NEET का पेपर हिंदी में होता है या इंग्लिश में? | NEET paper language?

दोस्तों मेडिकल लाइन हमेशा से ही विद्यार्थियों के लिए करियर के सबसे मुख्य विकल्पों में से एक रहा है, Medical field का चुनाव बहुत से विद्यार्थी करते हैं। 

मेडिकल लाइन में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थी विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा का नाम जरूर ही सुना होता है। 

इस Medical line में एक अच्छा करियर बनाने के लिए NEET सबसे जरूरी परीक्षा होती है। 

NEET की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के मन में इस परीक्षा से संबंधित कई प्रश्न रहते हैं, कई विद्यार्थियों के मन में इस परीक्षा के language medium से संबंधित भी प्रश्न रहते हैं कि NEET का पेपर हिंदी में होती है या इंग्लिश में? 

NEET की परीक्षा हिंदी या इंग्लिश किस भाषा में होती है?

यहां इस आर्टिकल में हम मुख्य तौर पर इसी topic पर बात करेंगे कि नीट का पेपर हिंदी में होता है इंग्लिश में?

NEET का पेपर हिंदी में होता है या इंग्लिश में?

NEET की परीक्षा और किन भाषाओं में आयोजित की जाती है? 

यहां हम NEET की परीक्षा के language medium से संबंधित और NEET exam से संबंधित दूसरी कुछ जरूरी बातों को भी जानेंगे। 

आज हम जानेंगे

NEET का paper हिंदी या english में

NEET की परीक्षा हिंदी और इंग्लिश दोनों ही भाषाओं में आयोजित होती है। 

इतना ही नहीं, वर्तमान में हिंदी और इंग्लिश के साथ साथ NEET की परीक्षा अन्य और 11 भाषाओं में भी आयोजित की जाती है। 

इस साल यानी 2022 के NEET की बात करें तो यह परीक्षा या कहें नीट का पेपर कुल मिलाकर 13 भाषाओं में आयोजित किया जाएगा।

नीट राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली एक बहुत ही प्रमुख प्रवेश परीक्षा है, राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने का मतलब है कि देशभर के सभी क्षेत्रों से विद्यार्थी इस परीक्षा में बैठ सकते हैं। 

इसीलिए नीट की परीक्षा के paper का बहुत सारे भाषाओं में आयोजन किया जाना जरूरी हो जाता है। 

NEET का paper जिन 13 भाषाओं में आयोजित किया जाता है उनकी सूची कुछ इस प्रकार है –

  • हिंदी
  • English
  • असमिया
  • बंगाली
  • गुजराती
  • मराठी
  • तमिल
  • तेलुगु
  • ओड़िया
  • कन्नड़ 
  • पंजाबी
  • मलयालम
  • उर्दू

ये वो 13 भाषाएं हैं जिनमें विद्यार्थी नीट की परीक्षा दे सकते हैं। 

NEET की परीक्षा में भारत के हर राज्य के विद्यार्थी सम्मिलित होते हैं, हिंदी और इंग्लिश 2 सबसे कॉमन लैंग्वेज हैं। 

सबसे ज्यादा संख्या में इन्हीं 2 भाषाओं में विद्यार्थी NEET का paper देते हैं। 

और ऐसे विद्यार्थी जो इन भाषाओं में NEET की परीक्षा नहीं दे सकते हैं या नहीं देना चाहते हैं, उनके लिए अन्य और 11 भाषाओं का विकल्प होता है, जिसमें से वो अपनी भाषा का चयन कर सकते हैं। 

वर्तमान की ये जो 13 भाषाएं हैं, इसमें से पंजाबी और मलयालम भाषा को हाल ही में जोड़ा गया है इससे पहले NEET की परीक्षा total 11 भाषाओं में आयोजित होती थी। 

इसमें english सबसे ज्यादा prefered language रहती है। 

यानी कि सबसे ज्यादा संख्या में विद्यार्थी इंग्लिश लैंग्वेज में ही नीट का पेपर देते हैं। इसके बाद हिंदी का स्थान आता है।

गुजराती, मराठी, तमिल, तेलुगु, ओड़िया, कन्नड़, पंजाबी, मलयालम आदि ये कुछ ऐसी भाषाएं हैं जो किसी विशेष राज्य के विद्यार्थी ही बोलते या पढ़ते हैं। 

ये हिंदी और इंग्लिश में परीक्षा नहीं दे सकते हैं, इसीलिए इनके लिए उनकी अपनी भाषा का NEET की परीक्षा में विकल्प होता है। 

नीट की परीक्षा का फॉर्म भरते समय ही विद्यार्थियों को paper language चुनने का विकल्प दिया जाता है। 

उसी समय विद्यार्थी अपने सुविधा के अनुसार भाषा का चयन कर सकते हैं।

Wikipedia के NEET 2018 के data के अनुसार, नीट-2018 का आयोजन 11 भाषाओं में किया गया था। इन 11 भाषाओं में हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, असमी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मराठी, उड़िया, तमिल व तेलुगु थें। 

NEET 2018 में हिंदी और क्षेत्रीय भाषा वाले छात्रों को सीबीएसई ने दो भाषाओं में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया था, और केवल अंग्रेजी वाले छात्रों को एक ही भाषा में प्रश्न पत्र दिया गया था। 

2019 से, सीबीएसई की जगह NTA NEET के आयोजन के लिए जिम्मेदार हैं। 

2018 NEET की परीक्षा में, लगभग 80% उम्मीदवारों ने अंग्रेजी में paper, 11% उम्मीदवारों ने हिंदी में paper, 4.31% उम्मीदवारों ने गुजराती में paper, 3% उम्मीदवारों ने बंगाली में paper और 1.86% उम्मीदवारों ने तमिल में पेपर लिखा था।

जाहिर है कि सभी भाषाओं में छात्रों को एक समान प्रश्न दिए गए थे, Same questions same marks के रहते हैं। 

कई विद्यार्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि नीट का पेपर कितने नंबर का होता है? इसकी जानकारी वे यहां से ले सकते हैं।

NEET आवेदन पत्र भरते हुए अगर कोई छात्र अंग्रेजी माध्यम चुनता है तो उसे केवल अंग्रेजी में ही प्रश्न पत्र मिलता है। 

लेकिन हिंदी या दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं का माध्यम चुनने वाले छात्रों को उस particular language के प्रश्नपत्र के साथ ही अंग्रेजी में भी पेपर मिलेगा। 

बोर्ड ने यह भी साफ किया था कि अगर संबंधित भाषा में कोई गलत प्रिंटिंग होती है, तो अंग्रेजी का सवाल ही सही माना जाएगा और उसके उत्तर के आधार पर ही मूल्यांकन किया जाएगा।

NEET के paper के लिए कौन सी भाषा best है?

अब कई विद्यार्थियों के मन में यह सवाल भी रह सकता है कि नीट का पेपर देने के लिए सबसे अच्छी भाषा कौन सी है? 

तो पहली बात तो यह है कि NEET का पेपर देने के लिए जो भाषा चुनते हैं उस भाषा में बस आपको NEET के प्रश्न दिए रहते हैं। 

वह बस paper का medium होता है। आपने जिस भी मान्यता प्राप्त भाषा से शुरुआत से पढ़ाई की है, उसमें आप नीट का पेपर दे सकते हैं।

पर आंकड़ों के अनुसार देखें तो नीट का पेपर देने के लिए अंग्रेजी भाषा का चुनाव सबसे ज्यादा किया जाता है। 

अंग्रेजी पढ़ाई के क्षेत्र में तो भारत के हर क्षेत्र की कॉमन भाषा है। 

हर क्षेत्र के कई विद्यार्थी इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई जरूर करते हैं इसलिए एक तरह से नीट के पेपर के लिए सबसे अच्छी भाषा अंग्रेजी को कहा जा सकता है। 

इसके लिए जो सबसे अच्छी किताबें होती हैं, NEET के लिए best books उनमें से ज्यादातर भी अंग्रेजी में ही प्रकाशित होती हैं।

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने NEET के paper के language medium के बारे में बात की है। 

कई विद्यार्थियों के मन में यह सवाल रहता है कि NEET का पेपर हिंदी में होता है या इंग्लिश में? 

यहां हमने अच्छे से बात की है कि NEET का पेपर कुल कितनी भाषाओं में लिया जाता है।

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