दसवीं के बाद आईपीएस ऑफिसर कैसे बनें? | 10th ke bad IPS officer kaise bane

दोस्तों हर विद्यार्थी का अपने करियर में एक लक्ष्य होता है। कोई डॉक्टर तो कोई इंजीनियर तो कोई किसी अन्य क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहता है।

इसी में बहुत से विद्यार्थियों का लक्ष्य एक आईपीएस ऑफिसर बनना होता है, वे सिविल सर्विसेज ज्वाइन करके देश की सेवा में योगदान देना चाहते हैं। 

एक आईपीएस अधिकारी का पद काफी उच्च स्तर के सरकारी अधिकारी का पद होता है, इसमें काफी सम्मान और प्रतिष्ठा होती है, इसलिए बहुत से विद्यार्थी खुद को एक आईएएस ऑफिसर के रूप में देखना चाहते हैं।

कई विद्यार्थी शुरुआत से ही आईपीएस बनने का लक्ष्य रखते हैं, वैसे विद्यार्थियों के मन में कई बार सवाल आता है कि दसवीं के बाद आईपीएस कैसे बने या आईपीएस बनने के लिए दसवीं के बाद की प्रक्रिया क्या है?

दसवीं के बाद आईपीएस ऑफिसर कैसे बनें?

यहां इस आर्टिकल में आज हम इसी की बात करेंगे, कि आईपीएस बनने के लिए दसवीं के बाद क्या करना होता है?

दसवीं के बाद आईपीएस कैसे बन सकते हैं? यहां हम इसके steps को एक-एक करके  समझेंगे।

10th के बाद IPS बनने के लिए क्या करें?

पहले थोड़ा सा आईपीएस के बारे में बात करें तो IPS का पुरा नाम “Indian Police Service” होता है।

भारत सरकार की तीन अखिल भारतीय सेवाओं में  IAS (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस), IFS (इंडियन फॉरेस्ट सर्विस) और IPS आते हैं।

पुलिस में हम जो एस पी, डी आई जी और आई जी आदि पदों के नाम सुनते हैं उनमें आईपीएस ऑफिसर ही होते हैं।

IPS कैसे बनें, में तो सबसे पहले तो यह बात स्पष्ट रूप से जान लेनी चाहिए और ज्यादातर विद्यार्थियों को यह पता भी  है कि किसी भी हालत में सिर्फ दसवीं के बाद आईपीएस अधिकारी नहीं बना जा सकता है।

आईपीएस बनने के लिए मिनिमम रिक्वायर्ड क्वालिफिकेशन ग्रेजुएशन की होती है।

Graduation पूरी करने के बाद विद्यार्थी को यूपीएससी की परीक्षा या कहें यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास करनी होती है।

और उस परीक्षा में अच्छे अंक लाने के बाद उनका आईपीएस अधिकारी के रूप में सिलेक्शन होता है। 

तो दसवीं के बाद से बात करें तो एक आईपीएस ऑफिसर बनने तक में कई स्टेप्स आ जाते हैं।

इसीलिए, दसवीं के बाद आईपीएस बनने के लिए क्या करें के जवाब को step wise बताया जा सकता है। 

दसवीं के बाद आईपीएस बनने की प्रक्रिया में निम्नलिखित steps शामिल होते हैं –

Step 1 – दसवीं के बाद 12वीं पास करें।

दसवीं के बाद तो जाहिर है कि हर विद्यार्थी 12वीं ही पास करेगा।

अब कहें की आईपीएस बनने के लिए दसवीं के बाद कौन सा स्ट्रीम लेना होता है, तो इसमें किसी तरह की कोई सीमा नहीं है किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास विद्यार्थी आगे चलकर आईपीएस की परीक्षा में बैठ सकता है।

हां, यह पूछ सकते हैं कि दसवीं के बाद कौन सा स्ट्रीम लेना आईपीएस बनने के लिए सही रहता है।

तो इसमें भी उम्मीदवार पर निर्भर करता है कि उसे कौन सा विषय पसंद है, कौन सा विषय है उसके लिए आसान है।

पर कई बार विद्यार्थियों को आर्ट्स लेने की सलाह दी जाती है, क्योंकि आर्ट्स के विषय आसान होते हैं, और आईपीएस की परीक्षा में भी इन विषयों से सवाल रहते हैं।

Step 2 – 12वीं के बाद ग्रेजुएशन पूरा करें।

ग्रेजुएशन यूपीएससी की परीक्षा में बैठने के लिए मिनिमम रिक्वायर्ड क्वालिफिकेशन है, आईपीएस बनने के लिए 12वीं के बाद ग्रेजुएशन अनिवार्य है।

11वीं और 12वीं की ही तरह ग्रेजुएशन में भी सब्जेक्ट मायने नहीं रखता है।

मतलब यह है कि किसी भी stream के किसी भी विषय में ग्रेजुएट विद्यार्थी आईपीएस बनने के लिए यूपीएससी की परीक्षा में बैठ सकते हैं।

फिर बात यहीं आ जाती है कि कई बार विद्यार्थियों को आर्ट्स स्ट्रीम के किसी विषय से ग्रेजुएशन करने की सलाह दी जाती है क्योंकि विज्ञान और कॉमर्स के विषयों की तुलना में यह विषय थोड़े आसान हो सकते हैं।

और इससे ग्रेजुएशन के दौरान भी आईपीएस की परीक्षा की तैयारी में ध्यान दिया जा सकता है।

Step 3 – UPSC exam के लिए apply करें।

ग्रेजुएशन पूरी हो जाने के बाद विद्यार्थी यूपीएससी की परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं, हालांकि ग्रेजुएशन के लास्ट ईयर के छात्र भी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

परीक्षा होने तक उनका ग्रेजुएशन पूरा हो जाता है। यूपीएससी की ऑफिसियल वेबसाइट UPSC.Gov.In से आईपीएस की परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

यूपीएससी की परीक्षा के लिए अप्लाई करने का प्रोसेस जरूरी है क्योंकि कई हजारों की संख्या में विद्यार्थी सिर्फ अप्लाई करने के दौरान छांट दिए जाते हैं।

असल में यूपीएससी का फॉर्म भरना थोड़ा मुश्किल होता है, इसमें काफी जानकारियां भरनी होती है और थोड़ी भी गलती होने पर उम्मीदवार को छांट दिया जाता है।

यूपीएससी की परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है जिसमें पहला यूपीएससी प्रिलिमनरी एक्जाम उसके बाद यूपीएससी मैंस और फिर साक्षात्कार यानी इंटरव्यू होता है।

यह सब सफलतापूर्वक पास करने के बाद आईपीएस की ट्रेनिंग और फिर आईपीएस के पद पर नियुक्ति होती है।

Step 4 – UPSC prelims पास करें।

अप्लाई करने के बाद सबसे पहले यूपीएससी प्रीलिम्स का एग्जाम देना होता है।

इसे ही qualifying paper कहते है। यह सामान्यतः जून से लेकर अगस्त महीने के बीच में आयोजित की जाती है। 

UPSC prelims में सारे questions Objective टाइप के होते है। Prelims में 2 पेपर होते है जो कि 200-200 अंक के होते हैं, इससे प्रीलिम्स 400 अंकों की परीक्षा हो जाती है।

गलत जवाब के लिए Negative Marking भी होती है। इसके प्रश्न-पत्र हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों भाषा में होते हैं, विद्यार्थी जो भी prefer करे।  

Step 5 –  UPSC mains पास करें।

प्रीलिम्स पास करने के बाद उम्मीदवार को मेंस पास करना होता है।

Prelims की तुलना में मेंस थोड़ा ज्यादा कठिन होता है। UPSC mains में कुल 9 पेपर होते हैं जो कि डिस्क्रिप्टिव टाइप के होते है। 

इसमें 7 पेपर मेरिट और 2 भाषा यानी language के होते है। इसमें डिस्क्रिप्टिव/निबंध और ऑप्शनल, 2 तरह के पेपर होते हैं।

mains qualify करने के बाद इंटरव्यू की बारी आती है।

Step 6 – UPSC interview पास करें।

Interview civil services एग्जाम का अंतिम चरण होता है। Interview में यूपीएससी पास कर चुके प्रतिष्ठित अधिकारीयों द्वारा आमंत्रित उम्मीदवार का का इंटरव्यू लिया जाता है।

साक्षात्कार 275 अंक का होता है। यह लगभग 45 मिनट से 1 घंटे तक चल sakता हैं। 

Interview के जरिए कैंडिडेट का आत्मविश्वास, खुद को प्रस्तुत करने की क्षमता, विचार, व्यक्तित्व, रवैया आदि को परखा जाता है।

IPS अधिकारी बनने पर वह कैसा perform कर सकता है, interview से इसका अंदाजा लगता है।

जो उम्मीदवार तीनों चरणों को सफलतापूर्वक पास कर लेता है उसका सिलेक्शन एक आईपीएस अधिकारी के तौर पर हो जाता है।

इसके बाद का एक और स्टेप आप training को कह सकते हैं। इन तीनो चरणों को क्लियर करने के बाद ही उम्मीदवार को आईपीएस की ट्रेनिंग के लिए योग्य माना जाता है। 

आईपीएस की ट्रेनिंग तीन साल की होती है, जिसमें उम्मीदवार को प्रशासन और पुलिसिंग के हर चीज के बारे में सिखाया जाता है।

उन तीन सालों के बाद उम्मीदवार को IPS के पद के लिए शपथ दिलवा कर आईपीएस अधिकारी के तौर पर नियुक्त कर दिया जाता है।

Conclusion

तो यह सारे स्टेप्स थी दसवीं के बाद आईपीएस अधिकारी बनने की। यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है, इसे पास करने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत और लगन चाहिए होता है।

इसीलिए जिन विद्यार्थियों का सपना आईपीएस अधिकारी बनने का होता है उन्हें दसवीं के बाद से ही इसकी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। सही दिशा में सही मेहनत करके यूपीएससी की परीक्षा पास करके एक आईपीएस अधिकारी बना जा सकता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.