जज की सैलरी कितनी होती है? | Judge ki salary kitni hoti hai

दोस्तों कानूनी व्यवस्था से संबंधित सबसे उच्च पद का अधिकारी एक जज ही होता है।

आपराधीक या किसी भी प्रकार के कानूनी मामले में जज ही फैसला सुनाते हैं।

कोर्ट के जज की नौकरी काफी प्रतिष्ठित और सम्मानित पद है, ऐसे में बहुत से लोगों के मन में यह सवाल आना लाज़मी है कि एक जज की सैलरी कितनी होती है?

जज के पद पर नियुक्त अधिकारी को सरकार द्वारा महीने की कितनी तनख्वाह दी जाती है? सैलरी के अलावा एक जज को और कौन-कौन सी सुविधाएं दी जाती है? 

आज यहां इस आर्टिकल में हम मुख्य तौर पर इन्हीं सब की यानी एक जज को मिलने वाली सैलरी और अन्य सुविधाओं के बारे में जानेंगे।

जज में अलग-अलग प्रकार के जज होते हैं जैसे जिला न्यायालय के जज, फिर हाई कोर्ट के जज और सबसे अंत में सुप्रीम कोर्ट के जज।

जज की सैलरी कितनी होती है?

जाहिर है इन सभी को अपने स्तर के हिसाब से सरकार द्वारा अलग-अलग सैलरी और सुविधाएं प्रदान की जाती है।

यहां हम जिला न्यायालय, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के judges को मिलने वाली सैलरी और अन्य सुविधाओं के बारे में जानेंगे।

एक judge का मासिक वेतन

देश में कई तरीके के जज होते है, जिसमें सबसे पहले आते हैं जिला जज, जो की एक किसी जनपद के जज होते हैं।

फिर हाई कोर्ट के जज होते हैं, और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के जज होते है। इन सभी के सैलरी और पावर में बहुत अन्तर होता है।

तो जाहिर है जब हम एक जज की सैलरी की बात करेंगे तो हमें एक डिस्ट्रिक्ट जज से लेकर हाई कोर्ट के जज और फिर सुप्रीम कोर्ट के जज तक की सैलरी के बारे में जानना होगा।

कोई भी व्यक्ति इतना तो अंदाजा लगा ही सकता है कि जिला जज की सैलरी सबसे कम, उसके बाद हाईकोर्ट के जज की सैलरी उससे ज्यादा और फिर सुप्रीम कोर्ट के जज की सैलरी सबसे ज्यादा होती है।

District judge की सैलरी

सबसे पहले आते हैं जिला न्यायालय के जज, हर जिले में एक न्यायालय होता है और उसमें एक न्यायाधीश बैठते हैं। देश में यह न्यायधीश की सबसे छोटी इकाई है और इसके बाद लोग आगे बढ़कर हाईकोर्ट तक जाते हैं।

सैलरी की बात करें तो एक district judge ko को ₹100000 प्रति महीने से ज्यादा की सैलरी दी जाती है।

शुरुआती सैलरी कम और अनुभव बढ़ने के साथ साथ 3 साल और फिर 5 साल बाद सैलरी में बढ़ोतरी होती है।

सैलरी के अलावा डिस्टिक जज को सरकार की तरफ से और भी कई सुविधाएं मिलती है जैसे जिस जिले में वे पोस्टेड हैं, उस जिले में रहने के लिए सरकार की तरफ से घर और आवागमन के लिए गाड़ी भी दी जाती है।

High Court के जज की सैलरी

यदि जिला न्यायालय में फैसला नहीं हो पाता या संबंधित व्यक्ति उससे संतुष्ट ना हो तो वह हाईकोर्ट में जाता है।

देश के सभी राज्यों में हाईकोर्ट होते हैं। हर हाई कोर्ट में एक चीफ जज और कई सारे सपोर्ट judges होते हैं।

सैलरी की बात करें तो एक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश जानी चीफ जस्टिस की सैलरी 2,50,000 रुपए प्रति महीने से ज्यादा की होती है।

इसके साथ ही हाईकोर्ट में जो सपोर्ट judges होते हैं उनको भी हर महीने लगभग ढाई रुपए तक की सैलरी दी जाती है।

सैलरी के साथ-साथ सरकार द्वारा और भी कई  सुविधाएं इन्हें मिलती है।

हाई कोर्ट के जज का पद काफी पावरफुल होता है।

अन्य सुविधाओं में, जज को चलने के लिए गाड़ी, पुलिस की सिक्योरिटी, रहने के लिए घर और सभी तरह के बिल का पेमेंट आदि भी राज्य सरकार की तरफ से ही होता है।

सारी की सारी सुविधाओं की रकम जोड़ने पर हाईकोर्ट के judges की सैलरी लगभग 10 लाख रुपए प्रति महीने तक पड़ती है।

Supreme court के supporting judges की सैलरी

सुप्रीम कोर्ट देश का सबसे बड़ा court है जिसका फैसला मानना अनिवार्य होता है।

सुप्रीम कोर्ट के सबसे मुख्य जज चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया होते हैं, और यह जजों में सबसे ऊंचा पद है।

चीफ जस्टिस के बाद सुप्रीम कोर्ट में बहुत सारे जज होते हैं, और उनकी सैलरी चीफ जस्टिस से थोड़ी कम होती है।

सुप्रीम कोर्ट के सभी जजो को भी 2,50,000 रुपए प्रति महीने की सैलेरी मिलती है।

इसके साथ सरकारी इन्हे बाकि सारी सुविधाएं मिलती है जैसे की घर, सिक्योरिटी, कार, बिल पेमेंट सब कुछ सरकार की तरफ होता है।

इन्हीं जजों का आगे चलकर प्रमोशन होता है, और इन्ही में से कोई एक इंडिया का chief justice बनता है। 

और फिर उन्हें और भी ज्यादा सुविधाएं मिलने लगती है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के पदों पर डायरेक्ट भर्ती नहीं होती है, यहाँ पर केवल हाई कोर्ट के जज या फिर वकील लोग ही जॉब पा सकते है।

यह देश के सबसे premium सरकारी jobs की सूचि में आता है।

Chief Justice of India की सैलरी

देश के सबसे बड़े जज भारत के मुख्य न्यायाधीश ही होते हैं, ये सुप्रीम कोर्ट के मुख्य होते हैं और इन्हीं की सैलरी सबसे ज्यादा होती है।

चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट के दूसरे 34 judges के head होते हैं।

Chief justice of India को salary 2,80,000 रुपए प्रति महीने से लेकर 3,50,000 प्रति महीने तक मिलती है, साथ ही इन्हें VVIP सुविधाएं भी मिलती है।

मुख्य न्यायाधीश को भारत के राष्ट्रपति जितनी सुविधाएं दी जाती है। आसान शब्दों में इन्हें सरकार द्वारा हर प्रकार की सुविधा, जिसमें Mobile recharge से लेकर security, car, House आदि सब कुछ मिलता है जो की daily life में चाहिए और ऐसे में इनके सैलरी से लगभग कोई खर्चा नहीं होता है।

जज को सैलरी के साथ मिलने वाली अन्य सुविधाएं

अलग-अलग स्तर के जजों को दी जाने वाली सैलरी के साथ साथ इन्हें अन्य कई प्रकार की सुविधाएं भी दी जाती है जिनके बारे में हमने ऊपर भी बात की।

इन अलग-अलग सुविधाओं में निम्नलिखित सुविधाएं आती है –

  • Government residence & maintenance
  • Security ( जैसे घर पर home guard)
  • Telephone allowance and gadgets
  • Higher qualification allowance
  • Specific location allowance 
  • Medical allowance and reimbursement 
  • House Building Advance 
  • Personal assistance/peons/home guard
  • Conveyance (इसमें vehicles आदि आ जाते हैं)
  • Electricity & water charges 
  • Children education allowance
  • Newspaper and magazine allowance 
  • कुछ Other allowances

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने मुख्य तौर पर बात की कि भारत में जज को कितनी सैलरी दी जाती है।

अब जज में अलग-अलग स्तर के यानी कि जिला स्तरीय जज, फिर हाई कोर्ट के जज, और फिर सुप्रीम कोर्ट के जज और अंत में चीफ जस्टिस आते हैं हमने ऊपर इन सभी की salaries के बारे में बात की।

सैलरी के अलावा इन्हें सरकार द्वारा और भी कई सारी सुविधाएं दी जाती है, हमने ऊपर उनके बारे में भी जाना।

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