बीएड (B.Ed) कितने साल का होता है? | B.Ed kitne sal ka hota hai

दोस्तों इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि b.Ed कितने साल का होता है?

आज के समय में बहुत से विद्यार्थी टीचिंग प्रोफेशन में जाना चाहते हैं, वे एक शिक्षक के रूप में नौकरी करना चाहते हैं।

भारत के स्कूलों में टीचरों की सैलरी भी अच्छी खासी होती है।

और वर्तमान में एक Proper Teacher बनने के लिए B.ed का कोर्स करना अनिवार्य है।

सरकार द्वारा b.ed को टीचर बनने के लिए एक अनिवार्य योग्यता घोषित कर दी गई है।

ऐसे में जो विद्यार्थी टीचर बनना चाहते हैं, वे सामान्यतः graduation के बाद b.ed के लिए जाते हैं।

B.ed course से संबंधित एक बहुत ही कॉमन सवाल कई विद्यार्थियों के मन में रहता है कि B.Ed कितने साल का होता है? या b.Ed कोर्स की अवधि कितनी होती है?

बीएड (B.Ed) कितने साल का होता है?

यहां इस आर्टिकल में हम मुख्य तौर पर यही जानेंगे कि B.Ed कितने साल का होता है?

कई बार विद्यार्थियों के मन में b.Ed कोर्स की अवधि को लेकर कन्फ्यूजन रहता है।

यहां हम विस्तार से b.Ed कोर्स के बारे में, और मुख्य द्वार पर b.Ed कोर्स की अवधि के बारे में जानेंगे कि B.Ed कितने साल का होता है?

B.Ed कितने साल का होता है?

B.Ed का कोर्स सामान्यत: 2 साल का होता है। परंतु यदि विद्यार्थी 12वीं के बाद b.Ed में दाखिला चाहते हैं, तो वे इंटीग्रेटेड b.Ed कोर्स में दाखिला ले सकते हैं।

जिस स्थिति में इस कोर्स की अवधि 2 साल से बढ़कर 4 साल की हो जाती है।

वहीं यदि विद्यार्थी ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन कर लेते हैं, और तब b.Ed का कोर्स करना चाहते हैं तो उस स्थिति में b.Ed कोर्स की अवधि 1 साल की हो जाती है।

इससे B.ED कॉलेज की फ़ीस कम लगती है। जिससे Students की पैसे की काफ़ी बचत होती हैं।

आमतौर पर विद्यार्थी पहले ग्रेजुएशन की पढ़ाई करते हैं और उसके बाद वे b.Ed का कोर्स करने के लिए जाते हैं।

इस स्थिति में उनके लिए b.Ed कोर्स की अवधि 2 वर्ष की होती है। ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद वे 2 साल का b.Ed कोर्स कर सकते हैं और टीचिंग प्रोफेशन में अपना करियर बना सकते हैं।

लेकिन b.Ed का कोर्स करने का यही एकमात्र विकल्प नहीं है।

यानी कि यदि विद्यार्थी ग्रेजुएशन नहीं करते हैं, और टीचिंग प्रोफेशन में जाने की इच्छा रखते हैं तो उनके लिए इंटीग्रेटेड b.Ed कोर्स का भी विकल्प मौजूद होता है।

यदि कोई विद्यार्थी ऐसे हैं जिनका लक्ष्य शुरू से ही टीचिंग प्रोफेशन में जाना, यानी कि एक टीचर बनने का है तो वह 12वीं के बाद सीधा b.Ed इंटीग्रेटेड कोर्स में दाखिला ले सकते हैं।

इसके अलावा विद्यार्थी ऐसा भी कर सकते हैं कि ग्रेजुएशन करें फिर पोस्ट ग्रेजुएशन करें और उसके बाद b.Ed में दाखिला लें।

तो b.Ed करने के लिए विद्यार्थियों के पास तीन विकल्प हो जाते हैं – 

  • 12वीं के बाद b.Ed
  • ग्रेजुएशन के बाद b.Ed
  • पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद b.Ed

12वीं के बाद B.Ed कितने साल का होता है?

12वीं के बाद b.Ed कोर्स की अवधि 4 वर्ष की होती है। वैसे विद्यार्थी जिनका शुरू से ही लक्ष्य एक टीचर बनने का हो, वे 12वीं के बाद ही b.Ed के लिए जा सकते हैं, एवं 12th के बाद टीचर बन सकते हैं

यहां पर इंटीग्रेटेड का मतलब है कि इसमें ग्रेजुएशन और b.ed इंटीग्रेटेड होते हैं, यानी इस कोर्स में ग्रेजुएशन और b.ed दोनों की ही पढ़ाई एक साथ हो जाती है।

जानिए की B.Ed में कितने Subjects होते हैं?

बहुत से विद्यार्थियों के लिए यही b.Ed इंटीग्रेटेड कोर्स सही रहता है। क्योंकि यदि विद्यार्थी 12वीं के बाद पहले ग्रेजुएशन के लिए जाते हैं, तो ग्रेजुएशन पूरा करने में उन्हें 3 साल का समय लगता है।

और उसके बाद b.Ed की अवधि 2 वर्ष की होती है, यानी कि b.Ed पूरा करने में कुल मिलाकर समय 3+2 = 5 वर्ष की लग जाती है।

वहीं यदि विद्यार्थी सीधा इंटीग्रेटेड b.Ed कोर्स करते हैं, तो यह 4 साल में पूरा हो जाता है, यानी कि आपकी 1 साल की बचत हो जाती है।

ग्रेजुएशन के बाद B.Ed कितने साल का होता है?

Graduation के बाद b.Ed 2 साल का होता है, इसके बारे में हमने ऊपर बात की है।

सामान्यतः विद्यार्थी ग्रेजुएशन के बाद ही b.Ed के कोर्स में दाखिला लेते हैं।

B.ed का कोर्स उन students के लिए 2 साल का होता है, जो ग्रेजुएशन के बाद B.Ed का कोर्स करते हैं।

इस स्थिति में विद्यार्थी पहले अपनी पसंद के विषय में स्नातक/ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करते हैं।

और उसके बाद यदि वे उसी विषय में आगे पढ़ाने की इच्छा रखते हैं, और एक टीचर बनना चाहते हैं, तो b.Ed के कोर्स में दाखिला लेते हैं, जिसमें उन्हें 2 वर्ष की अवधि तक एक टीचर के तौर पर पढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है।

Graduation के बाद विद्यार्थी आसानी से किसी भी b.Ed कॉलेज में दाखिला ले सकते हैं।

ज्यादातर कॉलेजों में मेरिट बेसिस पर b.Ed में दाखिला हो जाता है। जबकि कुछ कॉलेजों में विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा भी देनी होती है।

प्रवेश परीक्षा पास करने पर विद्यार्थी अच्छे सरकारी कॉलेज से b.Ed कर सकते हैं, जहां उन्हें फीस काफी कम देनी होती है, वहीं प्राइवेट कॉलेज में b.Ed की फीस जाहिर तौर पर ज्यादा ही रहती है।

पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद B.Ed कितने साल का होता है?

अब एक विकल्प यह भी रहता है कि विद्यार्थी 12वीं के बाद पहले ग्रेजुएशन कर ले, और ग्रेजुएशन पूरा होने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन कर लें, और पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद b.Ed का कोर्स करें।

इस स्थिति में b.Ed कोर्स की अवधि 1 साल की हो जाती है।

लेकिन यदि कुल मिलाकर समय देखे तो यह और भी बढ़ जाती है।

क्योंकि 12वीं के बाद ग्रेजुएशन करने में आपको 3 साल लगते हैं, उसके बाद यदि आप पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए जाते हैं तो उसमें आपको 2 साल लगते हैं।

और इसके बाद यदि आप 1 साल का b.Ed करते हैं। तो 12वीं के बाद b.Ed पूरी होने में आपको कुल समय 3+2+1 = 6 साल का लग जाता है।

B.Ed के बाद टीचर बन सकते हैं?

चाहे आप कैसे भी b.Ed की पढ़ाई पूरी करें। एक बार b.Ed पूरा कर लेने के बाद आप टीचर बनने के योग्य हो जाते हैं।

हालांकि टीचर के तौर पर नियुक्त होने के लिए जो परीक्षाएं आयोजित होती है, आपको वो देनी पड़ती है। इस तरह b.Ed के बाद आप एक टीचर बन सकते हैं।

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने बात की है कि b.Ed कितने साल का होता है?

बहुत से विद्यार्थी आज एक टीचर बनना चाहते हैं और उसके लिए उन्हें b.Ed का कोर्स करना होता है। भाषा विद्यार्थियों के मन में यह सवाल रहता है कि b.Ed की अवधि कितनी होती है?

आप 12वीं के बाद, या ग्रेजुएशन के बाद, या पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद भी b.Ed कर सकते हैं।

और यहां हमने तीनों ही स्थिति में b.Ed कितने साल का होता है, इस बारे में चर्चा की है।

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