डॉक्टर बनने के लिए कौन सा सब्जेक्ट लेना चाहिए? | Doctor banne ke liye kaun sa subject Lena chahie

दोस्तों इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि डॉक्टर बनने के लिए कौन सा विषय लेना चाहिए?

वर्तमान में विद्यार्थियों से पूछे जाने पर कि वह आगे चलकर करियर में किस प्रोफेशन में जाना चाहता है, तो इंजीनियर और डॉक्टर ही सबसे ज्यादा मिलने वाले जवाब होते हैं। 

आज के समय में हर साल लाखों की संख्या में विद्यार्थी 12वीं पास करने के बाद एक डॉक्टर बनने के उद्देश्य से MBBS या इस जैसे किसी मेडिकल कोर्स जैसे BAMS, BUMS, BDS आदि में दाखिला लेते हैं। 

विद्यार्थी आगे जिस प्रोफेशन में जाना चाहते हैं उसे ध्यान में रखकर ही आगे पढ़ने के लिए विषयों का चुनाव करते हैं।

जो विद्यार्थी डॉक्टर बनने का सपना रखते हैं, उनके मन में यह सवाल निश्चय ही आता होगा कि डॉक्टर बनने के लिए कौन सा विषय लेना चाहिए? या कहें कि डॉक्टर बनने के लिए कौन सा विषय लेना जरूरी है?

डॉक्टर बनने के लिए कौन सा सब्जेक्ट लेना चाहिए?

यहां इस आर्टिकल में हम मुख्य तौर पर इसी की बात करेंगे कि एक डॉक्टर बनने के लिए कौन सा विषय लेना चाहिए?

या एक डॉक्टर बनने के लिए विद्यार्थियों को कौन सा विषय लेना पड़ता है? 

Doctor बनने के लिए कौन सा सब्जेक्ट लेना चाहिए?

डॉक्टर बनने के लिए विद्यार्थियों को साइंस स्ट्रीम में PCB यानी कि physics, chemistry और biology लेना चाहिए, बल्कि ये subjects चुनना एक डॉक्टर बनने के लिए अनिवार्य होता है।

एक डॉक्टर बनने के लिए विद्यार्थी को पीसीबी यानी कि फिजिक्स केमिस्ट्री और बायोलॉजी चुनना जरूरी होता है।

दसवीं के बाद Commerce और Arts stream चुनने वाले विद्यार्थी तो डॉक्टर बनने के लिए जा ही नहीं सकते हैं।

इसके लिए साइंस स्ट्रीम होना जरूरी है और उसमें भी maths (physics, chemistry, mathematics) का चुनाव करने वाले विद्यार्थी medical line में नहीं जा सकते हैं, यानी कि maths वाले विद्यार्थी डॉक्टर नहीं बन सकते हैं।

Doctor बनने के लिए जरूरी या कहें अनिवार्य है कि विद्यार्थी biology का चुनाव करें। 

Doctor बनने के लिए 10वीं के बाद कौन सा सब्जेक्ट लेना चाहिए?

कौन सा विषय लेना चाहिए यानी कि यदि विषय चुनने की बात करें तो ऐसा विद्यार्थियों के साथ दसवीं के बाद ही होता है।

निचली कक्षाओं से लेकर दसवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को सारे विषय एक साथ पढ़ने होते हैं।

जिसमें मैथ, साइंस, हिंदी,  इंग्लिश, सामाजिक विज्ञान आदि सबकुछ शामिल होता है।

और 10वीं की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद विद्यार्थियों को साइंस, कॉमर्स या फिर आर्ट्स स्ट्रीम में से किसी एक का चुनाव करना होता है।

विद्यार्थी आगे जिस भी प्रोफेशन में जाना चाहते हैं उसी हिसाब से science, commerce या Arts में से किसी एक का चुनाव करते हैं। 

अब बात करें कि डॉक्टर बनने के लिए दसवीं के बाद कौन सा विषय लेना चाहिए तो इस बारे में हमने ऊपर बात की है।

डॉक्टर बनने के लिए दसवीं के बाद जरूरी है कि विद्यार्थी साइंस स्ट्रीम का चुनाव करें।

और उसमें भी विद्यार्थियों को पीसीबी यानी की फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी चुनना जरूरी है।

Doctor बनने के लिए 12वीं के बाद कौन सा विषय लेना चाहिए?

डॉक्टर बनने के लिए दसवीं के बाद विद्यार्थी कक्षा 11वीं और 12वीं में फिजिक्स केमिस्ट्री बायोलॉजी और उसके साथ लैंग्वेज विषय जैसे कि हिंदी और इंग्लिश की पढ़ाई करेंगे।

अब बात आती है कि डॉक्टर बनने के लिए 12वीं के बाद कौन सा विषय लेना चाहिए? तो डॉक्टर बनने के लिए 12वीं के बाद विद्यार्थी को कोई विषय नहीं चुनना होता बल्कि उन्हें एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लेना होता है।

डॉक्टर बनने के लिए वर्तमान में भारत में एमबीबीएस करना जरूरी है। हालांकि इसके समकक्ष विद्यार्थी BAMS, BUMS, BDS आदि में भी दाखिला ले सकते हैं। 

MBBS की पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद विद्यार्थी एक डॉक्टर के तौर पर काम शुरू कर सकते हैं।

MBBS कोर्स की बात करें तो इसका पूरा नाम bachelor of medicine and bachelor of surgery होता है, जो कि डॉक्टर बनने के लिए एक बेसिक डिग्री है।

12वीं के बाद विद्यार्थी एमबीबीएस में दाखिला लेंगे, जो 5.5 वर्ष की अवधि का एक मेडिकल कोर्स है। इसमें 4.5 साल विद्यार्थियों को डॉक्टरी की पढ़ाई कराई जाती है और अंत की 1 साल उन्हें इंटर्नशिप करना होता है, जिसमें वे experienced doctors के साथ surgery और एक डॉक्टर के दूसरे कामों की प्रैक्टिस करते हैं।

Doctor बनने के लिए 12वीं के बाद NEET की तैयारी करनी चाहिए

डॉक्टर बनने के लिए एमबीबीएस करना जरूरी है। और एमबीबीएस या इस जैसे मुख्य अंडर ग्रेजुएशन मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए वर्तमान समय में NEET परीक्षा पास करना सरकार द्वारा अनिवार्य कर दिया गया है।

NEET का पुरा नाम National eligibility cum entrance test है, जो देश में National testing agency द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है।

जिसके माध्यम से देश भर के अलग-अलग मेडिकल colleges में MBBS और इस जैसे दूसरे अंडर ग्रेजुएशन और साथ ही पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल मेडिकल courses में भी दाखिला होता है।

तो डॉक्टर बनने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए NEET पास करना अनिवार्य है।

जिन विद्यार्थियों का सपना शुरू से ही एक डॉक्टर बनने का होता है, वे दसवीं के बाद से ही एक 11वीं और 12वीं कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ NEET की preparation भी शुरू कर देते हैं।

जबकि कुछ विद्यार्थी 12वीं के बाद कुछ साल नीट की तैयारी करते हैं।

जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी NEET की तैयारी शुरू कर देना अच्छा होता है, क्योंकि नीट एक काफी कठिन प्रवेश परीक्षा होती है, जिसमें हर साल लाखों विद्यार्थी बैठते हैं।

ऐसे में प्रतिस्पर्धा भी बहुत ज्यादा होती है, इसीलिए इसकी जितनी अच्छे से तैयारी हो उतना ही बेहतर है।

NEET में अच्छे अंक अर्जित करने वाले विद्यार्थियों को अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेजेस में दाखिला मिलता है जिसमें फीस भी काफी कम होती है।

कम रैंक वाले प्राइवेट मेडिकल कॉलेजेस में जाते हैं।

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने बात की है कि डॉक्टर बनने के लिए कौन सा विषय लेना चाहिए?

खास तौर पर दसवीं के बाद विद्यार्थी को साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स स्ट्रीम में से कोई एक चुनना होता है।

और विद्यार्थी अपने इच्छा के प्रोफेशन के अनुसार चुनाव करते हैं।

जो विद्यार्थी डॉक्टर बनना चाहते हैं, शुरुआत में उनके मन में यह सवाल रहता है कि डॉक्टर बनने के लिए कौन सा विषय लेना चाहिए या कौन सा विषय लेना पड़ता है? और यहां हमने उसी की चर्चा की है।

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