SSC में कौन-कौन से Subjects होते हैं? | SSC Subject list

SSC में कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं? एसएससी की तैयारी में विद्यार्थियों को किन विषयों को पढ़ना होता है? जो विद्यार्थी एसएससी की तैयारी करते हैं उन्हें कौन-कौन से सब्जेक्ट पढ़ने पड़ते हैं? इस तरह के सवाल, 12वीं के बाद जो विद्यार्थी एसएससी की तैयारी करके जॉब पाना चाहते हैं उनके मन में आना स्वाभाविक होता है।

General competition की बात करें तो बहुत सारे विद्यार्थी एसएससी की तैयारी करते हैं, जिसमें वे अलग-अलग posts पर नौकरी पाना चाहते हैं।

यहां इस लेख में हम मुख्यतः इसकी बात करेंगे कि एसएससी की तैयारी में आप कौन-कौन से सब्जेक्ट पढ़ते हैं।

एसएससी की तैयारी करने की सोचने वालों के लिए यह जरूरी होता है कि उन्हें यह पता हो कि तैयारी के दौरान वे कौन से विषय पढ़ेंगे, कितने विषय और उन में क्या क्या पढ़ना होता है, इन्हीं कि यहां चर्चा करेंगे।

SSC में कितने विषय (Subjects) होते हैं?

SSC Subject

दोस्तों अगर सीधे बात करें की एसएससी में कितने सब्जेक्ट होते हैं, यानी एसएससी की तैयारी के दौरान आपको कुल कितने विषयों को पढ़ना होता है तो इसका जवाब होगा 4 विषय।

SSC के preparation के लिए आप मुख्य तौर पर चार ही विषयों को पढ़ेंगे, एसएससी के अंतर्गत होने वाले अलग-अलग परीक्षाओं में इन चार विषयों से ही प्रश्न पूछे जाते हैं।

SSC के अंतर्गत होने वाली अलग-अलग परीक्षाओं के सिलेबस में अंतर हो सकता है लेकिन विषय यह चार ही रहते हैं। एसएससी के 4 सब्जेक्ट्स निम्नलिखित है –

  • Quantitative aptitude
  • Reasoning
  • General awareness
  • English language

एसएससी के इन सब्जेक्ट के बारे में एक-एक करके संक्षिप्त में अच्छे से जान लेते हैं-

1. Quantitative aptitude

बहुत से विद्यार्थीयों को सुनने में यह कोई नया विषय लग सकता है लेकिन Quantitative aptitude को ही सामान्य भाषा में mathematics अथवा गणितीय कौशल कहा जाता है।

SSC के maths में बहुत ज्यादा हाई लेवल के maths के प्रश्न नहीं रहते हैं, कक्षा नौवीं दसवीं तक हम जो गणित पढ़ते हैं वही सारे chapters रहते हैं, बस उनसे concept based और घुमाने वाले प्रश्न परीक्षा में पूछे जाते हैं।

SSC के preparation के लिए पढ़े जाने वाले मैथ्स के chapters की बात करें तो इसमें Number system, simplification, fraction & decimal, ratio & proportion, percentage, square root, average, interest, profit loss, mixture & alligation , geometry & mensuration, discount, time & work, time & distance, trigonometry, bar diagram , pie chart, various kind of centres, triangl, algebra, miscellaneous आदि chapters से प्रश्न रहते हैं।

2. Reasoning

रिजनिंग का मतलब या इसे हिंदी में तार्किक अभियोग्यता कहां जाता है जिसमें लॉजिक के हिसाब से आपको answer देना होता है। एसएससी के अलावा भी दूसरे कई कॉम्पिटेटिव एग्जाम्स के लिए रीजनिंग पढ़नी होती है।

इस सब्जेक्ट के अंतर्गत आपको निम्नलिखित टॉपिक अथवा पाठ पढ़ने होते हैं- Analogy, classification, coding-decoding, blood relation, puzzle, matrix, word formation, direction and distance, Venn diagram, series, data sufficient, ranking, verbal reasoning, non-verbal reasoning, critical thinking, emotional and social Intelligence.

रीजनिंग एक ऐसा विषय है जिसमें आपको लंबे समय तक बहुत ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं होती, यदि आप इसकी लगातार प्रैक्टिस करते रहते हैं तो यह एक काफी आसान विषय है।

रीजनिंग के प्रश्न बनाने के लिए नॉलेज से ज्यादा सोचने की क्षमता की जरूरत होती है, क्योंकि इसमें प्रश्न में दिए गए कंडीशन के आधार पर आपको उत्तर देना होता है।

एसएससी के अंतर्गत आने वाले अलग-अलग परीक्षाओं में अलग-अलग प्रकार के रीजनिंग के प्रश्न पूछे जाते हैं, पर यदि आप रिजनिंग के हर टॉपिक के प्रश्नों की अच्छे से प्रैक्टिस करते हैं तो हर तरह के प्रश्न आसानी से सॉल्व कर सकेंगे।

3. General awareness

असल में एसएससी के इस विषय के अंतर्गत जनरल साइंस, जनरल नॉलेज और current affairs इत्यादि भी आ जाते हैं। जनरल अवेयरनेस को हिंदी में सामान्य जागरूकता कहा जाता है।

निचली कक्षाओं से हम जो GK और GS जैसे विषयों की पढ़ाई करते हैं, इसमें वह सब आ जाता है।

इस विषय के अंतर्गत पढ़े जाने वाले subjects की बात करें तो वे History, geography, civics, economic, current affairs, culture, general policy, scientific research, books and author, awards and honours इत्यादि हैं।

यह एक ऐसा विषय नहीं है जो आप सिर्फ एसएससी के प्रिपरेशन के दौरान ही पढ़ेंगे बल्कि सभी तरह के कॉम्पिटेटिव एग्जाम्स में यह विषय अनिवार्य ही होता है।

जैसा हमने जाना इस विषय के अंतर्गत कई सारे टॉपिक्स आते हैं इसीलिए हर टॉपिक के जरूरी प्रश्नों के बारे में अच्छे से पढ़ना जरूरी होता है क्योंकि एसएससी की परीक्षा में सवाल किसी भी जरूरी टॉपिक से पूछा जा सकता है।

Current affairs और policies आदि के बारे में पढ़ने के लिए किसी किताब से नहीं बल्कि रोजाना अखबार और न्यूज़ चैनल आदि देखने की जरूरत रहती है।

एसएससी में यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है, और यदि इसकी अच्छे से पढ़ाई की गई हो तो आसानी से परीक्षा में अंक लाए जा सकते हैं।

4. English language

कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि बहुत से विद्यार्थी एसएससी की तैयारी सिर्फ इसलिए नहीं करते क्योंकि वह हिंदी मीडियम बैकग्राउंड से होते हैं। और एसएससी के मुख्य परीक्षाओं के लिए अंग्रेजी यानी english language एक अनिवार्य विषय के रूप में रहता है।

कई विद्यार्थियों को सिर्फ इंग्लिश के कारण ही एसएससी के प्रिपरेशन में दिक्कत होती है।

SSC के लिए, मुख्य रूप से विद्यार्थी को अंग्रेजी ग्रामर (english grammar) की सही नॉलेज होनी चाहिए।

यदि बात करेगी इंग्लिश ग्रामर में से किस तरह के प्रश्न एसएससी में पूछे जाते हैं तो ssc में Reading comprehension, cloze test, para jumbled, fill in the blanks / fillers, multiple meaning, error spotting or error detection, paragraph completion, one word substitution, miscellaneous, active / passive और narration आदि आते हैं।

एसएससी के अंतर्गत कोई एक नहीं बल्कि कई सारे पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं ली जाती है, जैसे कि आपने एमटीएस, सीएचएसएल और सीजीएल आदि जैसी परीक्षाओं का नाम सुना होगा।

इन सभी अलग-अलग परीक्षाओं का सिलेबस अलग अलग रहता है लेकिन कुल मिलाकर जितनी भी चीजें पढ़नी होती है वे सभी इन चार विषयों के अंतर्गत ही आ जाती हैं।

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