावा, बीएड के सिलेबस में इतिहास और philosophy, child psychology, value education और environmental education जैसे विषय भी शामिल होते हैं। 

B.Ed कोर्स के दौरान, सिलेबस के अंतर्गत ही आपको टीचिंग की पूरी नॉलेज के लिए स्कूल में पढ़ाना भी होता है।  

B.Ed के syllabus में, आपको अपने विषयों की पढ़ाई के साथ साथ निम्नलिखित की भी पढ़ाई करनी होती है –

  • Childhood and growing up
  • Language across curriculum
  • Understanding of ICT and its applications
  • Knowledge and curriculum
  • Learning and teaching
  • Assessment for learning
  • आदि

इसके अलावा B.Ed सिलेबस के अन्य विषयों में जेंडर, स्कूल और समाज, शिक्षा में कला (विजुअल आर्ट्स एंड क्राफ्ट, परफॉर्मिंग आर्ट्स आदि), खुद को समझने का परिचय,स्वास्थ्य, योग और शारीरिक शिक्षा, ग्रंथों को पढ़ना और एक समावेशी स्कूल बनाना आदि के बारे में भी पढ़ना होता है। 

इसके साथ ही जैसा हमने बताया आपको B.Ed के द्वारा पढ़ाना भी होता है। 

प्रैक्टिकल में आपका प्राइमरी स्कूल इंगेजमेंट, कम्युनिटी लिविंग कैंप और संबंधित अन्य जगहों पर फील्ड इंगेजमेंट भी लिया जाता है। 

B.ED फर्स्ट ईयर में कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं?

b.Ed में आपको मुख्य तौर पर विद्यार्थियों को पढ़ाने के बारे में सिखाया जाता है।

आप जिस सब्जेक्ट में b.Ed कर रहे होंगे उसकी तो आपको गहनता से जानकारी होनी ही चाहिए, साथ ही teaching के लिए जो दूसरी जरूरी चीजें सीखनी चाहिए उसकी भी पढ़ाई करनी होती है।

B.Ed First Year में क्या Subject होंगे ये इस बात पर निर्भर करता है की आपका B.ED में मुख्य विषय क्या हैं। अलग-अलग कोर्स के लिए Subject अलग-अलग होते हैं।

B.Ed में इन Subject में विशेषज्ञता प्राप्त कर सकते  हैं –

वैसे तो b.Ed में बहुत सारे विषय होते हैं, यह निर्भर करता है कि आपने ग्रेजुएशन किस विषय से किया है, और आप किस विषय के शिक्षक बनना चाहते हैं।

शिक्षक तो आप मुख्य रूप से किसी एक विषय के ही बनते हैं, सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में भी, tgt या pgt शिक्षक होते हैं जो क्रमशः निचली कक्षाओं और higher कक्षाओं को पढ़ाते हैं।

जिस भी विषय से आपने ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन किया हो, आप उसी में b.Ed करते हैं जिससे उस सब्जेक्ट विशेष के शिक्षक बनकर उसे पढ़ा सके। बात करें उन विषयों की जिनमें आप स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं तो वे निम्नलिखित हैं –

B.ED Subject की सूची (B.ED Subject List)

  • English (अंग्रेजी )
  • Hindi (हिंदी )
  • Mathematics (गणित )
  • Physics (भौतिक विज्ञान )
  • Chemistry (रसायन विज्ञान )
  • Biology (जैविक विज्ञान )
  • Economics (अर्थशास्त्र )
  • Business (व्यापार)
  • Geography (भूगोल )
  • Home science (होम साइंस )
  • Natural science (प्राकृतिक विज्ञान )
  • Physical education (शारीरिक शिक्षा )
  • Political science (राजनीतिक विज्ञान )
  • Computer science (कंप्यूटर विज्ञान)
  • Different languages आदि।

यह b.Ed में पढ़ाए जाने वाले मुख्य विषयों की सूची है, अब ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ इतने ही विषय हैं, इसके अलावा और भी बहुत से सब्जेक्टस् हैं जिनमें आप बीऐड करके उस विषय के शिक्षक बन सकते हैं।

अब हम एक-एक करके b.Ed में पढ़ाए जाने वाले इन सब्जेक्ट के बारे में संक्षिप्त में जान लेते हैं।

1. English (अंग्रेजी)

यदि आप अंग्रेजी के शिक्षक बनना चाहते हैं, यदि आपकी अंग्रेजी भाषा में रुचि है, आपको अंग्रेजी पढ़ना और पढ़ाना अच्छा लगता है, तो आप अंग्रेजी में बी ऐड करके सरकारी या प्राइवेट स्कूल में इंग्लिश टीचर बन सकते हैं।

इसके लिए आप ग्रेजुएशन या अपना पोस्ट ग्रेजुएशन भी इंग्लिश से ही करेंगे। यह बताने की आवश्यकता तो है नहीं कि अंग्रेजी का आज के समय में कितना महत्व है, हर क्षेत्र में ही इस भाषा का इस्तेमाल होता है।

ऐसे में अंग्रेजी के शिक्षकों की मांग भी रहती है, आप b.ed करके किसी अच्छे संस्थान में अंग्रेजी के शिक्षक बनकर भविष्य बेहतर कर सकते हैं।

2. Hindi (हिंदी)

हिंदी तो हमारी मातृभाषा भी है, हिंदी भाषा के साहित्य और इसके व्याकरण में रुचि रखने वाले छात्र हिंदी में b.Ed करके हिंदी के शिक्षक बन सकते हैं।

जब भाषा की बात हो तो हर विषय का महत्व उतना ही होता है, भारत में तो हिंदी एक तरह से अनिवार्य ही है।

यदि आप एक हिंदी शिक्षक बनना चाहते हैं तो आप 12वीं के बाद ग्रेजुएशन में हिंदी से ही अपना बी ए और फिर एमए भी कंप्लीट कर सकते हैं, इसके बाद आप b.ed में दाखिला लेते हैं।

हिंदी साहित्य और व्याकरण का सही ज्ञान होना हर विद्यार्थी के लिए जरूरी होता है जिसके लिए हिंदी के अच्छे शिक्षक भी चाहिए होते हैं।

3. Mathematics (गणित)

गणित एक ऐसा विषय है जो हर किसी के लिए निचली कक्षाओं से ही जरूरी होता है, बहुत से छात्रों की गणित में रुचि होती है, उन्हें गणित पढ़ना और पढ़ाना अच्छा लगता है, ऐसे छात्र maths में b.Ed करके सरकारी या प्राइवेट स्कूल में गणित के टीचर बन सकते हैं।

हर स्कूल में ही गणित के शिक्षक की आवश्यकता होती है, यदि आप गणित से b.Ed कर के शिक्षक की योग्यता पा लेते हैं तो आपके पास अवसरों की कोई कमी नहीं रहती है।

गणित के शिक्षकों की जरूरत निचली कक्षाओं से लेकर higher कक्षाओं तक रहती है। सरकारी और प्राइवेट गणित शिक्षकों की भी सैलरी अच्छी खासी होती है।

4. Physics (भौतिक विज्ञान)

यदि आपके फिजिक्स में रुचि है तो आप फिजिक्स में b.Ed करके भौतिक शास्त्र के शिक्षण बन सकते हैं। निचली कक्षाओं में तो विज्ञान को एक साथ मिलाकर ही पढ़ा जाता है फिर भी फिजिक्स के टीचर्स की मांग रहती है।

Higher standard में खास तौर पर फिजिक्स के टीचर की जरूरत पड़ती है। फिजिक्स का टीचर बनने के लिए आपका साइंस स्ट्रीम से होना अनिवार्य है।

b.Ed से पहले ग्रेजुएशन में आपको physics में बीएससी करना होता है, बीएससी के बाद आप एमएससी करके भी b.Ed कर सकते हैं। pgt physics टीचर्स की सैलरी अच्छी खासी होती है।

5. Chemistry (रसायन विज्ञान)

साइंस में केमिस्ट्री के लिए भी वही बात है, जिन छात्रों की रसायन शास्त्र में रुचि हो वह पहले बीएससी में केमिस्ट्री लेकर पढ़ेंगे, फिर वह केमिस्ट्री में एमएससी भी कर सकते हैं या सीधे b.sc के बाद b.Ed में केमिस्ट्री से दाखिला ले सकते हैं।

Chemistry से b.Ed की डिग्री पाकर आप केमिस्ट्री के शिक्षक बन सकते हैं। सरकारी स्कूलों, High schools और private schools में भी केमिस्ट्री के टीचर्स की जरूरत रहती है। 

6. Biology (जैविक विज्ञान)

विज्ञान के दूसरे विषयों की तरह बायोलॉजी का भी उतना ही महत्व है, जिन विद्यार्थियों की बायोलॉजी में रुचि होती है वे b.Ed में बायोलॉजी में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं जिससे वह बायोलॉजी के टीचर बनने के योग्य हो जाते हैं।

जीव विज्ञान के अंतर्गत जीव जंतुओं और पेड़ पौधों आदि से संबंधित चीजें पढ़नी और पढ़ानी होती हैं।

स्कूलों और दूसरे शिक्षण संस्थानों में जीव विज्ञान के शिक्षको की हमेशा जरूरत रहती है और उनकी सैलरी भी अच्छी खासी रहती है।

7. Economics (अर्थशास्त्र)

Economics commerce और arts stream में भी आता है, 12वीं पूरी हो जाने के बाद यदि आप अंडर ग्रेजुएशन में बीए या बीकॉम में इकोनॉमिक्स यानी अर्थशास्त्र को रखते हैं तो आप बीए पूरी हो जाने के बाद अर्थशास्त्र से b.Ed पूरी करके इकोनॉमिक्स के टीचर बन सकते हैं।

इकोनॉमिक्स सामाजिक विज्ञान का एक मुख्य भाग होता है, इकोनॉमिक्स के टीचर्स की भी स्कूलों में जरूरत रहती है।

8. Business (व्यापार)

बिजनेस यानि व्यापार भी आज की पढ़ाई का एक महत्वपूर्ण विषय है, एमबीए जैसे कोर्स इसके बारे में भी आपने शायद सुना होगा जिसमें बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई कराई जाती है।

आप b.ed में भी बिजनेस को मुख्य विषय के तौर पर लेकर पढ़ सकते हैं। कई ऐसे शिक्षण संस्थान होते हैं जहां बिजनेस पढ़ाने के लिए शिक्षकों की जरूरत होती है।

9. Geography (भूगोल)

सामाजिक विज्ञान का ही एक और रोचक और लोकप्रिय विषय है भूगोल। भूगोल के अंतर्गत हम भौगोलिक संरचनाएं, भू आकृति देश विदेश की स्थिति आदि जैसी चीजें पढ़ते हैं।

जिन विद्यार्थियों की भूगोल में रुचि रहती है, वे 12वीं के बाद पहले b.a. में भूगोल को मुख्य सब्जेक्ट के रूप में रख सकते हैं उसके बाद b.Ed में भी वे भूगोल की ही पढ़ाई करके ज्योग्राफी के शिक्षक बन सकते हैं।

सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में जियोग्राफी अनिवार्य रूप से पढ़ाई जाती है।

10. Natural science (प्राकृतिक विज्ञान )

विज्ञान के अंतर्गत सिर्फ फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी ही नहीं बल्कि और भी बहुत सारे विषय आते हैं। उन्हीं में से नेचुरल साइंस यानी प्राकृतिक विज्ञान भी एक है।

इस विषय के अंतर्गत प्रकृति से संबंधित घटको इत्यादि के बारे में अध्ययन किया जाता है। यदि आपके इस विषय में रुचि हो तो आप इसमें b.ed करके इस विषय के शिक्षक के तौर पर पाठन का कार्य कर सकते हैं।

11. Physical education (शारीरिक शिक्षा)

किताबी पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक शिक्षा में उतनी ही जरूरी होती है, लगभग हर सरकारी और प्राइवेट स्कूलों और दूसरे शिक्षण संस्थानों में भी शारीरिक शिक्षा के लिए अलग से शिक्षक होते हैं, जो शारीरिक कसरत, योग और व्यायाम आदि  की शिक्षा देते हैं।

B.Ed में आप शारीरिक शिक्षा लेकर भी पढ़ाई कर सकते हैं, और आगे physical education के टीचर बन सकते हैं।

12. Political science (राजनीतिक विज्ञान)

B.Ed में भी पॉलिटिकल साइंस ने राजनीति विज्ञान एक लोकप्रिय विषय होता है। बहुत से विद्यार्थियों की जिनकी राजनीति में रुचि हो, उनकी पहली पसंद पॉलिटिकल साइंस होती है।

आप पॉलिटिकल साइंस में पहले भी यह और फिर मर्जी होने पर m.a. करके b.Ed में भी पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई करके इस विषय में विशेषज्ञ बन सकते हैं और फिर किस शिक्षण संस्थान में राजनीतिक विज्ञान के शिक्षक के रूप में कार्यरत हो सकते हैं।

13. Computer science (कंप्यूटर विज्ञान)

कंप्यूटर साइंस बी आज के समय के हिसाब से एक महत्वपूर्ण विषय बन जाता है। कंप्यूटर जैसे विषय में रुचि रखने वाले अभ्यार्थी b.Ed से पहले कंप्यूटर साइंस में बीए और फिर एमए भी कर सकते हैं।

कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद वे कंप्यूटर साइंस से b.Ed पूरा कर सकते हैं जिससे वह कंप्यूटर के शिक्षक के तौर पर कार्य कर सकें।

14. Different languages

हमने ऊपर सिर्फ हिंदी और इंग्लिश भाषा की बात की पर उन दो भाषाओं के अलावा भी भारत में कई सारी भाषाएं बोली जाती है, अपने राज्य के हिसाब से आप दूसरे किसी भाषा में भी b.Ed कर सकते हैं।

उस भाषा में बैचलर ऑफ एजुकेशन की डिग्री प्राप्त कर लेने के बाद आप वह भाषा पढ़ाने के योग्य बन जाते हैं। जिन भी स्कूल और शिक्षण संस्थानों में वह भाषाएं पढ़ाई जाती होगी, आप वहां उस भाषा के अध्यापक के तौर पर पढ़ा सकते हैं।

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने b.Ed के सब्जेक्ट के बारे में बात की है। यहां हमने जाना है कि b.Ed में कौन-कौन से विषय होते हैं।

B.Ed की तैयारी के दौरान कौन-कौन से विषय पढ़ने होते हैं? और b.Ed के दौरान कौन-कौन से विषय पढ़ सकते हैं यानी किन विषयों में b.Ed कर के टीचर बन सकते हैं।

हम उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपके लिए informative रही होगी। 

इससे संबंधित कोई प्रश्न आदि यदि आपके मन में रहता है और आप उसका जवाब चाहते हैं तो हमें नीचे कमेंट सेक्शन में comment करके पूछ सकते हैं। 

1 thought on “B.Ed में कितने Subjects होते हैं? | B.Ed me kitne subject hote hain”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *