क्या यूपीएससी में Maths होता है? | Kya UPSC mein Maths hota hai

दोस्तों इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि क्या यूपीएससी में मैथ होता है? क्या UPSC में maths आता है? 

दोस्तों सबसे प्रतिष्ठित सरकारी नौकरियों में आईएएस और आईपीएस आदि का नाम सबसे पहले आता है। 

बहुत से विद्यार्थियों का लक्ष्य यूपीएससी की परीक्षा पास करके IAS,IPS बनने का होता है, इसके अलावा भी यूपीएससी के द्वारा अन्य 24 services में नियुक्ति होती है। 

यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा होती है। ऐसे में UPSC aspirants के मन में इस परीक्षा के सिलेबस और इस परीक्षा में आने वाले विषयों के बारे में कई प्रश्न रहते हैं। 

कई विद्यार्थियों के मन में यह प्रश्न भी रहता है कि क्या यूपीएससी में मैथ होता है? या क्या UPSC में maths आता है?

क्या यूपीएससी में Maths होता है?

यहां इस लेख में हम मुख्य तौर पर इसी सवाल के जवाब पर चर्चा करेंगे। 

बात करेंगे कि यूपीएससी में मैथमेटिक्स आता है या नहीं? 

इस सवाल के साथ-साथ हम यूपीएससी की परीक्षा में आने वाले दूसरे कुछ विषयों के बारे में भी जान लेंगे।

क्या UPSC में Maths होता है?

हां, UPSC में Maths होता है, लेकिन असल में, यह इसका पूरा उत्तर नहीं है। 

यूपीएससी मेंस की परीक्षा में यदि आप ऑप्शनल विषय में मैथ्स चुनते हैं, तो आपको मैथ्स का पेपर देना होता है वरना नहीं। 

और इसके अलावा यूपीएससी प्रीलिम्स में CSAT का एक पेपर होता है, उसमें maths से प्रश्न रहते हैं। 

पर CSAT में maths के अलावा दूसरे विषयों से भी प्रश्न रहते हैं, और चूंकि CSAT क्वालीफाइंग पेपर होता है यानी इसमें आपको क्वालीफाइंग मार्क्स (33 ⅓ % marks) ही लाने होते हैं।

इसलिए आप बिना maths के प्रश्नों को हल किए भी यह पेपर क्वालीफाई कर सकते हैं, बशर्ते आपको दूसरे सारे विषयों के प्रश्न आने चाहिए। 

तो हम कह सकते हैं कि यूपीएससी में maths होता तो है लेकिन यह कोई एक बिलकुल compulsory subject नहीं है। 

यदि किसी विद्यार्थी की मैथ्स बहुत अच्छी नहीं है, तो भी वह यूपीएससी क्वालीफाई कर सकता है। 

इसे अच्छे से समझने के लिए हम बात करते हैं कि यूपीएससी का एग्जाम पैटर्न क्या होता है, और इसमें कितने पेपर आते हैं। 

तो, यूपीएससी की परीक्षा तीन चरणों में होती है। 

  • UPSC prelims
  • UPSC mains 
  • Interview

UPSC prelims

इसमें से प्रीलिम्स, यूपीएससी की परीक्षा का पहला चरण होता है, और प्रीलिम्स में 2 पेपर्स की परीक्षा ली जाती है। 

जिसमें पहला paper general studies यानी general studies का और दूसरा paper CSAT का होता है। 

General studies में हिस्ट्री, ज्योग्राफी, पॉलिटिक्स आदि विषयों से प्रश्न रहते हैं। 

CSAT की बात करें तो इसमें उम्मीदवार की पढ़ने की समझ, निर्णय लेने की समझ और उसकी तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता को आंकने के लिए प्रश्न पूछे जाते हैं। 

और इसमें mathematics से प्रश्न रहते हैं। 

चूंकि हम UPSC की बात कर रहे हैं, इसीलिए इसमें maths के प्रश्नों का स्तर अच्छा ही रहता है। 

पर जैसा हमने कहा इसमें दूसरे विषयों से भी प्रश्न रहते हैं, इसीलिए यदि विद्यार्थी मैथ छोड़ भी देते हैं, तो भी वह क्वालीफाई कर सकते हैं।

Mains में बैठने के लिए प्रीलिम्स के दोनों पेपर्स पास करने जरूरी है। 

Prelims की परीक्षा पैटर्न की बात करें तो general studies यानी जनरल स्टडीज के पेपर में प्रश्नों की कुल संख्या 100 होती है। 

सारे प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रकार के होते हैं, हर प्रश्न के 2 अंक के हिसाब से कुल 200 अंक हो जाते हैं, और इसके लिए 2 घंटे का समय मिलता है।

CSAT paper में भी वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न ही होते हैं बस इसमें प्रश्नों की कुल संख्या 80 होती है, पूर्ण अंक वही 200, और समय भी 2 घंटे का होता है।

UPSC mains 

अब Mains की papers की बात करें तो इसमें कुल मिलाकर 9 पेपर देने होते हैं। 

इन 9 पेपर्स में से 2 लैंग्वेज के पेपर होते हैं (जो कुल 300 अंक की परीक्षा होती है, और क्वालीफाई करने के लिए 25% अंक लाना अनिवार्य होता है)। 

मेरिट बनाते समय इन दो language papers को छोड़कर बाकी 7 papers को सम्मिलित किया जाता है। 

ये 7 पेपर्स general studies, निबंध और optional paper होते हैं। 

Language में paper A भारत की किसी भी मान्य भाषा का, फिर paper B अंग्रेजी का होता है। दोनों ही पेपर्स 300 अंकों के होते हैं और इनके लिए 3 घंटे का समय होता है। 

अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम राज्यों के उम्मीदवारों के लिए पेपर A compulsory नहीं रहता है।

पेपर I निबन्ध का होता है, फिर पेपर II general studies I का इसमें भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास और भूगोल से प्रश्न रहते हैं।

पेपर III general studies II का, जिसमें शासन, संविधान, सामाजिक न्याय, राजनीति, अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध आदि से प्रश्न रहते हैं।

पेपर IV general studies III का, जिसमें प्रद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विभिन्नता, पर्यावरण, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन आदि से प्रश्न रहते हैं।

पेपर V general studies IV का जिसमें ईमानदारी, आचार-विचार और कौशल के लिए प्रश्न रहते हैं।

पेपर VI वैकल्पिक I (optional I) और  पेपर VII वैकल्पिक II (optional 2) का होता है। 

इन papers के लिए समय 3 घंटा का और सारे पेपर्स ढाई सौ (250) अंकों के होते हैं। 

इन्हीं optional papers में विद्यार्थी अपनी रूचि के अनुसार मैथ का चयन कर सकते हैं। 

बहुत से विद्यार्थी यह भी सर्च करते हैं कि इन अलग-अलग चरणों में UPSC में कितने सब्जेक्ट होते हैं? 

यदि किसी उम्मीदवार की मैथ अच्छी है, तो वह ऑप्शनल पेपर में गणित रख सकता है। 

ऑप्शनल पेपर में वह जितने अधिक अंक लाएगा फाइनल रिजल्ट बनाते समय उसके अंग उतने ही ज्यादा होंगे। 

पर यदि विद्यार्थी मैथ की जगह दूसरा कोई उसे चुनते हैं तो उनका maths का कोई मतलब नहीं रहता है।

UPSC Interview

यूपीएससी की परीक्षा का तीसरा चरण होता है इसका इंटरव्यू। Interview साक्षात्कार होता है, प्रीलिम्स और मेंस पास करने वाले विद्यार्थी इंटरव्यू के लिए जाते हैं। 

यूपीएससी का इंटरव्यू भी बहुत कठिन होता है। जिन विद्यार्थियों का प्रश्न रहता है कि interview में यूपीएससी का सिलेबस क्या है? 

तो इसमें अधिकारी आपसे किसी भी क्षेत्र से और किसी भी विषय से प्रश्न पूछ सकते हैं, इसीलिए यहां पर भी गणित की जानकारी होना जरूरी हो जाता है। 

हालांकि आपके चुने हुए विषयों से ही ज्यादातर प्रश्न रहते हैं पर फिर भी interview के लिए भी mathematics जरूरी हो जाता है।

Conclusion

यहां ऊपर इस आर्टिकल में हमने बात की है कि क्या यूपीएससी में मैथ होता है? 

क्या यूपीएससी की परीक्षा में गणित विषय से सवाल रहते हैं? सिविल सर्विसेज में जाने के लिए यूपीएससी की तैयारी हर साल बहुत बड़ी संख्या में विद्यार्थी करते हैं। 

इसमें सफल होने के लिए विद्यार्थियों के विद्यार्थियों को इसके सारे विषयों, एग्जाम पैटर्न और सिलेबस कि अच्छे से जानकारी होनी चाहिए। 

गणित विषय को लेकर कई विद्यार्थियों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या यूपीएससी में गणित आता है? ऊपर हमने इसी के बारे में चर्चा की है।

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