सांसद की Salary कितनी होती है?

एक सांसद की सैलरी कितनी होती है? देश के सांसद को महीने की कितनी तनख्वाह मिलती है? संसद के सदस्यों को प्रतिमाह कितना वेतन मिलता है? दोस्तों इस तरह के सवाल आम लोगों के मन में आते हैं, हम कई बार tv या फिर अखबारों में सांसदों के बारे में सुनते हैं, ये देश के संसद में हमारे क्षेत्र के प्रतिनिधि होते हैं।

सांसदों के बारे में एक सवाल जो काफी लोगों द्वारा अक्सर पूछा जाता है, वह यह है कि एक सांसद की सैलरी कितनी होती है? लोगों के मन में सांसदों की सैलरी को लेकर कन्फ्यूजन रहता है।

आज यहां इस लेख में हम मुख्यतः इसी बात की चर्चा करेंगे कि एक सांसद की सैलरी कितनी होती है? कई परीक्षाओं में सांसदों से जुड़े सवाल भी पूछे जाते हैं इसीलिए यह उससे भी जुड़ा है।

सांसद की सैलरी जानने के साथ-साथ, एक सांसद कैसे बन सकते हैं, सांसद को क्या-क्या काम करने होते हैं और इससे जुड़ी दूसरी जरूरी बातों के बारे में भी जानेंगे।

सांसद की Salary कितनी होती है?

सांसद की Monthly Salary

यदि आप सांसद के बारे में जानते हैं तो आपको पता होगा कि अलग अलग राज्य में बहुत से सांसद होते हैं, वे राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से देश के संसद में उस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुने जाते हैं।

अलग अलग राज्य के जिम्मेदारियों के हिसाब से उस राज्य के सांसदो की सैलरी भी अलग-अलग होती है।

इसीलिए यदि आप एक सांसद की सही सैलरी जानना चाहते हैं तो अच्छा होगा कि आप हर राज्य के हिसाब से उनके सांसदों की सैलरी के बारे में जाने, क्योंकि अलग-अलग राज्यों के सांसदों की सैलरी में अंतर होता है।

पर यदि पहले, on average बात करें तो आंकड़ों के अनुसार सरकार द्वारा एक सांसद को बेसिक सैलेरी 100000 रुपए प्रति महीने दिए जाते हैं, इसके साथ ही 45000 रुपए की राशि निर्वाचन क्षेत्र द्वारा चुनाव प्रचार के भत्ते के रूप में दी जाती है जिससे कि सैलरी लगभग डेढ़ लाख रुपए प्रतिमाह हो जाती है।

सैलरी के साथ दूसरे अन्य कई भत्ते भी शामिल होते हैं। State wise बात करें तो सातवां वेतन लागू होने के बाद सांसदों में सबसे ज्यादा सैलरी तेलंगाना के सांसद की है जो कि 2,50,000 रुपए प्रति महीने की है। और सबसे कम सैलरी में मिजोरम के सांसद की सैलरी आती है जो कि 47000 प्रति माह है।

सांसद और विधायक यानी कि MP(member of parliament) और MLA (member of legislative assembly) की सैलरी लगभग बराबर ही होती है।

यदि रकम के अनुसार देखे तो कई सांसदों की सैलरी देश के प्रधानमंत्री से भी ज्यादा है।

यदि एक सांसद की कुल सैलरी की बात करें तो इसमें हर महीने की फिक्स सैलरी, उसके साथ 45000 का कांस्टीट्यूएंसी अलाउंस प्रति महीने, फिर उसके साथ 45000 का ऑफिस अलाउंस प्रति महीने जुड़ा होता है।

यह सारी रकम जुड़कर एक सांसद की 1 महीने की कुल सैलरी में योगदान देते हैं।

सांसद की सैलरी के साथ मिलने वाले अन्य भत्ते

हमने ऊपर एक सांसद को सैलरी के साथ मिलने वाले दूसरे कुछ भत्तो के बारे में बात की। उनके अलावा भी सैलरी के साथ और कई भत्ते दिए जाते हैं।

मुख्य राज्यों के सांसदों को डायरेक्ट एरियर भत्ता-3 लाख 80 हजार रु सालाना, हवाई सफर भत्ता-4 लाख 8 हजार रु सालाना, रेल सफर भत्ता-5 हजार रु सालाना, पानी भत्ता-4 हजार रुपए सालाना, बिजली भत्ता- 4 लाख रु सालाना और इस जैसे कई भत्ते शामिल होते हैं।

इस तरह एक सांसद को सैलरी के अलावा करीब 1 लाख 51 हजार 833 रुपए हर महीने यानी 18 लाख 22 हजार रुपए सालाना अन्य भत्तों के रुप में दिया जाता है।

इस तरह सब कुछ जोड़कर कुल सैलरी लगभग 300000 रुपए तक पहुंच जाती है यानी कि सालाना 35 लाख से भी अधिक।

इसके अलावा सांसदों को टैक्स फ्री, और कुछ दूसरी सुविधाएं भी मिलती है। खास बात यह है कि इनकी सैलरी पर कोई टैक्स नहीं लगता, वहीं इन्हें मिलने वाले भत्ते और कई तरह के भी होते हैं, जिनमें कई सुविधाएं इनके परिवार के लोगों के लिए भी होती हैं।

इसमें wife/partner के लिए 34 फ्री हवाई सफर, unlimited train का सफर और संसद सत्र के दौरान घर से दिल्ली तक per year 8 हवाई सफर भी शामिल हैं।

फिर 50 हजार यूनिट फ्री बिजली, 1 लाख 70 हजार फ्री कॉल्स, 40 लाख लीटर पानी, रहने के लिए सरकारी बंगला जिसमें सारे फर्नीचर और एयरकंडीशन, और इनका मेंटेनेंस भी फ्री होता है।

अंत में सिक्युरिटी गार्ड्स, जिंदगीभर की पेंशन, जीवन बीमा और सरकारी गाड़ी जैसी सुविधाएं तो है ही।

अलग-अलग States के सांसदों की सैलरी

हमने ऊपर बताया कि हर राज्य में सांसदों की सैलरी एक समान नहीं होती, कुछ राज्यों के सांसदों की सैलरी कुछ दूसरे राज्यों के सांसदों की सैलरी की तुलना में ज्यादा या कम हो सकती है।

देश के कुछ मुख्य राज्यों के सांसदों की salary लगभग इतनी रहती है-

  • मिजोरम- 47,000/- रूपये,
  • आरुणांचल प्रदेश – 49,000/- रुपये,
  • पुदुचेरी-50,000/- रूपये,
  • मेघालय-59,000/- रुपये,
  • ओडिसा- 62,000/- रुपये,
  • गुजरात- 65,000/- रूपये,
  • केरल- 70,000/- रुपये,
  • सिक्किम- 86,500/- रुपये,
  • कर्नाटक- 98,000/- रूपये,
  • तमिलनाडु-1,05,000/- रुपये,
  • पश्चिम बंगाल- 1,13,000/- रूपये,
  • हरियाणा- 1,15,000/- रुपये,
  • गोवा- 1,17,000/- रुपये,
  • राज्यस्थान- 1,25,000/- रूपये,
  • हिमांचल प्रदेश- 1,25,000/- रुपये
  • झारखण्ड- 1,60,000/- रुपये
  • जम्मू कश्मीर- 1,60,000/- रूपये
  • महाराष्ट्र- 1,70,000/- रुपये
  • उत्तर प्रदेश- 1,87,000/- रुपये
  • दिल्ली- 2.10,000/- रुपये
  • तेलंगाना- 2.50,000/- रुपये

सांसद कैसे बन सकते हैं?

सांसद का चयन चुनावी प्रक्रिया द्वारा होता है। एक सांसद का कार्य है की अपने क्षेत्र के ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रो में आर्थिक एवं सामाजिक जो भी गतिविधिया है उनको सुधारना, इन्हे और भी कुछ महत्वपूर्ण कार्य करने होते है जैसे-

कार्यपालिका का नियंत्रण, कानून बनाना, वित्त का नियंत्रण, विमर्श शुरू करना, संवैधानिक कार्य, निर्वाचन संबंधी कार्य और न्यायिक कार्य आदि।

उदाहरण के लिए यदि राजस्थान राज्य की बात करें तो इस राज्य में सांसदों की सीटों की संख्या 25 है, अलग-अलग उम्मीदवार अलग-अलग पार्टियों से इन सीटों के लिए चुनाव लड़ते हैं, जो उम्मीदवार चुनाव जीतते हैं उन्हें उस क्षेत्र से सांसद चुना जाता है।

जिस पार्टी के ज्यादा सांसद होंगे उस पार्टी द्वारा ही देश का प्रधानमंत्री न्युक्त किया जाता है।

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