जिला कलेक्टर की सैलरी कितनी होती है?

जिला कलेक्टर की सैलरी कितनी होती है? एक जिला कलेक्टर महीने का कितना कमाता है? जिला कलेक्टर को कितनी तनख्वाह मिलती है? इस तरह के सवाल कई बार लोगों द्वारा सर्च किए जाते हैं। दोस्तों जब किसी जिले के उच्च पदों के अधिकारियों की बात होती है तो उनमें district collector का नाम सबसे ऊपर रहता है। किसी भी जिले के प्रमुख यही होते हैं, ऐसे में कई सारे लोगों के मन में यह सवाल आ सकता है, और आता भी है कि आखिर जिले के प्रमुख अधिकारी की सैलरी कितनी होती है।

आज यहां इस लेख में हम मुख्यतः इसी की चर्चा करेंगे की एक जिला कलेक्टर की सैलरी कितनी होती है।

जिस अधिकारी के ऊपर पूरे जिले का कार्यभार होता है उसे भारत सरकार द्वारा महीने की कितनी तनख्वाह दी जाती है।

सैलरी के साथ साथ एक जिला कलेक्टर का क्या काम होता है, और उसके बारे में दूसरी जरूरी बातें भी संक्षिप्त में जानेंगे।

जिला कलेक्टर की सैलरी कितनी होती है?

एक जिला कलेक्टर की सैलरी के बारे विद्यार्थी इसलिए भी जानना चाहते हैं क्योंकि वे खुद भी आगे चलकर एक कलेक्टर (IAS officer) बनना चाहते हैं।

एक जिला कलेक्टर का काम और Salary

एक जिला कलेक्टर की सैलरी के बारे में जानने से पहले संक्षिप्त में यह जान लेते हैं कि जिला कलेक्टर का काम क्या होता है यानी एक जिला कलेक्टर क्या करता है।

जिला कलेक्टर का काम जिले में होने वाले सभी गतिविधियों की देखरेख करने यानी कि जिले में शासन व्यवस्था बनाए रखने का होता है।

जिले के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में जो भी कार्य है, जैसे पंचायत तथा ग्रामीण क्षेत्रो के विकास, चिकत्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, हॉस्पिटल, कृषि संबंधित जो भी परेशानिया है, महिलाओ के अधिकार, जिले के बच्चो की शिक्षा, जिले के लिए लाइट एवं उर्जा, खेलकूद, पशुपालन, परिवहन के साधनों की जिम्मेदारी और इस जैसी अनेको समस्याओ का हल निकालने एवं नई सेवाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी एक जिला कलेक्टर की ही होती है।

आपने यदि IAS officer का नाम सुना है, तो आईएएस अधिकारी ही जिला कलेक्टर बनते हैं।

कलेक्टर के पद के लिय भारत सरकार हर साल अलग लग राज्यों की भर्ती करवाती है, union public service commission of India (UPSC) द्वारा हर साल civil services examinations (CSE) की परीक्षा ली जाती है जिसमें लाखों छात्र बैठते हैं।

यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा होती है और इसे पास करने वाले top के उम्मीदवारों को IAS के पद के लिए चुना जाता है और उनमें से ही कुछ जिला कलेक्टर भी बनते हैं।

जिला Collector का मासिक वेतन

जिलाधिकारी या जिला कलेक्टर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अंतर्गत ही काम करते हैं।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा को पास करके IAS अधिकारी बनने वाले उम्मीदवारों को काफी बढ़िया सैलरी मिलती है, जो आईएएस अधिकारी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर बनते हैं उनकी मासिक तनख्वाह लाखों रुपए तक भी जाती है।

7वें वेतन आयोग के अनुसार किसी भी आईएएस अधिकारी का मूल वेतन 56100 रुपये है।

इसके साथ साथ आईएएस अधिकारियों को यात्रा भत्ता और महंगाई भत्ता आदि समेत कई अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तो एक आईएएस अधिकारी की कुल सैलरी 1 लाख रुपये प्रति माह से भी ज्यादा होती है, और यह बात सच भी है।

किसी आईएएस अधिकारी के अधिकतम वेतन की बात करें तो एक कैबिनेट सचिव के रूप में प्रतिनियुक्त IAS अधिकारी को सबसे अधिक वेतन मिलता है।

अगर कोई आईएएस अधिकारी कैबिनेट सचिव के पद पर पहुंच जाता है तो उसकी सैलरी 2,50,000 रुपये प्रतिमाह पहुंच जाती है। एक IAS officer का वेतन IAS अधिकारियों के ग्रेड द्वारा नियंत्रित होता है।

अपनी सर्विस में उन्होंने कितने वर्ष काम किया है इसके आधार पर IAS अधिकारियों को ग्रेड दिए जाते हैं।

IAS अधिकारियों को उनके वर्षों के अनुभव के आधार पर नियमित रूप से उच्च ग्रेड में अपग्रेड किया जाता है, कभी-कभी उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें प्रमोट भी किया जाता है और प्रमोशन के साथ उनकी सैलरी में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

जिला कलेक्टर (IAS Officer) की Salary में शामिल भत्ते

IAS salary structure को 8 grade में विभाजित किया गया है। प्रत्येक ग्रेड का एक fixed basic pay और grade pay होता है। IAS वेतन का यह घटक पूरे ग्रेड में तय किया जाता है।

IAS की सैलरी में basic pay, grade pay, महंगाई भत्ता (Dearness Allowance (DA), हाउस रेंट अलाउंस (House Rent Allowance (HRA), चिकित्सा भत्ता (Medical Allowance), वाहन भत्ता (Conveyance Allowance) इत्यादि शामिल हैं।

DA पोस्टिंग के शहर पर निर्भर करता है और यह हर शहर में अलग-अलग होता है।

उसी तरह HRA भी IAS अधिकारी के आवास पर निर्भर करता है, यदि आधिकारी सरकार द्वारा प्रदान की गई आवास सुविधा का लाभ उठा रहा है तो वह HRA का हकदार होगा।

सभी भत्ते अलग-अलग पदों के अधिकारियों के लिए भिन्न होते हैं।

Dearness allowance आईएएस अधिकारी के वेतन का सबसे महत्वपूर्ण कॉम्पोनेंट है और इसे सरकार द्वारा समय-समय पर बढ़ाया भी जाता है।

इसे मूल वेतन के 103 फीसदी तक बढ़ाया जाता है, केंद्र सरकार समय-समय पर कर्मचारियों के DA को संशोधित करती है।

House rent allowance बेसिक सैलरी के 8% से 24% तक होता है।

जिला कलेक्टर कैसे बन सकते हैं?

आसान भाषा में, एक जिला कलेक्टर बनने के लिए आपको पहले यूपीएससी द्वारा ली जाने वाली सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन यानी CSE को पास करना होता है।

यूपीएससी की परीक्षा पास करके आप IAS अधिकारी बन जाते हैं, आईएएस अधिकारी के पद पर कुछ समय रहने के बाद आपको पदोन्नति देकर जिला कलेक्टर बनाया जाता है।

एक जिला कलेक्टर बनाने के लिए काफी मेहनत करनी होती है। हर साल लाखों उम्मीदवार आईएएस की परीक्षा में बैठते हैं लेकिन उसमें से कुछ सौ ही आईएएस अधिकारी बन पाते हैं।

यदि आपका लक्ष्य एक जिला कलेक्टर बनने का है तो आपको दसवीं के बाद से ही यूपीएससी की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

जिला कलेक्टर बनने के लिए योग्यता की बात करो तो जिन छात्रों का जिला कलेक्टर बनने का सपना होता है उनका भारत का निवासी होना अनिवार्य है, आवेदक की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए, शैक्षणिक योग्यता में उम्मीदवारों की योग्यता कम से कम ग्रेजुएशन है, यदि आप ग्रेजुएशन के अंतिम साल में हैं तो आप भी परीक्षा देने की पात्रता रखते हैं।

आरक्षित जाति के व्यक्तियों को कई तरह की अलग-अलग सुविधाएं भी दी जाती हैं।

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