पोस्ट ग्रेजुएशन कितने साल का होता है? | Post graduation kitne saal ka hota hai

दोस्तों इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि पोस्ट ग्रेजुएशन कितने साल का होता है?

हर विद्यार्थी अपने करियर में अच्छी से अच्छी नौकरी चाहता है, और इसके लिए उस विद्यार्थी के पास जितनी अधिक शैक्षणिक योग्यता होगी, उसे नौकरी मिलने में उतनी ही आसानी होती है।

देश में पोस्ट ग्रेजुएशन जिसे पीजी के नाम से भी जाना जाता है, एक उच्च स्तरीय शैक्षणिक योग्यता है जिसके बाद विद्यार्थी के लिए आगे करियर के अनेक अच्छे विकल्प खुलते हैं। 

इस लेख में हम पोस्ट ग्रेजुएशन की बात करेंगे कि उसमें भी मुख्य तौर पर यह कि पोस्ट ग्रेजुएशन कितने साल का होता है?

असल में पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग courses उपलब्ध हैं, और उन सारे courses की अवधी एक समान नहीं होती है।

पोस्ट ग्रेजुएशन कितने साल का होता है?

इसलिए कई बार विद्यार्थियों के मन में यह सवाल आता है कि पोस्ट ग्रेजुएशन कितने साल का होता है?

यहां हम इसी के बारे में जानेंगे, पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर उपलब्ध अलग-अलग courses और खास तौर पर उनकी अवधि की बात करेंगे।

आज हम जानेंगे

Post Graduation कितने साल का होता है?

सामान्यत: पोस्ट ग्रेजुएशन 2 साल का होता है। परंतु MCA जैसे पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल कोर्स की बात करें तो इसकी अवधि 3 साल की भी होती है।

इसके अलावा भी पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर उपलब्ध कुछ courses की अवधी अलग होती है।

असल में जब हम पोस्ट ग्रेजुएशन की बात करते हैं तो ज्यादातर विद्यार्थियों के मन में M.Sc, M.Com और M.A का ही नाम आता है।

12वीं के बाद जो विद्यार्थी सिंपल ग्रेजुएशन में दाखिला लेते हैं यानी कि बीएससी बीकॉम या फिर बीए में, वे अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी होने के बाद यदि आगे और पढ़ने की इच्छा रखते हैं, तो फिर वे पोस्ट ग्रेजुएशन में अपने ग्रेजुएशन के विषय के हिसाब से एमएससी, एमकॉम और एमए में एडमिशन ले सकते हैं। 

पर असल में बीएससी बीए और बीकॉम के अलावा भी ग्रेजुएशन लेवल पर कई सारे courses उपलब्ध हैं।

और फिर उसी तरह ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन में भी M.Sc, M.Com और M.A के अलावा कई सारे courses उपलब्ध हैं।

Post Graduation courses में निम्नलिखित मुख्य नाम आते हैं – 

  • M.Sc
  • M.com
  • M.A
  • MHM
  • MCA
  • M.tech
  • MBA
  • M.ed
  • MTTM
  • MPT
  • M.Sc.tech
  • M.F.A
  • M.Arch
  • LLM
  • आदि

पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर ऑफर किए जाने वाले courses में यही सारे मुख्य नाम आते हैं।

अब इनमें से ज्यादातर में विद्यार्थी अलग-अलग विषयों का चुनाव कर सकते हैं, लेकिन उससे कोर्स की अवधि में कोई अंतर नहीं पड़ता है।

अब एक-एक करके इन post graduation courses की अवधी और उनके बारे में थोड़ा संक्षेप में बात कर लेते हैं।

अलग-अलग post graduation courses कितने साल के होते हैं?

M.Sc

एमएससी के बारे में ज्यादातर विद्यार्थी जानते ही होंगे। एमएससी का पुराना मास्टर ऑफ साइंस होता है, यह एक पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स है, जो कि 2 साल का होता है।

साइंस स्ट्रीम के विद्यार्थी 12वीं के बाद बीएससी करते हैं, और बीएससी के बाद वे पोस्ट ग्रेजुएशन में एमएससी में दाखिला ले सकते हैं। विद्यार्थी अपने हिसाब से अलग-अलग विषयों में एमएससी कर सकते हैं।

M.com

कॉमर्स स्ट्रीम के जो विद्यार्थी होते हैं, वे 12वीं के बाद सिंपल ग्रेजुएशन में पहले बीकॉम और बीकॉम पूरी हो जाने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन में एमकॉम कर सकते हैं।

एमकॉम का पूरा नाम मास्टर ऑफ कॉमर्स होता है, और साइंस की ही तरह विद्यार्थी अपनी रुचि के हिसाब से कॉमर्स के किसी भी विषय में एमकॉम कर सकते हैं। M.Com की अवधी भी 2 वर्ष की ही होती है। 

M.A

इसी तरह से जो विद्यार्थी arts stream के होते हैं, वे 12वीं के बाद सिंपल ग्रेजुएशन में b.a. यानी कि बैचलर ऑफ आर्ट्स और उसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन में m.a. यानी की मास्टर ऑफ आर्ट्स करते हैं।

एमए की अवधि भी 2 साल की ही होती है। अपनी रुचि के हिसाब से विद्यार्थी आर्ट्स के किसी भी विषय में 12वीं के बाद बीए और फिर m a कर सकते हैं।

साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम के विद्यार्थी भी m.a. कर सकते हैं पर उनका 12वीं के बाद b.a. करना जरूरी है।

MHM

होटल मैनेजमेंट वर्तमान में काफी तेजी से बढ़ता हुआ उद्योग है। होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करके आज इस क्षेत्र में एक बेहतरीन करियर बनाया जा सकता है।

इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थी 12वीं के बाद पहले बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर सकते हैं और उसके बाद MHM यानी कि master of hotel management का कोर्स कर सकते हैं, इस कोर्स की अवधि भी 2 वर्ष की ही होती है।

MCA

एम सी ए का पूरा नाम master of computer application होता है।

कंप्यूटर के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थी 12वीं के बाद पहले ग्रेजुएशन लेवल पर बीसीए यानी बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन कर सकते हैं और उसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन में एमसीए का कोर्स कर सकते हैं।

दुसरे post graduation courses से अलग एमसीए कोर्स की अवधि 2 के बजाय 3 साल की होती है।

M.tech

M.tech की अवधि भी 2 वर्ष की होती है। इंजीनियरिंग वैसे भी सबसे ज्यादा लोकप्रिय करियर ऑप्शंस में आता है।

12वीं के बाद इंजीनियरिंग करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थी अंडर ग्रेजुएशन लेवल पर सामान्यत: बीटेक में एडमिशन लेते हैं।

और बीटेक पूरी करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर एमटेक में दाखिला ले सकते हैं। इंजीनियरिंग के अलग-अलग trade/streams में से विद्यार्थी अपने हिसाब से किसी में भी m-tech कर सकते हैं।

MBA

एमबीए की अवधि भी 2 वर्ष की होती है। एमबीए का 5 वर्तमान में सबसे लोकप्रिय कोर्सेज में आता है।

एम बी ए का पूरा नाम मास्टर आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन है, जो कि मुख्य तौर पर व्यापार और उसके प्रबंधन से संबंधित पढ़ाई होती है।

किसी भी बैचलर डिग्री के बाद विद्यार्थी पोस्ट ग्रेजुएशन में MBA के लिए जा सकते हैं।

M.ed

M.ed की अवधि भी 2 वर्ष की ही होती है। M.Ed का पुरा नाम मास्टर ऑफ एजुकेशन होता है।

टीचिंग प्रोफेशन में जाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थी 12वीं या फिर ग्रेजुएशन के बाद b.ed और फिर b.Ed के बाद m.Ed में दाखिला ले सकते हैं।

MTTM

MTTM का पूरा नाम master of tourism and travel management होता है। इस कोर्स की अवधि भी 2 वर्ष की होती है।

वर्तमान में टूरिज्म इंडस्ट्री भी अच्छे करियर के लिए एक अच्छा विकल्प है। इसमें बैचलर डिग्री के बाद विद्यार्थी इस मास्टर डिग्री के लिए जा सकते हैं।

MPT

इसका पूरा नाम Master of physiotherapy होता है। यह पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर मेडिकल क्षेत्र से संबंधित एक कोर्स है और इसकी अवधि भी 2 वर्ष की ही होती है। ग्रेजुएशन पूरी होने के बाद विद्यार्थी इस पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स के लिए जा सकता है।

M.F.A

इसका पूरा नाम master of Fine Arts है। 12वीं के बाद विद्यार्थी फाइन आर्ट्स में ग्रेजुएशन कर सकते हैं, और उसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन में इस कोर्स के लिए जा सकते हैं। इसकी अवधि भी 2 वर्ष की ही होती है।

M.Arch

इस पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स की अवधि भी 2 साल की होती है। इसका पूरा नाम master of architecture होता है। आर्किटेक्चर में जाने की सोचने वाले विद्यार्थी 12वीं के बाद इसमें ग्रेजुएशन यानी कि B.Arch और उसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन यानी कि M.Arch कर सकते हैं।

LLM

इस पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स की अवधि भी 2 वर्ष की ही होती है। इसका पूरा नाम मास्टर ऑफ लॉस (master of laws) होता है। इस क्षेत्र में करियर बनाने की सोचने वाले विद्यार्थी 12वीं के बाद इसमें ग्रेजुएशन और फिर पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकते हैं।

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने मुख्य तौर पर यही बात की है कि पोस्ट ग्रेजुएशन कितने साल का होता है?

यहां हमने पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर ऑफर किए जाने वाले अलग-अलग courses की बात की है, और खासतौर पर उन की अवधि के बारे में भी जाना है।

कुछ पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज की अवधि में अंतर होता है, यहां हमने सभी मुख्य courses की बात की है।

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