एक जिले में कितने SDM होते हैं? | How many SDMs in a district

दोस्तों इस लेख में हम बात करेंगे कि 1 जिले में कितने SDM होते हैं? या 1 जिले में SDM की संख्या कितनी होती है? 

दोस्तों जो विद्यार्थी यूपीएससी या सिविल सेवा या राज्य सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी करते हैं उनका लक्ष्य DM, SDM, SP जैसे सबसे उच्च पदों पर नौकरी करने का ही होता है। 

यहां हम खास तौर पर एसडीएम पद की बात कर रहे हैं। 

वैसे तो इस पद से संबंधित कई सवाल हैं पर एक बहुत ही साधारण परंतु स्वाभाविक प्रश्न जो बहुत से लोगों के मन में अक्सर रहता है वह यह है कि 1 जिले में कितने SDM होते हैं? या 1 जिले में कितने SDM हो सकते हैं? क्या जिले में DM की तरह एक ही SDM होता है? आदि।

इस आर्टिकल में हम इसी प्रश्न के उत्तर को अच्छे से समझेंगे। 

एक जिले में कितने SDM होते हैं?

यहां हम आपको अच्छे से विस्तार में जानकारी देंगे कि एक जिले में कितने एसडीएम होते हैं या हो सकते हैं। 

जिले में SDM’s की संख्या को अच्छे से समझने के बाद हम एसडीएम के कार्य आदि के बारे में भी संक्षेप में जानकारी प्राप्त करेंगे।

एक जिले में कितने SDMs

1 जिले में SDM अधिकारियों की संख्या fixed नहीं होती है, जिले में सामान्यत: तो एक से ज्यादा ही, पर 2-3-4 या इससे भी ज्यादा 10-15 एसडीएम तक भी हो सकते हैं। 

असल में 1 जिले में मुख्य रूप से जितने तहसील होते हैं उसी अनुसार उतने ही एसडीएम अधिकारी हो सकते हैं। 

इस बात को अच्छे से विस्तार में समझते हैं। सबसे पहले किसी भी एक जिले में बहुत से अलग-अलग तहसील होती है। इसे ही आप प्रखंड के नाम से भी जानते हैं। 

अब जिले के कई प्रखंडों को मिलाकर एक subdivision बनता है और इसी subdivision का हम कह सकते हैं इंचार्ज अधिकारी होता है जिसे हम एसडीएम के नाम से जानते हैं। 

SDM का पुरा नाम sub divisional magistrate होता है। यह जिले में DM के नीचे का पद होता है। 

जिस तरह एक district मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी पूरे जिले की देखरेख का होता है, उस तरह एसडीएम यानी सब डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी एक sub division की देखरेख का होता है। 

जिसमें कि उसे राज्य के उसके सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाले भूमि अभिलेखों के सभी ब्यौरों का देख रेख करना, भूमि का सीमांकन और म्यूटेशन कार्य आदि करने होते हैं।  

SDM पर और भी कई सारे कार्य का भार होता है, वह नागरिकों के लिए जरूरी प्रमाणपत्र भी जारी करता है। 

तो कुल मिलाकर बात यही आती है कि 1 जिले में SDM अधिकारी कितने होते हैं या हो सकते हैं यह निर्भर करता है वह जिला खुद कितना बड़ा है। 

जितना बड़ा जिला होगा उसमें उतने ही ज्यादा sub divisions हो सकते हैं और फिर उन्हें संभालने के लिए उतने ही ज्यादा SDM अधिकारी भी।

SDM को जिले में क्या काम होता है?

तो 1 जिले में कई SDM अधिकारी हो सकते हैं जो अपने अपने sub division का कार्यभार संभालते हैं। 

अब बात यह भी आती है कि एक SDM अधिकारी को जिले में आखिर काम क्या करना होता है? 

यहां हम आपको आधिकारिक कामों की एक सूची उपलब्ध करा रहे हैं, SDM अधिकारी मुख्य रूप से जिले में इन्हीं कामों को करने के लिए उत्तरदाई होता है – 

  • अपनें जिले की भूमि का लेखा-जोखा एसडीएम के देखरेख में होता है।
  • SDM का अपने उपखंड के सभी तहसीलदारों पर प्रत्यक्ष नियंत्रण होता है, इससे संबंधित सारे मुख्य फैसलों पर इन्हीं का नियंत्रण होता है।
  • इसके अतिरिक्त 
    • विवाह रजिस्ट्रेशन, 
    • विभिन्न प्रकार के पंजीकरण, 
    • अनेक प्रकार के लाइसेंस जारी करवाना, नवीकरण करवाना, 
    • प्राकृतिक/दैवीय आपदा (बाढ़, अग्निकांड, भूकंप, भूस्खलन, शीतलहरों, बादल फटने, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, विद्युत प्रभाव, लू-प्रकोप, हिम स्खलन, कीट आकृमण) आदि से प्रभावित व्यक्तियों को सहायता उपलब्ध करवाना आदि प्रमुख कार्य है।
  • एक एसडीएम ही आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 और कई अन्य नाबालिग कृत्यों के अंतर्गत विभिन्न मजिस्ट्रेट का कार्य करते है ।

इसके अलावा एक एसडीएम अधिकारी के अन्य कई कार्य होते हैं। 

State PCS में एक SDM ही सबसे उच्च पद होता है, यह जिले का बहुत ही महत्वपूर्ण पद होता है इसीलिए इस पर बैठने वाले अधिकारियों को बहुत ही महत्वपूर्ण और जरूरी काम करने होते हैं। 

ज़िले का SDM कैसे बन सकते हैं?

बात करें कि एक SDM में अधिकारी कैसे बन सकते हैं तो इसके दो तरीके हैं पहला है यूपीएससी के माध्यम से और दूसरा है state PCS के माध्यम से। 

जो विद्यार्थी सिविल सेवाओं की परीक्षाओं के लिए तैयारी करते हैं उन्हें इसकी जानकारी होती है। 

UPSC की सिविल सेवाओं की परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को उनके वर्ग और rank के हिसाब से अलग-अलग posts पर नियुक्ति मिलती है। 

UPSC top rankers को IAS में नियुक्ति मिलती है और वे DM जैसे पद पर नियुक्त होते हैं। 

SDM DM के नीचे का पद होता है तो जिन विद्यार्थियों की रैंक थोड़ी ज्यादा होती है उन्हें SDM मिलता है। 

दूसरा है कि आप state PCS पास करके भी एसडीम अधिकारी बन सकते हैं। 

State PCS में तो SDM सबसे ऊंचा पद होता है, तो जो विद्यार्थी स्टेट पीसीएस में टॉप करते हैं उन्हें एसडीएम के पद पर नियुक्ति मिलती है। 

जो विद्यार्थी यूपीएससी पास करके एसडीएम बनते हैं उन्हें कार्य के एक 2 साल के अंदर ही प्रमोशन देकर ADM और फिर आगे डीएम बना दिया जाता है।

वहीं यदि आप स्टेट पीसीएस पास करके एसडीएम बनते हैं तो आपके प्रमोशन में थोड़ी देरी होती है, आप आप कुछ साल काम करने के बाद आगे ADM और DM के पद तक पहुंचते हैं। 

इस तरह आप 2 तरीको से SDM अधिकारी बन सकते हैं।

इन्हें भी पढ़ें: यूपीएससी के लिए योग्यता क्या चाहिए?

इन्हें भी पढ़ें: पीसीएस की तैयारी कैसे करें?

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने मुख्य तौर पर इस विषय पर बात की है कि एक जिले में कितने एसडीएम होते हैं। 

पर इसके साथ-साथ हमने एक एसडीएम अधिकारी के कार्यों और फिर एक एसडीएम अधिकारी कैसे बन सकते हैं इसके बारे में भी संक्षेप में जानकारी प्राप्त की है। 

हम उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा दी गई है जानकारी आपको अच्छी लगी होगी इससे संबंधित कुछ प्रश्न आदि हो तो आप हमें नीचे कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं। 

Leave a Comment

Your email address will not be published.