PCS में कितने एग्जाम होते हैं? How many exams in PCS?

दोस्तों सिविल सेवाओं में जाना बहुत से विद्यार्थियों का सपना होता है। 

Civil Services में जाने के लिए विद्यार्थी सामान्यतः यूपीएससी की ही तैयारी करते हैं, और यह सही भी है क्योंकि यूपीएससी ही राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा लेकर देशभर में अलग-अलग civil services में नियुक्ती करता है। 

पर यदि आप किसी भी कारण से यूपीएससी नहीं निकाल पाते हैं, तो भी civil services में जाने का आपके पास विकल्प रहता है, जिसे हम PCS यानी Provisional Civil Service के नाम से जानते हैं। 

आसान भाषा में हम इसे state civil service भी कहते हैं। जो विद्यार्थी इसकी तैयारी करते हैं उन्हें इसके बारे में जानकारी होती है। 

PCS में कितने एग्जाम होते हैं?

इस लेख में हमारा मुख्य विषय है कि PCS में कितने एग्जाम होते हैं? या कह सकते हैं कि PCS में कितने papers होते हैं?

PCS की तैयारी करने की सोचने वाले विद्यार्थियों के मन में यह प्रश्न अक्सर आता है। 

यहां हम इसी के बारे में अच्छे से जानेंगे। साथ ही इस मुख्य विषय से संबंधित PCS के बारे में जो भी जरूरी बातें हैं उन सब पर भी हम यहां चर्चा करेंगे।

PCS में कितने exams होते हैं?

PCS में UPSC की ही तरह तीन परीक्षाएं या कहें तो तीन चरणों में परीक्षाएं होती हैं। जिसमें –

  • Prelims  (प्रारंभिक परीक्षा)
  • Mains (मुख्य परीक्षा) और
  • Interview  (मौखिक परीक्षा)

शामिल होते हैं। एक PCS अधिकारी बनने के लिए भी उम्मीदवारों को निम्नलिखित तीनों परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पास करना होता है। 

असल में इसकी अच्छे से जानकारी के लिए पहले हमें PCS क्या है इस बारे में अच्छे से जानकारी होनी चाहिए। 

Full form से शुरू करें तो PCS का पूरा नाम Provisional Civil Service होता है जिसे राज्य सेवा आयोग भी कहते हैं, और इसे हिंदी में “प्रांतीय सिविल सेवा” भी कहा जाता है। 

PCS का एग्जाम वैकेंसी के मुताबिक राज्य सेवा आयोग हर साल आयोजित करता है और रिक्त पदों में भर्ती करता है। 

PCS के तीनों एग्जाम निकलने के बाद दूसरे चरण व अंतिम चरण के नम्बर को मिलाकर मैरिट लिस्ट आता है व उसके हिसाब से रिक्त पदों पर भर्ती होती है। 

इस परीक्षा का आयोजन उतर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा किया जाता है, इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के पश्चात उम्मीदवारों को SDM, DSP, ARTO, BDO, जिल्ला अल्पसंख्यक अधिकारी, जिला खाद्य विपलन अधिकारी, असिस्टेंट कमिश्नर व्यापर कर समेत विभिन्न विभागों में उच्च पदों पर नियुक्ति प्राप्त होती है। 

आसान भाषा में आप समझ सकते हैं कि पीसीएस की परीक्षा यूपीएससी की तरह ही होती है, बस यूपीएससी राष्ट्रीय स्तर पर है, और पीसीएस राज्य स्तर पर। परीक्षाओं और papers की संख्या आदि सब एक समान ही रहती है।

PCS के exams के बारे में –

अब हम एक-एक करके पीसीएस की तीनों परीक्षाओं यानी कि prelims, mains और interview के बारे में एक एक करके बात कर लेते हैं। 

PCS preliminary exam

पीसीएस की 3 परीक्षाओं का यह पहला चरण होता है। 

UPSC prelims की ही तरह PCS prelims भी qualifying exam होता है यानी कि इसके अंक मायने नहीं रखते बस आपको जिसमें 33% से ज्यादा अंक लाने होते हैं। 

Prelims में 2 papers देने होते हैं जिसमें से एक GS यानी general studies का paper रहता है और दूसरा reasoning का। 

दोनों ही पेपर एक परीक्षा के दृष्टिकोण से काफी कठिन होते हैं, क्योंकि पीसीएस भी civil services के लिए ली जाने वाली परीक्षा होती है। 

इन GS और reasoning का अपना एक निर्धारित सिलेबस होता है जिसकी विद्यार्थियों को काफी अच्छे से तैयारी करनी होती है।

Prelims qualify करना must है क्यूंकि इसके बिना अब आगे की परीक्षाओं के लिए नहीं जा सकते हैं। 

Prelims के परिणाम घोषित होने के बाद ही main परीक्षा होती है और वह भी उन्हीं विद्यार्थियों की जो यह pre क्वालीफाई करते हैं। 

Prelims के marks final merit list बनाते वक्त प्रीलिम्स को छोड़कर सिर्फ मेंस और इंटरव्यू के अंकों को ही जोड़ा जाता है।

PCS Main Exam

यह PCS की दूसरी परीक्षा होती है। 

Prelims qualify करने वाले विद्यार्थी इस में बैठने के योग्य होते हैं। 

यह मुख्य परीक्षा होती है, इसमें विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा अंक लाने होते हैं क्योंकि सबसे ज्यादा इसी के अंक मायने रखते हैं। 

Mains के papers की बात करें तो इसमें सामान्यतः कुल 7 papers की परीक्षा ली जाती है जिसमें से एक पेपर लैंग्वेज, एक पेपर निबंध और बाकी के 5 papers GS यानी general studies के होते हैं। 

भाषा आदि का चुनाव विद्यार्थी अपने अनुसार कर सकते हैं, GS के 5 papers का अलग-अलग निर्धारित सिलेबस होता है और अच्छे अंकों के साथ उन्हें पास करने के लिए विद्यार्थियों को उनकी गहनता से अध्ययन करने की आवश्यकता होती है। 

Mains परीक्षा लगातार चार-पांच दिनों तक चलती है, इसमें विद्यार्थियों को लगातार papers देने होते हैं।

Main परीक्षा के बाद इसमें जो विद्यार्थी अपने-अपने वर्ग के हिसाब से cutoff से ज्यादा अंक लाते हैं उन्हें फिर आगे साक्षात्कार यानी इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।

PCS Interview 

Interview PCS की आखरी परिक्षा होती है, interview ही इसका आखिरी चरण होता है। 

Interview के लिए चयनित होने पर उम्मीदवारों को इसके लिए पत्र या एसएमएस के माध्यम से आमंत्रित किया जाता है। Selection के दृष्टिकोण से इंटरव्यू काफी महत्वपूर्ण होता है। 

इसके साथ विद्यार्थियों के लिए एक समस्या यह रहती है कि इसमें इंटरव्यू बोर्ड द्वारा किसी भी विषय से प्रश्न पूछे जा सकते हैं, इसीलिए इसकी तैयारी काफी ज्यादा vast syllabus को cover करते हुए करनी पड़ती है। 

Interview के marks भी काफी महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि फाइनल मेरिट लिस्ट बनाते वक्त इसे भी जोड़ा जाता है। 

जो विद्यार्थी interview भी सफलतापूर्वक पास कर लेते हैं उन्हें PCS के services में उनके preference के हिसाब से पदों पर नियुक्त किया जाता है।

3 चरणों में होने वाली पीसीएस की परीक्षा एक तरह से पूरे साल भर चलती है। 

फॉर्म भरने से लेकर सारी परीक्षाओं के समाप्त होने और selection तक तो आसानी से 1 साल या उससे कुछ ज्यादा का भी समय निकल जाता है।

इन्हें भी पढ़ें : यूपीएससी में कितने पेपर होते हैं?

इन्हें भी पढ़ें : पीसीएस की तैयारी कैसे करें?

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने बात की है कि PCS में कितने एग्जाम होते हैं?  

यहां हमने पीसीएस परीक्षा के तीनों अलग-अलग चरणों की परीक्षाओं के बारे में बात की है। 

हम उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपके लिए सहायक रही होगी। 

इससे संबंधित कोई प्रश्न आदि यदि हो तो आप हमें नीचे comment section में पूछ सकते हैं। 

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