एमबीबीएस डॉक्टर कैसे बनें? | MBBS doctor kaise bane

दोस्तों यहां इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि एमबीबीएस डॉक्टर कैसे बनें? या भारत में एमबीबीएस डॉक्टर कैसे बन सकते हैं?

डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले कुछ विद्यार्थियों को एक एमबीबीएस डॉक्टर बनने की सही प्रक्रिया के बारे में पता नहीं हो सकता है, या उनके मन में इससे संबंधित कोई कंफ्यूजन या प्रश्न रहते हैं।

दोस्तों विद्यार्थियों से करियर के बारे में पूछे जाने पर इंजीनियर और डॉक्टर ही सबसे ज्यादा दिए जाने वाले उत्तर हैं।

इंजीनियरिंग को छोड़कर यदि डॉक्टरी की बात करें तो आज के समय में लाखों-करोड़ों युवा एक डॉक्टर के रूप में अपना करियर बनाना चाहते हैं, जिसके लिए वे मेडिकल की पढ़ाई चुनते हैं। 

एमबीबीएस डॉक्टर कैसे बनें?

Doctor के प्रोफेशन में जाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थी को एमबीबीएस का कोर्स अनिवार्य रूप से करना होता है, यानी यदि आप भारत में doctor बनना चाहते हैं तो आपको एमबीबीएस का ही कोर्स करना होता है।

इस आर्टिकल में हम एक एमबीबीएस डॉक्टर बनने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से जानेंगे, साथ ही इससे संबंधित दूसरी कुछ जरूरी बातों पर भी चर्चा करेंगे।

MBBS डॉक्टर बनने के लिए क्या करना पड़ता है?

MBBS Doctor बनने के steps निम्नलिखित हैं-

  • 10वीं पास करें, और PCB stream का चुनाव करें
  • MBBS में दाखिले के लिए NEET की तैयारी शुरू कर दें
  • अच्छे अंको से 12वीं पास करें
  • NEET की परीक्षा दें और उसमें अच्छी rank लाए
  • अपनी rank के हिसाब से MBBS में दाखिला लें
  • 5.5 साल (academic + internship) का कोर्स पूरा करें
  • अपना doctor का certificate प्राप्त करें और practice शुरू करें

तो हमें इतना तो समझ आ ही गया कि डॉक्टर बनने के लिए एमबीबीएस का कोर्स करना जरूरी है, डॉक्टर बनने के लिए एमबीबीएस एक बेसिक डिग्री है।

MBBS का पुरा नाम bachelor of medicine and bachelor of surgery होता है। बात करें एक एमबीबीएस डॉक्टर बनने की प्रक्रिया की तो step by step process को इस प्रकार बताया जा सकता है –

Step 1-

सबसे पहले step में तो आपको दसवीं पास करना होता है, क्योंकि दसवीं की परीक्षा पास करने के बाद ही विद्यार्थियों के पास साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम में से चुनने का विकल्प मिलता है, और जो विद्यार्थी डॉक्टर बनना चाहते हैं उन्हें साइंस स्ट्रीम चुनना होता है।

डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवार को दसवीं अच्छे अंको से पास करना जरूरी है ताकि वे साइंस स्ट्रीम का चुनाव कर सकें।

Step 2-

10वीं पास कर लेने के बाद का स्टेप आता है कि इंटरमीडिएट में विद्यार्थी साइंस स्ट्रीम में बायोलॉजी विषय को चुने।

हालांकि यह बात तो ज्यादातर विद्यार्थियों को पता होती ही है कि दसवीं के बाद इंटरमीडिएट में डॉक्टर बनने के लिए science में PCB यानी physics chemistry और biology चुनना जरूरी है।

साइंस में बायोलॉजी के साथ आपको 12वीं की परीक्षा कम से कम 50% अंकों के साथ तो उत्तीर्ण करनी ही होती है।

Step 3-

अच्छे अंकों के साथ 12वीं की परीक्षा भी पास कर लेने के बाद का स्टेप आता है कि आप मेडिकल कोर्स है यानी एमबीबीएस में दाखिले के लिए आयोजित एंट्रेंस एग्जाम में बैठें।

एमबीबीएस जैसे कोर्स में दाखिला राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा के अंकों के आधार पर होता है इसीलिए इसकी तैयारी आपको पहले से ही शुरू करनी होगी।

विद्यार्थी 12वीं कक्षा में रहते हुए भी appearing student के तौर पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठ सकते हैं।

बात करें कि एमबीबीएस डॉक्टर बनने के लिए कितने परसेंट चाहिए तो इसके लिए आपको हर विषय में कम से कम 50% अंक होने चाहिए, वरना आप Entrance Exam नहीं दे पाएंगे।

एमबीबीएस में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा का नाम NEET यानी National eligibility come entrance test है।

NEET में आए अंकों के आधार पर आपको एमबीबीएस के लिए कॉलेज मिलता है।

इसके अलावा कई सारे मेडिकल कॉलेजेस जैसे कि AIIMS, JIPMER, BHU, Jawaharlal Nehru medical College आदि एमबीबीएस में दाखिले के लिए अपनी खुद की प्रवेश परीक्षा भी लेते हैं।

Step 4-

यदि आपने NEET की परीक्षा अच्छे अंको से पास कर ली तो आपको एक अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला मिल जाता है।

सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में MBBS की फीस अलग-अलग होती है, जिसकी सही जानकारी विद्यार्थियों को होनी चाहिए।

इसके बाद का स्टेप बस यही है कि आप एमबीबीएस का कोर्स पूरा करें और एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करें। एमबीबीएस पूर्ण रूप से 5.5 साल का कोर्स है।

इसमें 4.5 साल की डॉक्टरी की पढ़ाई और 1 साल की इंटर्नशिप शामिल होती है।

इंटर्नशिप के दौरान आप हॉस्पिटल या मेडिकल संस्थान में senior doctors के साथ रहकर और देख कर डॉक्टरी का काम सीखते हैं।

आपका mbbs का कोर्स पूरा हो जाने के बाद आपको इसका सर्टिफिकेट मिल जाता है और आप एक डॉक्टर के तौर पर काम शुरू कर सकते हैं।

MBBS डॉक्टर बनने के यह सभी steps पार करने के बाद आप एक डॉक्टर बन जाते हैं, लेकिन एक डॉक्टर आजीवन Practice से अपनी काबिलियत तराशते रहते हैं।

आप किसी भी सरकारी और निजी अस्पताल में प्रैक्टिस शुरू कर सकते है। एक MBBS doctor की salary काफी अच्छी खासी होती है।

यदि आप चाहे तो अपना खुद का Clinic भी खोल सकते है, और एक General Physician की तरह लोगों का उपचार कर सकते है।

हालांकि एमबीबीएस तक ही डॉक्टरी की पढ़ाई सीमित नहीं है। यदि आप किसी एक फील्ड में स्पेशलाइजेशन करना चाहते हैं तो आप प्रवेश परीक्षा देकर PG courses में भी दाखिला ले सकते हैं।

इन्हें भी पढ़ें : नर्सिंग के बाद एमबीबीएस

इन्हें भी पढ़ें : नीट का पेपर कैसा होता है?

MBBS के entrance exam का syllabus

एमबीबीएस में दाखिले के लिए एंट्रेंस एग्जाम NEET है। इस परीक्षा का Syllabus आपके Intermediate के Syllabus पर ही आधारित होता है।

आज के समय में तो बहुत से कोचिंग इंस्टिट्यूट भी हैं जो इस प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराते है।

प्रवेश परीक्षा की अच्छी तैयारी के लिए आपको AIPMT या NEET के Previous Year Question Paper Solve करने चाहिए। 

NEET के सिलेबस में कक्षा 11 और 12 के पाठ्यक्रम के फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषय शामिल हैं।

NEET परीक्षा के exam pattern को जेईई मेन की तरह समझा जा सकता है जहां छात्रों को कुल 90 में से 75 सवालों के जवाब देने होते हैं।

सभी चारों विषयों के सेक्शन ए में 35-35 प्रश्न होते हैं, और सेक्शन बी में 15-15 । हर विषय के सेक्शन बी में से उम्मीदवारों को केवल 10-10 प्रश्नों के ही उत्तर देने होते हैं। 

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने मुख्य तौर पर यह बात की है कि एमबीबीएस डॉक्टर कैसे बन सकते हैं या भारत में mbbs डॉक्टर बनने की प्रक्रिया क्या है?

एक अच्छा डॉक्टर बनना न सिर्फ़ अच्छी तनख्वाह के लिए बल्कि समाज में एक प्रतिष्ठित और सम्मानित काम भी है। डॉक्टर की सबसे छोटी डिग्री MBBS ही होती है।

भारत में सबसे ज़्यादा ली जाने वाली डिग्री भी एमबीबीएस ही है। ज़्यादातर विद्यार्थी MBBS करने के इच्छुक रहते हैं, इसलिए MBBS कोर्स में कम्पटीशन भी सबसे ज़्यादा होता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.