आईटीआई का कोर्स कितने साल का होता है?

दोस्तों आज के समय में दसवीं के बाद से ही हर विद्यार्थी को अपने करियर की टेंशन होने लगती है।

एक विद्यार्थी क्या बनना चाहता है या किस तरह की नौकरी करना चाहता है, उसे उसी हिसाब से आगे की पढ़ाई करनी होती है।

इसी में बहुत से विद्यार्थी ITI course का भी चुनाव करते हैं।

जिन विद्यार्थियों की टेक्निकल फील्ड में रुचि होती है और जो जल्दी नौकरी पाना चाहते हैं, उनके लिए आईटीआई का विकल्प सही रहता है।

पर आईटीआई चुनने की सोचने वाले बहुत से विद्यार्थियों के मन में यह सवाल होता है कि आखिर आईटीआई का कोर्स कितने साल का होता है?

यहां इस आर्टिकल में आज हम मुख्यत: इसी की बात करेंगे।

आईटीआई का कोर्स कितने साल का होता है?

कोर्स की अवधि के बारे में पता होना जरूरी हो जाता है क्योंकि इससे विद्यार्थी बेहतर निर्णय ले पाते हैं कि उन्हें कितने साल पढ़ाई करनी होगी और वे कब नौकरी ले सकते हैं।

यहां हम आईटीआई के course की अवधि के साथ-साथ इससे जुड़ी कुछ दूसरी जरूरी बातों को भी जानेंगे।

ITI course की अवधी

आईटीआई कितने साल का होता है यह जानने से पहले संक्षिप्त में आईटीआई कोर्स के बारे में थोड़ा जान लेते हैं।

ITI का पूरा नाम industrial training institute है, जिसे हिंदी में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कहा जाता है।

यह भारत सरकार के ‘श्रम एवं नियोजन मंत्रालय’ द्वारा संचालित संस्थान है, जिसके अंतर्गत छात्रों को अलग-अलग industries में कार्य करनें हेतु प्रशिक्षण दिया जाता है। 

आईटीआई के अंतर्गत लगभग 100 से भी अधिक कोर्स उपलब्ध होते हैं, जैसे कि इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, बाइंडर कारपेंटर सहित और भी बहुत सारे।

विद्यार्थी की जिसमें भी रुचि हो वे उस कोर्स का चुनाव कर सकते हैं, और उनका आईटीआई कोर्स कितने साल का होगा यह भी इसी पर निर्भर करता है कि वे कौन सा कोर्स चुनते है। 

Course की समय अवधि की बात करें तो आईटीआई कोर्स की अवधि 6 महीने या 9 महीने या 1 साल या 2 साल तक की हो सकती है, depending कि आपने किस कोर्स का चुनाव किया है।

आईटीआई के अंतर्गत जो main courses होते हैं उनकी अवधि 1 साल या 2 साल की ही होती है जबकि बहुत से courses short-term के लिए भी होती हैं।

अगर विद्यार्थी सिर्फ आईटीआई के सर्टिफिकेट के बेसिस पर ही एक अच्छी नौकरी प्राप्त करना चाहते हैं, तो इसके लिए उन्हें long-term courses ही करनी चाहिए।

और यदि उम्मीदवार के पास अन्य कोई डिग्री हो और नौकरी के लिए उसके साथ किसी टेक्निकल सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है, तब वे ITI के अंतर्गत उपलब्ध short-term courses करके उसकी सर्टिफिकेट की मदद से नौकरी ले सकते हैं।

आईटीआई में दाखिला कब और कैसे ले सकते हैं?

आईटीआई में एडमिशन की बात करें तो विद्यार्थी आईटीआई में आठवी या दसवीं या 12वीं के बाद भी प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।

इसमें छात्रों के अनुरूप अलग-अलग courses डिज़ाइन किये गये होते हैं, और जैसा कि हमने ऊपर कहा एक अच्छी नौकरी के लिए आप 1 वर्षीय या 2 वर्षीय कोर्स कर सकते हैं। 

फिर बहुत सी नौकरियां ऐसी भी होती है जिनमें ITI के short term courses के सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है, वैसे में यह कोर्स भी सही रहते हैं, इनकी जरूरत बस टेक्निकल फील्ड में उम्मीदवार की जानकारी दिखाने तक की होती है।

हर साल आईटीआई में दाखिले के लिए फॉर्म निकाले जाते हैं, विद्यार्थी को इसकी जानकारी लेकर आईटीआई की ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर एडमिशन के लिए आवेदन करना होता है।

ज्यादातर आईटीआई संस्थानों में एडमिशन मेरिट के बेसिस पर ही होता है। 

फॉर्म भरने के बाद आप  अपने नजदीकी जिस भी आईटीआई संस्थान में दाखिला चाहते हैं वहां जाकर सारे डॉक्यूमेंट वेरीफाई करेंगे, वेरिफिकेशन होने के बाद मेरिट लिस्ट जारी की जाती है और यदि उस लिस्ट में आपका नाम होगा तो आप वहां एडमिशन ले सकते हैं।

ITI course के बाद क्या?

21वीं सदी skill और knowledge की सदी है, इसीलिए आईटीआई करने के बाद अगर करियर ऑप्शन की बात करें तो इसकी भी कोई कमी नहीं है। 

Professionals जिनके पास संबंधित क्षेत्र में विशेष skills और सटीक ज्ञान है, ऐसे उम्मीदवारों के लिए रोजगार में बहुत सारे अवसर उपलब्ध है। 

आईटीआई पूरी हो जाने के बाद उम्मीदवार को अप्रेंटिसशिप जरूर लगानी चाहिए, अपरेंटिस सिर्फ फॉर्मेलिटी या सर्टिफिकेट के लिए नहीं बल्कि आपके एक्सपीरियंस के लिए जरुरी होता है।

क्योंकि बहुत से विद्यार्थी सिर्फ ऐसे ही अप्रेंटिस करते हैं और उसके बाद घर पर बैठकर सिर्फ गवर्नमेंट जॉब के लिए फॉर्म अप्लाई करते हैं, यह सही नहीं है।

आपको जहाँ मौका मिले वहां पर जॉब करना चाहिए। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आपको बहुत कुछ सीखने को मिलता है और आपका अनुभव भी बढ़ता है। 

इसी अनुभव के सहारे आप बड़ी कंपनियों में भी जॉब प्राप्त कर सकते हैं या फिर अपनी खुद की कंपनी भी शुरू कर सकते हैं, इसे ही Entrepreneurship कहा जाता है।

ITI पूरी होने के बाद main options की बात करें तो आईटीआई के छात्रों के पास दो ऑप्शन मौजूद होते हैं।

पहला या तो higher education के लिए जाएं या फिर किसी नौकरी की तलाश करें।

आईटीआई स्टूडेंट के लिए आगे चलकर मिलने वाले  विकल्पो की बात करें तो यह निम्नलिखित हैं –

Diploma courses – वैसे छात्रों के लिए जिन्होंने टेक्निकल बिजनेस या इंजीनियरिंग डोमेन में प्रशिक्षण लिया है, उनके लिए कई इंजीनियरिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।

इन्हें करने के बाद विद्यार्थी के लिए और भी कई नौकरियों के अवसर खुलते हैं।

Specialised short term courses– देश में कई ऐसे प्रशिक्षण संस्थान भी हैं जो आईटीआई और डिप्लोमा से संबंधित यानी इंडस्ट्रियल वर्क से संबंधित शॉर्ट-टर्म डिप्लोमा और डिग्री कोर्सेज प्रदान करते हैं।

ये पाठ्यक्रम छात्रों को उनके skills को बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे संबंधित डोमेन में नौकरी प्रोफाइल या उद्योग की आवश्यकताओं की पूर्ति आसानी से की जा सकती है।

All India Trade Test – आईटीआई course के पूरा होने के बाद आईटीआई छात्रों के लिए एक और विकल्प AITD या ऑल इंडिया ट्रेड टेस्ट के लिए जाता है।

एआईटीडी (AITD) पास करने के बाद छात्रों को एनसीवीटी (NCVT) द्वारा संबंधित व्यापार में राष्ट्रीय व्यापार प्रमाण पत्र यानी कि एनसीवीटी से सम्मानित किया जाता है बहुत सारे इंजीनियरिंग ट्रेड में एनसीवीटी डिप्लोमा डिग्री के बराबर ही है।

Employment के अवसर – प्रोफेशनल और व्यवसायिक पाठ्यक्रम आईटीआई का भी एक placement cell होता है, जो कि छात्रों की नियुक्ति की देखभाल करता है।

इनमें विभिन्न सरकारी संगठनों, निजी कंपनियों और यहां तक की विदेशी कंपनियों के साथ भी समझौता किया जाता है, जिसके तहत छात्रों को कई सारे बिजनेस और ट्रेड में नौकरी दी जाती है।

Conclusion

इस आर्टिकल में हमने मुख्य तौर पर आईटीआई कोर्स की अवधि के बारे में बात की है।

बहुत से विद्यार्थी जो 10वीं या 12वीं के बाद आईटीआई का कोर्स चुनने की सोचते हैं उनके मन में यह सवाल आता है, कि आईटीआई कितने साल का कोर्स होता है।

आईटीआई के कोर्स की अवधि के साथ-साथ हमने इस course से जुड़े दूसरी कुछ जरूरी बातों की भी चर्चा यहां की है।

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