बैंक मैनेजर की सैलरी कितनी होती है? | Bank Manager Ki Salary Kitni Hoti Hai

यहां इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि बैंक मैनेजर की सैलरी कितनी होती है?

दोस्तों आज के समय में विद्यार्थियों के पास चुनने के लिए कई सारे करियर ऑप्शंस मौजूद हैं, और इन्हीं सब विकल्पों में से एक विकल्प बैंक मैनेजर का भी होता है, जिसे एक अच्छे और सम्माननीय जॉब प्रोफाइल के रूप में देखा जाता है।

कई सारे विद्यार्थी बैंक मैनेजर बनने की तैयारी करते हैं। दसवीं के बाद कॉमर्स लेने वाले कई विद्यार्थी बैंक मैनेजर बनने का सपना देखते हैं, हालांकि साइंस स्ट्रीम और आर्ट्स स्ट्रीम वाले भी इसके लिए जा सकते हैं।

पर बैंक मैनेजर की नौकरी से संबंधित एक सवाल की बैंक मैनेजर की सैलरी कितनी होती है? कई विद्यार्थियों के मन में आता होगा।

आज यहां इस आर्टिकल में हम मुख्यतः इसी की बात करेंगे कि एक बैंक मैनेजर को महीने की कितनी तनख्वाह दी जाती है।

एक बैंक मैनेजर की सैलरी के बारे में सही जानकारी होना जरूरी है जिससे कि विद्यार्थी यह निर्धारित कर सके कि बैंक मैनेजर बनना उनके लिए सही होगा या नहीं।

बैंक मैनेजर की सैलरी के साथ-साथ बैंक मैनेजर क्या होता है यानी उसका काम, बैंक मैनेजर बनने के लिए क्या क्वालिफिकेशन चाहिए आदि के बारे में भी जानेंगे।

Bank Manager कौन होता है?

जब भी हम अपने नजदीकी किसी बैंक की शाखा में जाते हैं तो उस शाखा में बैंक के कई सारे कर्मचारी काम कर रहे होते हैं।

उन सभी कर्मचारियों और बैंक के उस शाखा के पूरे मैनेजमेंट का काम बैंक मैनेजर का होता है।

इसीलिए बैंक मैनेजर से ज्यादा सही उस व्यक्ति को ब्रांच मैनेजर कहना होगा।

बैंक मैनेजर के पद पर नियुक्त होने के बाद एक उम्मीदवार को बैंक की उस शाखा या ब्रांच की सारी जिम्मेदारी सौंप दी जाती है जिसके बाद वहां काम करने वाले सभी कर्मचारी उस ब्रांच मैनेजर की देखरेख में ही काम करते हैं।

तो सीधे-सीधे कहे तो, बैंक की किसी एक शाखा का प्रमुख बैंक मैनेजर होता है, अकाउंट या दूसरी किसी चीज़ से संबंधित समस्या होने पर हम बैंक मैनेजर को ही एप्लीकेशन लिखते हैं।

Bank Manager की Monthly salary

बैंक मैनेजर की सैलरी कितनी होती है ?

दोस्तों बैंक मैनेजर की सैलरी के बारे में जानने से पहले बैंक मैनेजर बनने की प्रक्रिया के बारे में जान लेते हैं।

किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक में पहले आप PO के पद पर कार्यरत होते हैं, जिसपर कुछ साल काम करने की बाद आप assistant manager और उस पद पर कुछ काम काम करने के बाद बैंक मैनेजर के पद पर promote किए जाते हैं।

Bank में (PO) प्रोबेशनरी ऑफिसर scale I का एक assistant manager होता है।

यदि उम्मीदवार देश के सरकारी बैंकों में से किसी में जॉब पाना चाहते हैं, तो उसके लिए उन्हें IBPS PO की परीक्षा पास करनी होती है।

हालांकि एसबीआई देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है, और यह अपनी कर्मचारीयों के चयन के लिए SBI PO  की अलग प्रक्रिया अपनाता है।

प्राइवेट बैंको में नौकरी के लिए उम्मीदवार को PO यानी probationary officer की परीक्षा पास करनी होती है।

अब यादि सैलरी की बात करें तो अलग-अलग बैंकों में बैंक बैंक मैनेजर को अलग-अलग सैलरी दी जाती है।

बड़े सरकारी बैंकों में प्राइवेट बैंकों की तुलना में मैनेजर की सैलरी ज्यादा होती है, वहीं थोड़े छोटे बैंको के bank manager की सैलरी कम हो सकती है।  

शुरुआत में जब आप बैंक में प्रोबेशनरी ऑफिसर यानी कि PO अधिकारी के रूप में काम करते हैं तो आपकी शुरुआती सैलरी लगभग 23-24 हज़ार रुपए तक हो सकती है।

फिर इसके बाद प्रमोशन के साथ सैलरी बढ़ती है, PO से assistant manager और फिर बैंक manager बनने तक आपकी सैलरी 80-90 हजार रुपए मासिक तक भी पहुंच सकती है।

जैसा कि हमने कहा बैंक मैनेजर की सैलरी बैंक पर निर्भर करती है, कि कौन सा बैंक कितनी सैलरी offer करता है।

देश के बड़े प्राइवेट बैंकों के बैंक मैनेजर की सैलरी भी अच्छी खासी होती है।

एक बैंक मैनेजर की सैलरी में basic pay के साथ-साथ कई सारे अन्य allowances शामिल होते हैं।

जैसे कि Dearness allowance, City compensatory allowance, Leased house accommodation, furniture allowance, medical insurance, travelling allowance और miscellaneous आदि।

इनके अलावा भी उन्हें अन्य कुछ benefits मिलते हैं, जैसे कि बैंक का कर्मचारी होने के कारण उन्हें loan benefits में interest rates पर concession मिलता है। 

Bank Manager कैसे बन सकते हैं?

Bank manager के job को समाज में एक अच्छे और सम्माननीय जो प्रोफाइल के रूप में देखा जाता है।

और financial view से एक बैंक मैनेजर की सैलरी भी अच्छी खासी होती है।

तब बात आती है कि कोई उम्मीदवार बैंक मैनेजर कैसे बन सकता है? यदि इसे संक्षिप्त में जाने तो सबसे पहले तो यह सुनिश्चित करें कि आप सरकारी बैंक में नौकरी चाहते हैं या प्राइवेट क्योंकि दोनों की प्रक्रिया थोड़ी अलग होती है।।

सरकारी बैंकों के लिए IBPS पास करना जरूरी है, उसमें भी एसबीआई और आईडीबीआई बैंक अपनी अलग से परीक्षा लेते हैं।

वहीं private bank के लिए PO program join करना होता है। इसके बाद फिर कॉपरेटिव बैंक भी होते हैं, इन बैंकों में नौकरी के लिए अलग से परीक्षा आयोजित की जाती है।

परीक्षा दो चरणों में होती है, लिखित और इंटरव्यू। दोनों ही चरणों को पास करने वाले उम्मीदवार बैंक में नौकरी ले सकते हैं।

तो सीधे-सीधे यदि एक बैंक मैनेजर बनने की प्रक्रिया की बात करें तो 12वीं पूरी होने के बाद आप ग्रेजुएशन करेंगे जिसके बाद ibps या po की परीक्षा पास करेंगे।

सिलेक्शन के बाद आप PO के पद पर कार्यरत होंगे जिसके बाद प्रमोशन से असिस्टेंट मैनेजर और फिर ब्रांच मैनेजर बनेंगे।

आज के समय में हर क्षेत्र की तरह इसमें भी प्रतिस्पर्धा बहुत है, लेकिन सही मेहनत के साथ आसानी से इन्हें भी पास किया जा सकता है।

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने मुख्य तौर पर बैंक मैनेजर की सैलरी के बारे में बात की।

बहुत से विद्यार्थी आगे चलकर बैंक मैनेजर को करियर के रूप में चुनना चाहते हैं, और इसके लिए उन्हें इसकी सैलरी के बारे में सही से पता होना जरूरी है।

बैंक मैनेजर की सैलरी के साथ-साथ हमने बैंक मैनेजर क्या है, और बैंक मैनेजर कैसे बन सकते हैं, आदि के बारे में भी बात की।

इससे संबंधित कोई सवाल यदि आपके मन में हो तो हमें नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

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