डॉक्टर बनने के लिए 10वीं के बाद क्या करें? | Doctor banne ke liye 10th ke bad kya Kare

दोस्तों विद्यार्थियों के लिए करियर की बात करें तो इंजीनियरिंग के अलावा डॉक्टर ही सबसे ज्यादा विद्यार्थियों द्वारा चुने जाने वाला profession होता है।

हर साल लाखों की संख्या में विद्यार्थी डॉक्टर बनने के लिए medical courses में दाखिला लेते हैं, और अपनी पढ़ाई पूरी करके भविष्य में एक डॉक्टर बनने की इच्छा रखते हैं।

एक सम्मानित job profile के साथ-साथ अच्छी कमाई और जरूरतमंद लोगों की सेवा करने के लिए डॉक्टर बनना लाखों विद्यार्थियों का सपना होता है।

डॉक्टर बनने के लिए विद्यार्थियों को दसवीं के बाद से ही medical line में जाने के लिए जरूरी विषयों की पढ़ाई करनी होती है।

बहुत से विद्यार्थियों के मन में यह सवाल आता है कि डॉक्टर बनने के लिए 10वीं के बाद क्या करें?

डॉक्टर बनने के लिए 10वीं के बाद क्या करें?

या एक डॉक्टर बनने के लिए दसवीं के बाद क्या करना पड़ता है, किन विषयों की पढ़ाई करनी होती है?

यहां इस आर्टिकल में हम इसी की बात करेंगे कि डॉक्टर बनने के लिए 10वीं के बाद क्या करें? डॉक्टर बनने के इच्छुक विद्यार्थियों को दसवीं के बाद क्या करना चाहिए?

Doctor बनने के लिए 10वीं के बाद क्या करें?

डॉक्टर बनने के लिए दसवीं के बाद विद्यार्थी 11वीं और 12वीं कक्षा में साइंस स्ट्रीम का चुनाव करेंगे, उसमें भी विद्यार्थियों को physics,chemistry और biology चुनना जरुरी है।

यानी कि डॉक्टर बनने के लिए विद्यार्थियों का दसवीं के बाद science में PCB चुनना जरूरी है। Biology के साथ 12वीं पास करने के बाद विद्यार्थी सामान्यतः NEET परीक्षा की तैयारी करते हैं।

NEET की परीक्षा पास करके वे MBBS में दाखिला ले सकते हैं।

MBBS 5.5 साल की अवधि का मेडिकल कोर्स होता है जो कि डॉक्टर बनने के लिए एक अनिवार्य कोर्स है।

एमबीबीएस पूरी कर लेने के बाद विद्यार्थी डॉक्टर बन जाते हैं।

तो डॉक्टर बनने के लिए 10वीं के बाद क्या करें? इस सवाल के जवाब में सबसे पहले तो विद्यार्थी को 11वीं और 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के साथ पढ़ाई करनी जरूरी है।

12वीं के बाद विद्यार्थी को सामान्यतः MBBS,  या इसके अलावा BAMS, BDS, BUMS आदि जैसे अन्य कई अंडर ग्रेजुएशन लेवल मेडिकल courses में दाखिला लेना होता है, और उस कोर्स की पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद विद्यार्थी डॉक्टर बन सकते हैं। 

Doctor बनने के लिए 10वीं, फिर 12वीं और उसके बाद NEET पास करना जरुरी है

डॉक्टर बनने के इच्छुक विद्यार्थी दसवीं के बाद फिजिक्स केमिस्ट्री बायोलॉजी लेकर 11वीं और 12वीं की पढ़ाई करेंगे।

और 12वीं के बाद उन्हें एमबीबीएस या इसके समकक्ष के किसी मेडिकल कोर्स में दाखिला लेना होता है।

सभी मुख्य अंडर ग्रेजुएशन मेडिकल कोर्सेज में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थियों को NEET यानी कि National eligibility come entrance test की परीक्षा पास करनी अनिवार्य है।

सरकार द्वारा इन मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए NEET की परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। यानी कि NEET पास करने वाले विद्यार्थी ही MBBS जैसे मेडिकल कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। 

NEET की परीक्षा में विद्यार्थी 12वीं के बाद ही बैठने के लिए eligible होते हैं।

विद्यार्थियों को 12वीं की परीक्षा कम से कम 50% से 60% अंकों के साथ पास करना जरूरी है।

असल में दसवीं और बारहवीं के अंक इतने ज्यादा मायने नहीं रखते, बल्कि मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए NEET की परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ पास करना जरूरी है।

NEET में अच्छी रैंक अर्जित करने वाले विद्यार्थियों का दाखिला सरकारी मेडिकल कॉलेज में होता है, जहां इन कोर्स की फीस काफी कम होती है।

वहीं यदि आप NEET में अच्छे अंक नहीं ला पाते हैं, तो फिर आपको प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलेगा जहां आपको काफी ज्यादा फीस देनी पड़ सकती है।

हालांकि इसके अलावा कई सारे मेडिकल कॉलेजेस जैसे कि AIIMS, JIPMER, BHU, Jawaharlal Nehru medical College आदि एमबीबीएस में दाखिले के लिए अपनी खुद की प्रवेश परीक्षा भी लेते हैं।

डॉक्टर बनने के लिए दसवीं के बाद से ही NEET की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए

NEET की परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थी को 12वीं उत्तीर्ण होना जरूरी है लेकिन NEET राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा है, जिसे पास करने के लिए विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत और लगन से पढ़ाई करनी होती है।

नीट की परीक्षा में 11वीं और 12वीं कक्षा के स्तर के ही प्रश्न पूछे जाते हैं। इसीलिए ऐसे विद्यार्थी जिनका लक्ष्य शुरू से ही डॉक्टर बनना हो उन्हें दसवीं के बाद से ही नीट की परीक्षा की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

कई बार ऐसा होता है कि 12वीं के बाद विद्यार्थी तीन चार या पांच साल तक भी नीट की परीक्षा क्लियर नहीं कर पाते हैं, और उसकी तैयारी करते रहते हैं।

11वीं और 12वीं के पढ़ाई के साथ-साथ यदि विद्यार्थी नीट की परीक्षा की भी तैयारी साथ में करते हैं, तो हो सकता है उनका नीट एक बार में ही क्लियर हो जाए और 12वीं के तुरंत बाद ही उन्हें एमबीबीएस या इसके समकक्ष कोर्स में दाखिला मिल जाए।

NEET पास करके MBBS जैसे कोर्स में दाखिला लेकर और उसकी पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी डॉक्टर बन सकते हैं।

NEET के बारे में अच्छे से बात करें तो NEET का पुरा नाम National Eligibility cum Entrance Test है, जो कि NTA (National testing agency) द्वारा आयोजित की जाती है।

जो भी विद्यार्थी अंडर ग्रेजुएशन मेडिकल कोर्स में MBBS या BDS या BAMS आदि जैसे कोर्स में दाखिला चाहते हों या फिर postgraduate medical courses जैसे MD/MS/MDS आदि के लिए भी वर्तमान में NEET क्वालीफाई करना सरकार द्वारा अनिवार्य कर दिया गया है। 

पहले medical colleges में medical courses में दाखिले के लिए AIPMT  (All India pre-medical entrance test) ली जाती थी, जिसमें अलग अलग राज्य और कॉलेज के हिसाब से एंट्रेंस एग्जाम भी अलग-अलग था। लेकिन NEET के आने के बाद, सभी मुख्य medical courses के लिए NEET ही एकमात्र प्रवेश परीक्षा है।

NEET में आपको सिर्फ एक ही एग्जाम देना होता है, जिसमे अच्छे रैंक आने के बाद आपका एडमिशन किसी भी मेडिकल कॉलेज में हो जाता है।

जहां AIPMT सिर्फ 15% All India Quota के लिए होता था, वहीं NEET 100% मेडिकल सीट के लिए लिया जाता है। इसमें से 15% सीट सभी स्टूडेंट के लिए, जबकि 85% seat जिस राज्य के एग्जाम होता है उस राज्य के स्टूडेंट्स को दिया जाता है। 

Conclusion

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने बात की है कि विद्यार्थी दसवीं के बाद डॉक्टर बनने के लिए क्या करें?

डॉक्टर बनना आज के समय में लाखों विद्यार्थियों का सपना होता है, ऐसे में जरूरी है कि उन्हें डॉक्टर बनने से संबंधित पूरी प्रक्रिया की अच्छे से जानकारी हो।

कई विद्यार्थियों के मन में यह सवाल रहता है कि डॉक्टर बनने के लिए उन्हें दसवीं के बाद क्या करना चाहिए? और हमने यहां उसी की चर्चा की है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.