M.A. क्या होता है? | M.A kya hota hai

इस आर्टिकल में हमारा टॉपिक है ‘M.A. क्या होता है?’। 

एमए कोर्स क्या होता है? एमए कोर्स क्या है? 

दोस्तों 12वीं कक्षा पास करने के बाद बहुत से विद्यार्थी बीए यानी बैचलर ऑफ़ आर्ट्स का कोर्स करते हैं। 

अब बीए पूरी कर लेने के बाद higher studies करने की इच्छा रखने वाले ज्यादातर विद्यार्थी एमए ही करते हैं। 

पर बहुत से विद्यार्थी ऐसे भी होते हैं जिन्हें M.A कोर्स के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है। 

उनके मन में एमए कोर्स से संबंधित कई सवाल रहते हैं जैसे M.A. क्या होता है? M.A. कैसे कर सकते हैं? M.A. कोर्स की अवधि कितनी होती है? M.A. करने के लिए क्या योग्यता चाहिए? आदि। 

आज इस लेख में हम मुख्य तौर पर इसी M.A. कोर्स पर बात करेंगे। 

M.A. क्या होता है?

यहां हम एमए कोर्स से संबंधित विद्यार्थियों के मन में जितने भी मुख्य सवाल होते हैं उन सभी के बारे में जानेंगे। 

यदि आपको भी M.A. कोर्स की जानकारी विस्तार से चाहिए तो इस लेख को अंत तक पूरा जरूर पढ़ें।

आज हम जानेंगे

M.A. क्या होता है?

M.A. का पूरा नाम Master of Arts (मास्टर ऑफ़ आर्ट्स) है।‌ M.A. 2 साल की अवधि वाली पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री है जिसके अंदर आप अपने arts के सब्जेक्ट्स को और ज्यादा विस्तार से पढ़ते हैं।

M.A. आप उसी विषय से करते हैं जिस विषय से अपने 12वीं के बाद बीए किया है। 

12वीं पास करने के बाद ग्रेजुएशनए में आप बीए और उसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन में एमए करते हैं, जिसमें मुख्यतः आप अपने बीए के ही विषयों को और ज्यादा विस्तार से पढ़ते हैं। 

देश में जितने भी मुख्य यूनिवर्सिटीज और कॉलेजेस हैं, वे सभी ही यह M.A. कोर्स ऑफर करते हैं जिन्हें इच्छुक विद्यार्थी कर सकते हैं। 

M.A. कितने साल का कोर्स है?

M.A. कोर्स की अवधि सामान्यतः 2 साल की ही होती है। 

अगर आप full time MA course करते हैं तो इसे पूरा करने में आपको 2 साल का ही समय लगेगा। 

हालांकि MA में आपके पास part time या distance education से भी MA करने का विकल्प होता है, पर ऐसे में MA course की अवधि अलग-अलग हो सकती है। 

जो की निर्भर करेगा कि आप कहां से MA कर रहे हैं, और कौन-सा कोर्स (subject) चुनते हैं आदि। 

M.A. करने के लिए क्या योग्यता चाहिए?

M.A कोर्स करने के लिए विद्यार्थियों के पास B.A यानी bachelor of arts की डिग्री होनी चाहिए। 

भारत में एमए में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थियों से जरूरी शैक्षणिक योग्यता में बीए की ही डिग्री मांगी जाती है। 

हालांकि BA के समकक्ष (equivalent) भी कुछ courses हैं, जिन्हें करने के बाद विद्यार्थी MA course के लिए जा सकते हैं। 

इसके अलावा कुछ universities और colleges में, MA में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा भी होती है जिन्हें पास करने के बाद ही आपको उसे कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एमए में दाखिला मिलता है। 

कम से कम 50% अंकों के साथ बीए पास करने वाले विद्यार्थी आसानी से एमए कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। 

M.A में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

एमए कोर्स के अंदर तो आप अपने चुने गए मुख्य विषयों, और उनके साथ कुछ additional subjects पढ़ते हैं। 

बात करें एमए कोर्स में आपके मुख्य सब्जेक्ट कौन-कौन से होते हैं या आप किन किन विषयों में एमए (specialization) कर सकते हैं, तो arts के जितने भी मुख्य विषय होते हैं, उनमें आप बीए और फिर एमए कर सकते हैं। 

सबसे common MA specialization subjects में –

  • English Literature
  • History
  • Political Science
  • Sociology
  • Economics
  • Psychology
  • Philosophy
  • Geography
  • Education
  • Fine Arts
  • Linguistics
  • Anthropology
  • Gender Studies
  • Environmental Studies
  • International Relations
  • आदि 

आते हैं। इनके अलावा भी जो अन्य विषय बचते हैं जिनमें आप बीए करते हैं, आप उनमें एमए कर सकते हैं।

इन्हें भी पढ़ें

M.A कैसे करें?

अब शुरुआत में बहुत से विद्यार्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि MA कोर्स करने की स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया क्या है? 

तो 12वीं पास करने के बाद से MA पूरी करने तक के step को इस तरह से समझा जा सकता है –

1. Step 1 – 12वीं के बाद graduation करें

तो सबसे पहले आप 12वीं पास करें, और उसके बाद अपना ग्रेजुएशन का कोर्स पूरा करें। 

अब यहां पर बात है कि अगर आप एमए करना चाहते हैं तो सामान्यतः आप ग्रेजुएशन में बीए ही करते हैं। 

हालांकि आप ग्रेजुएशन में बीएससी या बीकॉम करने के बाद भी पोस्ट ग्रेजुएशन में एमए कर सकते हैं। 

लेकिन ज्यादातर विद्यार्थी ऐसा करते नहीं है क्योंकि arts और science या commerce के career options काफी अलग-अलग हो जाते हैं। 

आप minimum 50 अंकों के साथ भी ग्रेजुएशन पूरी कर लेने पर एमए के लिए योग्य हो जाते हैं। 

2. Step 2 – graduation के बाद MA में दाखिला लें

ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद आप एमए में दाखिला ले सकते हैं। अब MA कोर्स में दाखिला लेने के कई तरीके हैं। 

तरीके से यहां मतलब है कि एमए कोर्स में दाखिला सीधे ग्रेजुएशन के अंकों के आधार पर, या फिर प्रवेश परीक्षा के आधार पर, दोनों तरीकों से होता है। 

कुछ प्रतिष्ठित संस्थान एमए जैसे कोर्स में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा लेता है। 

तो अगर आपको ऐसे किसी कॉलेज से एमए करना है तो आप पहले प्रवेश परीक्षा के लिए तैयारी करें, अच्छे अंकों से उसे पास करें और एमए कोर्स में दाखिला ले लें। 

या फिर आप सामान्य तरीके से भी, एमए में दाखिले के लिए फॉर्म भरकर मेरिट लिस्ट में आपका नाम आने पर उस कॉलेज में एमए में दाखिला ले सकते हैं। 

3. Step 3 – सारी परीक्षाएं पास करें और M.A की डिग्री लें

M.A कोर्स में दाखिला हो जाने के बाद आप कोर्स में अच्छे से पढ़ाई करें। सभी semesters की परीक्षाएं पास करें और उसके बाद अपनी एमए की डिग्री हासिल करें। 

MA कोर्स में आपको पढ़ाई के साथ-साथ research project आदि भी करना पड़ सकता है, और उसके भी अपने अंक जुड़ते हैं।

FAQ

एमए करने के लिए क्या योग्यता चाहिए?

किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से बैचलर की डिग्री पा चूके उम्मीदवार एमए में दाखिला ले सकते हैं। कुछ कॉलेजों में एमए में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा भी पास करनी होती है।

एमए कितने साल का कोर्स है?

Full time MA कोर्स की अवधि 2 साल की ही होती है। हालंकि part time या distance MA कोर्स की अवधि 2 साल से ज्यादा ही होती है।

एमए करने से क्या बनते हैं?

MA करने के बाद आप अपने विषय में टीचर या प्रोफेसर बन सकते हैं। इनके अलावा writing, journalism, advertising, marketing आदि समेत बहुत से क्षेत्र हैं जिनमें आप एमए के बाद करियर बना सकते हैं।

क्या मैं एक साल में एमए कर सकता हूं?

एमए 2 साल का कोर्स है, तो इसे पूरा करने में आपको कम से कम इतना समय तो लगेगा ही। 1 साल में एमए कोर्स पूरा कर पाना संभव नहीं है।

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने ‘M.A. क्या होता है?’ इस विषय पर बात की है। 

M.A. यानी Master of Arts 2 साल की अवधि वाली पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री है, जिसके अंदर आप अपने arts के सब्जेक्ट्स को और ज्यादा विस्तार से पढ़ते हैं। 

यहां हमने आपको एमए कोर्स से संबंधित सभी ज़रूरी चीजों के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया है। 

उम्मीद करते हैं यह लेख आपके लिए कुछ informative रहा होगा, इससे संबंधित कोई भी प्रश्न हो तो आप हमें कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं। 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *