B.a. में कितने पेपर होते हैं ? | BA mein kitne paper hote Hain

दोस्तों इंजीनियरिंग और डॉक्टरी जैसे क्षेत्रों को को छोड़ दें तो 12वीं पूरी होने के बाद बहुत से विद्यार्थी सिंपल ग्रेजुएशन की तरफ जाते हैं।

ऐसे विद्यार्थी जो टीचर बनना चाहते हैं या सरकारी नौकरी के लिए जाना चाहते हैं वे 12वीं के बाद ग्रेजुएशन करते हैं।

ग्रेजुएशन में विद्यार्थी दसवीं के बाद चुनी गई stream के हिसाब से बीएससी, बीकॉम या बिए करते हैं।

अब इन तीनों में से b.a. में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी काफी ज्यादा होती है। 

बहुत से विद्यार्थी ग्रेजुएशन में b.a. में दाखिला लेते हैं, क्योंकि B.a. के सब्जेक्ट अन्य दोनों की तुलना में थोड़े आसान होते हैं।

तो इससे सरकारी नौकरी या किसी दूसरे काम के लिए भी थोड़ा ज्यादा समय मिलता है।

B.a. में कितने पेपर होते हैं ?

अब b.a. में दाखिला लेने की सोचने वाले बहुत से विद्यार्थियों के मन में यह सवाल आता है कि b.a. में कितने पेपर होते हैं?

मतलब की b.a. में कितने सब्जेक्ट होते हैं? आज इस आर्टिकल में हम यहां मुख्यतः इसी की बात करेंगे।

जानेंगे b.a. में कितने पेपर होते हैं? विद्यार्थियों को b.a. में कितने सब्जेक्ट पढ़ने होते हैं?

B.a में कितने पेपर होते हैं?

सब्जेक्ट के बारे में जानने से पहले थोड़ा सा बीए के बारे में बात करें तो बी ए का पूरा नाम बैचलर ऑफ आर्ट्स है।

और जैसा इसके नाम से स्पष्ट है इसके अंतर्गत आर्ट्स स्ट्रीम के सारे विषय आते हैं।

दसवीं के बाद जो विद्यार्थी arts stream चुनते हैं, ग्रेजुएशन में वे बीए में दाखिला लेते हैं। 

सीधा subjects की बात करें तो ba में आर्ट्स स्ट्रीम के अंतर्गत आने वाले सारे मुख्य विषय ही आ जाते हैं।

आपको कितने विषय पढ़ने होते हैं, यह निर्भर करता है कि आप बीए में ऑनर्स करते हैं या फिर जनरल।

मतलब यदि आप बीए ऑनर्स करते हैं तो आप किसी एक मुख्य विषय को लेकर पढ़ते हैं।

ग्रेजुएशन के 3 साल के दौरान आप एक मुख्य विषय ही पढ़ेंगे और उसके साथ कुछ एडिशनल विषय भी होते हैं।

बीए जनरल में आप पहले और दूसरे साल में 3-3 सब्जेक्ट और दूसरे साल में दो सब्जेक्ट पढ़ने होते हैं।

ऑनर्स में आपको हर सेमेस्टर मेन सब्जेक्ट के दो-दो पेपर देने होते हैं। इस तरह पूरे बी ए कोर्स के दौरान आपको honours में मेन सब्जेक्ट के छह पेपर देने होते हैं।

साथ ही आपको पहले और दूसरे वर्ष में एडीशनल सब्जेक्ट के भी 1-1 पेपर देने होते हैं। सिर्फ तीसरे साल में आपका main सब्जेक्ट का दो पेपर ही रहता है।

बीए जनरल में आप पहले और दूसरे साल में तीन तीन सब्जेक्ट पढ़ते हैं, और हर सब्जेक्ट का आपको एक पेपर देना होता है।

तीसरे वर्ष के लिए भी यही बात है दो सब्जेक्ट के आपको दो पेपर देने होते हैं।

B.a के subjects

अब यदि b.a. में आने वाले सब्जेक्ट्स की सूची देखें तो, बी ए के अंतर्गत मुख्य सब्जेक्ट में निम्नलिखित नाम आते हैं –

इतिहास (History)

जियोग्राफी (Geography)

पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (Public administration यानी लोक प्रशासन)

अर्थशास्त्र (Economics)

राजनीति विज्ञान (Political Science)

फिलॉसफी (Philosophy)

हिंदी साहित्य ( Hindi Literature)

सामान्य हिंदी (Hindi General)

अंग्रेजी साहित्य (English Literature)

सामान्य अंग्रेजी (English General)

समाजशास्त्र (sociology)

साइकोलॉजी(मनोविज्ञान) (Psychology)

पर्यावरण अध्ययन (Environmental studies)

संस्कृत (Sanskrit)

एलिमेंट्री कंप्यूटर (Elementary Computer)

गृह विज्ञान (Home science)

Fine Arts and Painting Journalism

Mass Communication                                 आदि।

अब एक-एक करके इन subjects के बारे में थोड़ा बात कर लेते हैं।

इतिहास (History)

इतिहास b.a. के सबसे लोकप्रिय सब्जेक्ट में से एक है। बहुत से विद्यार्थी ba में हिस्ट्री को ही चुनते हैं। इसमें इतिहास का विस्तार से अध्ययन कराया जाता है।

जियोग्राफी (Geography)

Geography भी ba में सबसे ज्यादा चुने जाने वाले विषयों में से है। जियोग्राफी में आपको देश और दुनिया का भूगोल पढ़ना होता है। बहुत से विद्यार्थी ज्योग्राफी ऑनर्स करते हैं।

पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (Public administration)

Public administration को हिंदी में लोक प्रशासन कहा जाता है। इस विषय में प्रशासन से जुड़ी चीजों का अध्ययन होता है। b.a. में बहुत से विद्यार्थी इस विषय का भी चुनाव करते हैं।

अर्थशास्त्र (Economics)

इकोनॉमिक्स भी आर्ट्स स्ट्रीम के मुख्य विषयों में आता है। B.a. में बहुत से छात्र इस विषय को चुनते हैं, इसमें देश और दुनिया की अर्थव्यवस्था के बारे में पढ़ाई होती है।

राजनीति विज्ञान (Political Science)

पॉलिटिकल साइंस भी बीए के सबसे ज्यादा चुने जाने वाले विषयों में है। राजनीति में रुचि रखने वाले छात्र खास तौर पर बीए में पॉलिटिकल साइंस चुनते हैं।

फिलॉसफी (Philosophy)

फिलॉसफी का मतलब हिंदी में दर्शनशास्त्र होता है। एक तरह से ह्यूमन बिहेवियर का अध्ययन ही फिलॉसफी कहलाता है, ba में बहुत से छात्र इसे भी चुनते हैं।

हिंदी साहित्य ( Hindi Literature)

लैंग्वेज के विषय भी आर्ट्स में ही आते हैं। हिंदी साहित्य में रुचि रखने वाले विद्यार्थी b.a. में हिंदी लिटरेचर की पढ़ाई करते हैं, इसमें इस भाषा का गहन अध्ययन होता है।

सामान्य हिंदी (Hindi General)

हिंदी लिटरेचर और general hindi में अंतर होता है। इसमें भाषा का गहन अध्ययन यानी व्याकरण आदि पर ज्यादा जोर ना देकर इसके व्यवहारिक इस्तेमाल पर ध्यान दिया जाता है।

अंग्रेजी साहित्य (English Literature)

हिंदी के अलावा इंग्लिश भी बहुत से विद्यार्थी चुनते हैं। यह भी b.a. के सबसे ज्यादा चुने जाने वाले विषयों में से है। इंग्लिश लिटरेचर में रुचि रखने वाले छात्र इस भाषा की पढ़ाई करते हैं।

सामान्य अंग्रेजी (English General)

जनरल इंग्लिश के लिए भी यही बात है यह इंग्लिश लिटरेचर से थोड़ा अलग होता है। इसमें भी लैंग्वेज का बहुत ज्यादा गहराई से अध्ययन नहीं किया जाता।

समाजशास्त्र (sociology)

आज के इस विषय के अंतर्गत समाज और उसके अलग-अलग तत्वाे आदि के बारे में पढ़ना होता है। B.a. में बहुत से विद्यार्थियों द्वारा मुख्य विषय के तौर पर सोशलॉजी का चुनाव भी किया जाता है।

साइकोलॉजी (Psychology)

हिंदी में इस विषय को ही मनोविज्ञान कहते हैं। जो एक तरह से इंसान के मस्तिष्क का अध्ययन है। साइकोलॉजी के क्षेत्र में करियर के कई options है, इसीलिए बीए में बहुत से छात्र इस विषय को भी चुनते हैं।

पर्यावरण अध्ययन (Environmental studies)

नाम से समझ में आ जाता है, इस विषय के अंतर्गत पर्यावरण का अध्ययन किया जाता है। यह b.a. के कुछ सबसे आसान विषय में आता है, यह मुख्य के साथ-साथ एडीशनल सब्जेक्ट के रूप में भी पढ़ा जाता है।

संस्कृत (Sanskrit)

यह भी भाषा हो जाती है। जो विद्यार्थी शुरू से संस्कृत पढ़ते हैं, वे बी ए में संस्कृत भी ले सकते हैं। मुख्य सब्जेक्ट के साथ-साथ संस्कृत को भी एडिशनल के रूप में भी पढ़ा जा सकता है।

एलिमेंट्री कंप्यूटर (Elementary Computer)

इस विषय के अंतर्गत कंप्यूटर के बेसिक और शुरुआत लेवल की चीजों की पढ़ाई होती है। B.a में बहुत से विद्यार्थी elementary computer भी चुनते हैं।

गृह विज्ञान (Home science)

असल में इस विषय के अन्तर्गत Home economics, human development, उनके कपड़ों और पहनावो, घर बनाने आदि के बारे में पढ़ा जाता है। यह भी b.a. में कई विद्यार्थियों की चॉइस होती है।

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने मुख्य द्वार पर बी ए के अंतर्गत आने वाले विषयों के बारे में बात की है। 

बहुत से विद्यार्थियों के मन में यह प्रश्न रहता है कि b.a. में कितने पेपर या कितने सब्जेक्ट होते हैं, और हमने ऊपर इसी की चर्चा की है।

बी ए कोर्स में विद्यार्थी आर्ट्स स्ट्रीम के अंतर्गत आने वाले सभी मुख्य विषयों में से किसी का भी चुनाव कर सकते हैं।

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