नीट में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए? | NEET me pass hone ke liye kitne number chahiye

दोस्तों डॉक्टरी या फिर कहें मेडिकल का क्षेत्र वर्तमान समय में सबसे ज्यादा चुने जाने वाले करियर ऑप्शन में आता है।

हर साल लाखों की संख्या में युवा मेडिकल के अलग-अलग courses में दाखिला लेते हैं, इसमें MBBS जैसा कोर्स सबसे लोकप्रिय है।

इसके अलावा बीडीएस, b.sc nursing और AIIMS आदि में भी एडमिशन के लिए मेडिकल के विद्यार्थियों को NEET की परीक्षा अच्छे अंको से पास करनी होती है।

मेडिकल लाइन में एक अच्छा करियर बनाने के लिए नीट की परीक्षा पास करने को आप अनिवार्य कह सकते हैं। ऐसे में बहुत से विद्यार्थियों के मन में यह सवाल आना स्वाभाविक है कि आखिर NEET में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए?

नीट में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए?

यहां इस आर्टिकल में हम मुख्य तौर पर इसी के बारे में जानेंगे कि NEET की परीक्षा पास करने के लिए उम्मीदवारों को कितने नंबर लाने होते हैं?

यह परीक्षा पास करने के लिए कितने नंबर चाहिए, इसके बारे में विद्यार्थियों को सही जानकारी होनी चाहिए ताकि वह उसी अनुसार सही मेहनत के साथ उस परीक्षा की तैयारी करें।

नीट में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए?

नीट प्रवेश परीक्षा है जिसके जरिए हमें मेडिकल कॉलेज में मेडिकल की पढ़ाई के लिए दाखिला मिलता है, नीट में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए निर्भर करता है कि आप किस वर्ग से हैं नीट में पास होने के लिए सामान्य वर्ग को 50 परसेंटाइल चाहिए होते हैं।

जबकि SC/ST/OBC वर्ग के छात्रों के लिए 40 परसेंटाइल अंक चाहिए होते हैं। नीट में पास होने के लिए General-PH वर्ग के 45 परसेंटाइल चाहिए होते हैं।

नीट में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए 2022?

जैसा कि हम जानते हैं प्रवेश परीक्षा के द्वारा आजकल हमें कॉलेज में दाखिला मिलता है और जितना अच्छा अंक हम अपने पर इस परीक्षा में लाएंगे उतना अच्छे कॉलेज में हमारा दाखिला होगा। नीट भी एक प्रवेश परीक्षा जिसके जरिए हमें मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलता है, जितने अच्छे अंक आएंगे उतना अच्छे मेडिकल कॉलेज में हमारा एडमिशन होगा।

नीट में पास होने के लिए 2022 में 140 से लेकर 720 अंक लाने होते हैं। पर अगर आप एक अच्छे सरकारी कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं तो नेट में आपको लगभग 600 से ज्यादा अंक लाने होंगे और वह एक अच्छे प्राइवेट कॉलेज में दाखिला लेने के लिए आपको 550 से ज्यादा अंक प्राप्त करने होंगे।

दोस्तों NEET की परीक्षा क्वालीफाई करने के लिए कितने नंबर चाहिए, इसके बारे में बात करने से पहले थोड़ा सा NEET परीक्षा के बारे में बात करते हैं।

NEET का पूरा नाम  National Eligibility cum Entrance Test है। नीट की परीक्षा NTA यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जाती है, जो की हर साल यह परीक्षा लेते है।

नीट की परीक्षा में आए अंकों के आधार पर ही मेडिकल के विद्यार्थियों को एमबीबीएस, बीडीएस, बीएससी नर्सिंग जैसे कोर्स में किसी अच्छे सरकारी कॉलेज में दाखिला मिलता है।

पिछले कुछ सालों से देखा जाए तो नीट में पास होने के लिए आपको लगभग 140 से लेकर 150 नम्बर लाने होते हैं। अगर आप नीट की परीक्षा में 140 लेकर आते हैं तो आप यह परीक्षा पास कर लेते हैं।

पर इस परीक्षा को पास करना मुख्य उद्देश्य नहीं है! इस परीक्षा के जरिए बहुत सारे कॉलेज में मेडिकल की पढ़ाई के लिए दाखिला होता है।

इसलिए इस परीक्षा में आपको बहुत ही अच्छे अंक लाने होते हैं किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला के लिए लगभग 650 वही किसी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में दाखिला के लिए आपको लगभग 550नंबर नीट की परीक्षा में लाने होंगे

Neet में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए, यह इस बात पर निर्भर करता है की Neet की परीक्षा में cut off मार्क्स कितनी है। आपको cut off मार्क्स से ज्यादा अंक लाने होते हैं।

हर साल लाखों मेडिकल विद्यार्थी नीट की परीक्षा में बैठते हैं, जिसमें से अच्छे अंक लाने वालों का एडमिशन अच्छे मेडिकल शिक्षण संस्थानों में होता है, जो NEET की परीक्षा पास नहीं कर पाते वे प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन ले सकते हैं या फिर वे अगले साल के लिए नीट की तैयारी करते हैं।

NEET पास करने के लिए Cut Off से ज्यादा नंबर लाने होते हैं? 

अब बात करें कि नेट की परीक्षा पास करने के लिए कितने मार्क्स लाने होते हैं, तो असल में ऐसा नहीं है कि NEET पास करने के लिए कोई एक निर्धारित अंक सीमा तय है कि आपको कोई fixed marks जितने नंबर लाने होते हैं और आप NEET पास कर जाएंगे। 

असल में इस परीक्षा में कटऑफ मार्क्स होते हैं।

कट ऑफ मार्क्स का मतलब है कि आपको पास होने के लिए इस कट ऑफ मार्क्स से ज्यादा अंक लाने होते हैं।

और यह कट ऑफ मार्क्स हर साल अलग-अलग वर्गों के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग निकलता है।

कट ऑफ मार्क्स हर साल घटता बढ़ता रहता है। मतलब कि सामान्य वर्ग के विद्यार्थी के लिए एक निर्धारित कटऑफ जाता है, उसी तरह ओबीसी और फिर एससी एसटी के लिए भी अलग cutoff जाता है। 

मतलब कि सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को यदि नीट की परीक्षा पास करनी है तो जनरल कैटेगरी के लिए जो कटऑफ है उससे ज्यादा अंक लाने होते हैं, और यही बात ओबीसी और एससी एसटी कैटेगरी के लिए भी है।

नीट की परीक्षा पास करने के लिए cut off से ज्यादा नंबर लाने होते हैं। Cut off हर साल बदलता है डिपेंडिंग की विद्यार्थियों ने परीक्षा में कैसा परफॉर्म किया है।

इसीलिए कट ऑफ मार्क्स यह तय करता है कि किस वर्ग के विद्यार्थी को कितने नंबर लाने होते हैं, NEET की परीक्षा पास करने के लिए।

2022 NEET की cut off marks?

जैसा कि हमने ऊपर बताया NEET cut off वह minimum अंक है, जिसे NEET पास करने के लिए हासिल करना होता है।

नीट 2021 का कटऑफ सभी श्रेणियों के लिए अलग-अलग है। General category के उम्मीदवारों के लिए नीट कटऑफ 2021, 50 पर्सेंटाइल है।

जबकि SC/ST/OBC उम्मीदवारों के लिए यह 40 पर्सेंटाइल होगा। सामान्य-पीएच वर्ग के लिए NEET cut off 45 पर्सेंटाइल है।

नीट 2022 में कट ऑफ लगभग नीत 2021 की तरह ही होगा अनुमान के आधार पर नीट 2022 कट ऑफ 140 से लेकर 150 तक जा सकता है।

नीट 2022 का कटऑफ यह के परीक्षा के पेपर पर भी निर्भर करता है अगर पेपर कठिन होगा तो नीट 2022 का कट ऑफ नीचे जा सकता अगर पेपर सरल हुआ तो नीट 2022 का कटऑफ और अधिक हो सकता है।

यहां पर परसेंटाइल का मतलब है कि जितने भी विद्यार्थियों के आपके जितने या आप से कम नंबर आए हैं उनकी संख्या, गुना 100, divided by नीट की परीक्षा में बैठने वाले कुल विद्यार्थियों की संख्या। इस तरह से NTA परसेंटाइल निकालती है।

साल 2020 में, NEET cut off score जनरल कैटेगरी के लिए 720-147 था, जोकि 50वें पर्सेंटाइल के बराबर था, यह score SC/ ST/ OBC वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 146-113 था।

यह असल में मार्क्स का range दिया हुआ है। की अपने-अपने कैटेगरी के marks range के हिसाब से इतने से इतने अंको के बीच में अंक लाने वाले विद्यार्थी NEET परीक्षा में पास माने जाएंगे।

NEET 2021 की बात करें तो cut off में सभी ही कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए कमी आई है।

जैसे कि अनारक्षित वर्ग के छात्रों के लिए नीट कटऑफ वर्ष 2020 के 720-147 से गिरकर 2021 में 720-138 पर आ गई है।

वहीं SC/ ST/ OBC  समेत आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए NEET cut off 2020 के 146-113 से गिरकर इस साल 137-108 पर आ गई है।

एक-एक करके सभी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए NEET cut off marks को देखें तो UR/EWS कैटेगरी के विद्यार्थियों के लिए NEET यूजी 2021 में marks range 720-138 है, मतलब कि इस वर्ग के विद्यार्थियों को नीट पास करने के लिए इसके बीच में नंबर लाना जरूरी था।

फिर SC/ ST/ OBC कैटेगरी के लिए marks range 137-108 है, मतलब नेट पास करने के लिए इन वर्गों के विद्यार्थियों को इसके बीच में अंक लाने थे। 

UR/EWS & PwD कैटेगरी के विद्यार्थियों के लिए NEET marks range 137-122 निकली है। 

उसी तरह OBC PwD, SC PwD और ST PwD वर्ग के उम्मीदवारों के लिए NEET marks range 121-108 निकली है।

यानी की अलग-अलग वर्गों के विद्यार्थी यदि जो कट ऑफ रेंज निकली है, वे उसके बीच में अंक लाते हैं तो वे नीट की परीक्षा पास कर जाएंगे।

अब इसमें जो टॉप रैंक लाते हैं उन्हें पहले अच्छे मेडिकल शिक्षण संस्थानों में दाखिला मिलता है, और फिर इसी तरह से आगे चलता है।

अब जैसा कि हमने पहले भी कहा यह कट ऑफ मार्क्स और कट ऑफ रेंज हर साल बदलती रहती है।

इसीलिए विद्यार्थियों को पहले कट ऑफ मार्क्स पता करना चाहिए उसके बाद ही में बता सकते हैं कि NEET पास करने के लिए उनके कितने नंबर आने चाहिए थे।

NTA द्वारा रिजल्ट से पहले कट ऑफ मार्क्स की जानकारी जारी कर दी जाती है।

सरकारी कॉलेज में दाखिला के लिए नीट में कितना नंबर चाहिए?

भारत में लगभग 532 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं और इन सारे मेडिकल कॉलेज में नीट परीक्षा के द्वारा दाखिला मिलता है सरकारी कॉलेज में दाखिला लेने के लिए नीट में लगभग 650अंक से ज्यादा लाना होता है,

अगर आपने नीट की परीक्षा में लगभग 650 अंक ले आए तो आपको किसी अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल जाएगा।

प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में दाखिला के लिए नीट में कितना नंबर चाहिए?

हमारे देश में लगभग 276 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हैं। इन प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में भी दाखिला नीट की परीक्षा के द्वारा ही होता है।

आपको किसी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में दाखिला के लिए नीट में लगभग 550 से अधिक अंक लाने होंगे तभी जाकर आप किसी अच्छे प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले पाएंगे।

Conclusion

ऊपर इस आर्टिकल में हमने NEET की परीक्षा पास करने के लिए कितने नंबर चाहिए?  इस बारे में चर्चा की है।

नीट की परीक्षा पास करने के लिए कटऑफ से ज्यादा नंबर लाने होते हैं, और यह कटऑफ हर साल हर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बदलता रहता है।

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