पीएचडी कितने साल का कोर्स है? | PhD kitne saal ka course hai

दोस्तों अपने लिए एक बेहतर करियर बनाना तो हर विद्यार्थी का ही सपना होता है।

या तो विद्यार्थी थोड़ा कम पढ़ कर जल्दी नौकरी ले लेते हैं या फिर पढ़ाई में थोड़ा ज्यादा वक्त दे कर और अच्छे पदों पर नौकरी लेने की सोचते हैं।

जो विद्यार्थी पढ़ने में थोड़ी ज्यादा रुचि रखते हैं और अपने पसंद के किसी विषय में specialist बनने के लिए रिसर्च आदि करने की इच्छा रखते हैं, वे पीएचडी यानी डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी का कोर्स चुनते हैं।

वर्तमान में बहुत से विद्यार्थी पीएचडी के लिए जाना चाहते हैं, पर उनमें से कुछ को इस कोर्स के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है।

कईयों के मन में यह सवाल भी रहता है कि आखिर पीएचडी कितने साल का कोर्स है? PhD को आज के समय में देश में एक high level का कोर्स माना जाता है, जो विषय विशेष में रिसर्च आदि की पढ़ाई होती है।

पीएचडी कितने साल का कोर्स है?

तो आखिर इस कोर्स के लिए कितने साल का समय लगता है, एक obvious सवाल बन जाता है।

इस आर्टिकल में हम मुख्यत: इसी की बात करेंगे, साथ ही पीएचडी कोर्स से संबंधित दूसरी जरूरी बातों को भी जानेंगे।

PhD course की अवधी

पहले थोड़ा सा पीएचडी कोर्स के बारे में बात करें तो PhD का मतलब Doctor of Philosophy होता है।

पीएचडी एक डाक्टरल डिग्री होती है। किसी university आदि में प्रोफेसर बनने के लिए या आप चाहे तो research और thesis का क्षेत्र चुन सकते हैं और इसके लिए आपको पीएचडी करना होता है।

इस डिग्री को करने के बाद आप आपके नाम के आगे डॉक्टर शब्द लगा सकते हैं।

क्योंकि जिस विषय में आप पीएचडी करते है उस विषय का आपको बहुत ज्यादा ज्ञान हो जाता है, आप उस विषय के आप specialist कहलाते है।

इस कोर्स को करने के बाद आप कॉलेज में प्रोफेसर बन सकते हैं, या दूसरे भी कई क्षेत्रों में अच्छे पदों पर नौकरी ले सकते हैं। 

अब सीधा इसकी अवधि यानी course duration की बात करें तो PhD का duration आम तौर पर 3 साल का होता है।

यानी 3 साल के अंदर आप अपनी पीएचडी की पढ़ाई पूरी कर सकते हैं, लेकिन आपको यह सुविधा भी है कि आप इसे 6 साल तक पूरा कर लें।

सुविधा से मतलब है कि PhD में आपको research और thesis करना होता है, और 3 साल में इसे पूरी करने के लिए आपको काफी ज्यादा मेहनत और समय देना पड़ेगा।

जो कि कई बार मुमकिन नहीं हो पाता इसीलिए 6 साल तक पूरा कर सकने के समय में आप अच्छे से समय निकालकर अपना रिसर्च पूरा कर सकेंगे।

PhD course में समय लगता है

पीएचडी कोर्स में कितना समय लगने का कारण यह है कि इस दौरान आप अपने टॉपिक पर डीटेल में रिसर्च करते हैं।

इसके लिए आपको लोगों के बीच जाना पड़ सकता है। रिसर्च का काम आसान नहीं होता इसके लिए बहुत सा डेटा इकट्ठा करना पड़ता है, इसे रिजल्ट की तरह तैयार करना पड़ता है और फिर थीसिस लिखनी होती है। 

Thesis की बात करें तो पीएचडी की थीसिस कम से कम 75-80,000 शब्दों की होती है,  अच्छी तरह से रिसर्च करके thesis आदि लिखने के  लिए वक्त चाहिए होता है, और यहीं पर यह समय लंबा खींच जाता है।

असल में जब आपका पीएचडी में दाखिला हो जाता है तब  आपको एक गाइड या सुपरवाइजर के अंडर पीएचडी करनी होती है।

वो आपको गाइडलाइन और कोर्स की पूरी जानकारी देते हैं। और आपको उसके मुताबिक ही स्टडी करनी होती है।

पीएचडी कोर्स के दौरान आपको सेमिनारों में भाग लेना होता है, आपको अपने रिसर्च पेपर पब्लिश करने होते हैं और कई तरह की अकादमिक गतिविधियों में भाग लेना होता है।

इन सब को मिलाकर पीएचडी कोर्स की कुल अवधि ज्यादा चली जाती है।

PhD कैसे करें?

हमने जाना कि पीएचडी विद्यार्थी के पसंद के किसी एक विषय में रिसर्च करने और थीसिस लिखने की पढ़ाई होती है।

पीएचडी के बाद आप उस विषय के स्पेशलिस्ट बन जाते हैं। जो विद्यार्थी पीएचडी में दाखिला लेना चाहते हैं उन्हें इसकी पूरी जानकारी स्टेप बाय स्टेप पता होनी चाहिए।

शुरू से बात करें तो पीएचडी करने तक की प्रक्रिया को ऐसे बताया जा सकता है –

Step 1 – पहले 10वीं फिर 12वीं पास करें

दसवीं और बारहवीं तो basic qualification हो जाती हैं।

दसवीं के बाद अपनी पसंद का स्ट्रीम चुने, अगर आप अभी नहीं जानते कि आप किस विषय में आगे पीएचडी करना चाहेंगे तो अपने सबसे पसंद के विषय को ध्यान में रखकर उसने अच्छे अंकों के साथ बारहवीं कक्षा पास करें।

Step 2 – Graduation पूरी करें

12वीं के बाद की डिग्री तो ग्रेजुएशन ही होती है। और ग्रेजुएशन में आपका कोई एक ही मुख्य विषय होता है।

आप जिस भी विषय में पीएचडी करने की सोचते हैं जाहिर है आप ग्रेजुएशन में उसी को अपना मुख्य सब्जेक्ट रखेंगे। उस विषय के साथ अच्छे अंको से ग्रेजुएशन पास करें।

Step 3 – Postgraduation या masters degree पूरी करें

ग्रेजुएशन पूरी कर लेने के बाद का स्टेप आता है पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करना।

जाहिर है आपने जिस विषय में ग्रेजुएशन किया होगा, मास्टर्स में भी आप उसी विषय को रखेंगे। उस विषय में अच्छे अंकों के साथ मास्टर्स की डिग्री प्राप्त करें।

Step 4 – UGC NET की परीक्षा क्लियर करें।

पीएचडी के कोर्स में दाखिले के लिए आपको एक प्रवेश परीक्षा देनी पड़ती हैं। पीएचडी के लिए आपको UGC NET Test Pass करना होता है।

इसलिए स्नातकोत्तर पुरा होने के बाद UGC NET टेस्ट के लिए अप्लाई करे और इसे क्लियर करें। यह परीक्षा पास करके आप PhD में एडमिशन के लिए जरूरी Qualification पूरी तरह से पा लेते हैं। 

Step 5 – PhD में admission लें

ज़्यादातर कॉलेज (सरकारी) यूजीसी की परीक्षा क्लियर होने पर दाख़िला दे देते हैं, जबकि कुछ कॉलेज अपनी अलग से Entrance परीक्षा भी लेते हैं।

उन कॉलेजों में पी एच डी  में दाख़िला लेने के लिए आपको उस कॉलेज की PhD Entrance Test पास करनी होती हैं।

अब कई कॉलेज पीएचडी में दाख़िला देने से पहले एक Personal Interview भी लेती हैं। वह क्लियर करने के बाद आपको पीएचडी में दाखिला मिल जाता है।

Step 6- PhD की पढ़ाई पूरी करें।

अब आपको अपने subject विशेष पर बहुत Research यानि अनुसंधान करना होता है। उस पर थीसिस यानि निबंध लिखने होते हैं। जैसा कि हमने जाना कि सामान्यत: पीएचडी की पढ़ाई 3 साल तक चलती है, पर यदि आप चाहें तो इसे 6 साल तक खींच सकते हैं।

रिसर्च करके थीसिस आदि सबमिट के बाद आपके नाम के पीछे डॉक्टर लग जाता है और आपको पीएचडी की उपाधि प्राप्त हो जाती है।

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने मुख्य तौर पर यह जाना है कि पीएचडी कितने साल का कोर्स होता है?

पीएचडी के कोर्स के दौरान क्या करना होता है और उसमें कितना समय लगता है?

Course अवधि की सही जानकारी होना हर विद्यार्थी के लिए जरूरी है क्योंकि इससे उन्हें अपने लिए बेहतर निर्णय ले सकते हैं कि यह कोर्स उनके लिए सही है या नहीं।

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