एमबीबीएस डॉक्टर की सैलरी कितनी है? | MBBS doctor ki salary kitni hai

दोस्तों इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि एक एमबीबीएस डॉक्टर की सैलेरी कितनी होती है?

आज के समय में डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले लाखों विद्यार्थी एमबीबीएस के कोर्स में दाखिला चाहते हैं, और भारत में एमबीबीएस की जितनी सीटें उपलब्ध हैं, उतने विद्यार्थी एमबीबीएस का कोर्स करके डॉक्टर बनते हैं।

एक डॉक्टर का काम समाज के सबसे प्रतिष्ठित और सम्माननीय कामों में से होता है, पर इसके साथ ही अच्छे डॉक्टरों को पैसों की भी कोई कमी नहीं होती। 

इसीलिए एक बहुत ही common सवाल जो कई सारे विद्यार्थियों और लोगों के मन में भी आता है, कि आखिर एक एमबीबीएस डॉक्टर की सैलेरी कितनी होती है? या MBBS डॉक्टर महीने का कितना कमाते हैं?

एमबीबीएस डॉक्टर की सैलरी कितनी है?

इस आर्टिकल में हम यहां मुख्यतः इसी की बात करेंगे। एक एमबीबीएस डॉक्टर की सैलरी और मिलने वाले दूसरे भत्तों के साथ साथ इससे जुड़े दूसरी कुछ महत्वपूर्ण बातों को भी जानेंगे।

MBBS Doctor की Monthly Salary

सैलरी के बारे में बात करने से पहले संछिप्त में MBBS Doctor बनने की प्रक्रिया की बात कर लेते हैं। डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थी 12वीं पूरी होने के बाद NEET परीक्षा के माध्यम से चयनित होकर देश के टॉप मेडिकल कॉलेजों में दाखिला पाते हैं।

जहां से वो अंडर ग्रेजुएशन और फिर पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स करते है। छात्र MBBS, BDS, होम्यो मेडिकल, आयुर्वेदिक मेडिकल जैसे कोर्स में दाखिला ले सकते हैं।

इन कोर्स को पूरा करने के बाद छात्र अलग-अलग अस्पतालों में रिजल्ट और सिलेक्टेड विषय में ट्रेनिंग के लिए जाते हैं। 

Short में कहे तो, पहले 10वीं फिर 12वीं और फिर एमबीबीएस पूरा करके MBBS Doctor बन सकते हैं। सैलरी की बात करें तो हर ट्रेनिंग सेंटर और post के आधार पर MBBS Doctor को अलग-अलग वेतन, भत्ता और सरकारी लाभ मिलता है। 

एक MBBS Doctor की सैलरी और भी कई बातों पर निर्भर करती है। जैसे कि अलग-अलग राज्यों के अस्पतालों में MBBS Doctor की सैलरी में अंतर हो सकता है, फिर डॉक्टर का पद तो मायने रखता ही है, जैसे junior या senior doctors. 

जाहिर है शुरुआत में एमबीबीएस डॉक्टर की सैलरी कम होती है और जैसे-जैसे उनका अनुभव बढ़ता है, उसके साथ उनकी सैलरी भी बढ़ती चली जाती है।

एकदम शुरुआत में सैलरी 1.5-2 लाख रूपए प्रति वर्ष तक हो सकती है, वहीं experienced और specialist doctors की सैलरी आसनी से 10-15 लाख रुपए प्रति वर्ष तक या उससे भी ज्यादा तक जा सकती है।

इस तरह on average बात करें तो एक एमबीबीएस डॉक्टर की सालाना सैलरी 6-7 लाख रुपए प्रति वर्ष तक रहती है। इस तरह monthly देखने पर एक एमबीबीएस डॉक्टर की सैलरी 50-60 हजार रुपए प्रति महीने तक होती है।

अब अलग-अलग institutions में इस सैलरी में अंतर हो ही सकता है।

AIIMS में MBBS Doctor की salary

mbbs पूरा कर लेने के बाद देश की राजधानी दिल्ली में स्थित AIIMS यानी All India Institute of Medical Sciences बहुत से विद्यार्थियों की पहली पसंद होती है। AIIMS के mbbs डॉक्टरों के वेतन की बात करें तो अलग-अलग पदों पर डॉक्टरों की salary इस प्रकार रहती है- 

  • Junior resident doctors    –  65,000 
  • Senior resident doctors    – 75,000 
  • Consultants                      –  1,35,000 
  • Pool officers                     –  40,000 
  • Assistant professor          –  1,20,000 
  • Associate professor          –  1,60,000 
  • Additional professor          –  1,70,000
  • Professor                          –  2,00,000 

असल में doctors के disease specialisation के आधार पर भी उनका वेतन निर्धारित किया जाता है।

ऊपर बताए गए कई पदों के लिए सिर्फ एमबीबीएस की डिग्री काफी नहीं होती, उसके बाद भी विद्यार्थी को आगे  level के courses करने होते हैं।

AIIMS में काम करने वाले डॉक्टरों को कई तरह के भत्ते और लाभ भी मिलते हैं। सभी पदों के doctors को हर महीने परिवहन भत्ते के रूप में 3200 रुपये मिलते हैं।

AIIMS में काम करने वाले डॉक्टरों को डी ए के रूप में हर महीने 3800 रुपये और डीए का अतिरिक्त भुगतान भी मिलता है साथ ही इन्हें 20% का नॉन प्रैक्टिसिंग एलाउंस भी दिया जाता है।  

सरकारी और प्राइवेट mbbs doctors की सैलरी

ज्यादातर विद्यार्थी एमबीबीएस करके सरकारी डॉक्टर ही बनना चाहते हैं। हमारे देश में दो तरह के सरकारी डॉक्टर होते हैं, एक जो केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों में डॉक्टर होते हैं और एक राज्य सरकार के अधीन होते हैं।

हालंकि एक समान ही grade pay होने के कारण दोनों की सैलरी में ज्यादा का अंतर नहीं होता हैं।

आज के समय में एक सरकारी MBBS डॉक्टर को 60 हजार रुपये प्रतिमाह, specialist doctors को 1,00,000 और विशेषज्ञ (डिग्री) वाले सरकारी डॉक्टर को 1,25,000 रुपए दिए जाने का प्रावधान है।

वर्तमान में MBBS/MD डॉक्टरों का वेतनमान 15600-39100 जबकि ग्रेड पे 5400 है। वहीं promotion होने के बाद वेतनमान 15600-39100 और grade pay 6600 हैं।

फिर समय-समय पर हर विभाग की तरह डॉक्टरों के वेतन में भी वृद्धि तो होती ही रहती है। Private में भी mbbs doctors की सैलरी में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता।

कुछ अस्पतालों में shifts के हिसाब से पैसे मिलते हैं, और यह भी लगभग 60-70 हज़ार रुपए प्रति महीने तक हो जाता है।

MBBS Doctors को Internship के दौरान कितने पैसे मिलते हैं?

एमबीबीएस के कोर्स में 4.5 साल की पढ़ाई के साथ 1 साल का mandatory इंटर्नशिप होता है जिस दौरान मेडिकल स्टूडेंट डॉक्टर का काम सीखते हैं।

बहुत सारे मेडिकल के छात्र, NEET अभियार्थी या MBBS छात्रों के मन में ये सवाल भी  आता है की एमबीबीएस इंटर्नशिप में छात्रों को इतना वेतन मिलता है

सभी मेडिकल कॉलेज में internship के दौरान समान वेतन नहीं मिलता और कई प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में तो इस दौरान छात्रों को वेतन नहीं दिया जाता है।

अलग-अलग राज्यों के हिसाब से देखें तो इंटर्नशिप के दौरान सैलरी इस प्रकार रहती है –

उत्तराखंड – Rs 8000

छत्तीसगढ़ – Rs 8000

झारखंड – Rs 17800

उड़ीसा – Rs 20000

मध्य प्रदेश – Rs 7000

हिमाचल प्रदेश – RS 17000

आंध्र प्रदेश- Rs 17000

हरियाणा – Rs 17000

उत्तर प्रदेश – Rs 7500

असम – Rs 31000 (Highest in india)

कर्नाटक – Rs 30000 

पश्चिम बंगाल- Rs 28050

केरल – Rs 25000

तमिल नाडु- Rs 20000

तेलंगना- Rs 19500

त्रिपुरा – Rs 18000

हिमाचल प्रदेश- Rs 17000

पंजाब – Rs 15000

जम्मू और कश्मीर – Rs 12300

महाराष्ट्र – Rs 8000

केंद्रीय सरकारी संस्थान (AIIMS,BHU)-  Rs 23500

दिल्ली- Rs 23500

राजस्थान – RS 7000

बिहार – Rs 15000

गुजरात – Rs 13000

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी – Rs 13000

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमनें मुख्य तौर पर एमबीबीएस डॉक्टर की सैलरी के बारे में बात की है। एक एमबीबीएस डॉक्टर की सैलरी कई बातों पर निर्भर करती है।

अलग अलग राज्य के हिसाब से, अलग-अलग इंस्टिट्यूशन के हिसाब से, अलग-अलग पद के हिसाब से उनकी सैलरी में अंतर हो सकता है।

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