गणित में पास होने का तरीका | Ganit mein pass hone ka tarika

इस आर्टिकल में हमारा टॉपिक है ‘गणित में पास होने का तरीका’। 

गणित में पास होने का तरीका क्या है? 

गणित में विद्यार्थी कैसे पास हो सकते हैं? 

दोस्तों सभी विद्यार्थी तो नहीं पर काफी सारे विद्यार्थियों के लिए सबसे मुश्किल सब्जेक्ट शायद गणित ही होता है। 

सारे विषयों में से गणित की परीक्षा ही ज्यादातर विद्यार्थियों के लिए सबसे कठिन परीक्षा होती है। 

अब ऐसे विद्यार्थी जिन्हें गणित पढ़ना और इसके प्रश्न हल करना बहुत ही कठिन लगता है, उनके मन में इस विषय की परीक्षा को लेकर यह सवाल कई बार आता है कि गणित में पास होने का तरीका क्या है? 

यानी गणित की परीक्षा में पास होने या अधिक नंबर लाने के लिए वे क्या कर सकते हैं? 

इस आर्टिकल में हम इसी विषय पर बात करेंगे। 

गणित में पास होने का तरीका

यहां हम कुछ ऐसे जरुरी points देखेंगे जिनका आपको गणित की परीक्षा देते वक्त ध्यान रखना चाहिए। 

जिससे न सिर्फ आप आसानी से गणित में पास हो सकते हैं, बल्कि अच्छे नंबर ला सकते हैं। 

आज हम जानेंगे

गणित में पास होने का तरीका

गणित में पास होने के लिए विद्यार्थियों को निम्नलिखित बिंदुओं का ध्यान रखना चाहिए –

  • हर प्रश्न को उसके हिसाब से ही समय दें।
  • प्रश्नों को और निर्देशों को साफ-साफ पढ़ें।
  • जितना हो सके साफ-सुथरा लिखें।
  • कठिन प्रश्नों को आप पहले हल कर सकते हैं।
  • लिखने से पहले सोच ले कि उत्तर में क्या लिखना है।
  • जहां संभव/जरुरत हो, चित्र (figure) बनाएं।
  • आदि।

इन सारी बातों का अगर आप अच्छे से ध्यान रखते हैं तो गणित की परीक्षा में आप निश्चय ही न सिर्फ़ पास बल्की अच्छे अंक ला सकते हैं। 

ध्यान रहे यह लेख इस बारे में नहीं है कि बिना पढ़े गणित की परीक्षा में पास कैसे हों? या 1 दिन या 1 महीने पढ़कर गणित में पास कैसे हों?

बल्कि यहां हम उन points पर बात कर रहे हैं जिनका गणित की परीक्षा देते वक्त आपको ध्यान रखना है, ताकि आप परीक्षा में अधिक से अधिक अंक ला सकें। 

गणित में पास होने के लिए इन बातों का रखें ध्यान –

तो ऊपर हमनें जिन points पर बात की है, अब हम उनके बारे में हम एक-एक करके थोड़ा विस्तार से चर्चा कर लेते हैं –

हर प्रश्न को उसके हिसाब से ही समय दें।

गणित की परिक्षा, चाहे आप किसी भी कक्षा की परीक्षा दे रहे हैं, paper में आपको यह ध्यान रखना है कि आप किसी भी प्रश्न को उसके लिए निर्धारित समय से ज्यादा समय ना दें। 

अब जाहिर है परीक्षा में आपको यह नहीं बताया जाएगा कि कौन से प्रश्न के लिए कितना समय निर्धारित है। 

पर कहने का मतलब है कि जो कम अंकों के छोटे प्रश्न होते हैं उनके लिए आपको कम समय देना है और बड़े प्रश्नों के लिए ज्यादा समय बचा कर रखना है। 

आप प्रश्न पत्र देखकर ही समझ सकते हैं, कि आपको किसी प्रश्न के लिए कितना समय देना चाहिए। 

प्रश्नों को और निर्देशों को साफ-साफ पढ़ें।

Maths ही नहीं बल्कि किसी भी विषय की परीक्षा में आपको सबसे पहले तो निर्देशों को बारीकी से पढ़ना है। 

हर खंड में प्रश्नों से पहले उनके लिए कुछ निर्देश दिए जा सकते हैं जिन्हें पढ़ने के बाद ही आपके प्रश्नों को हल करना शुरू करना चाहिए। 

इससे होगा यह कि उत्तर लिखने से पहले आपको आइडिया रहेगा कि आपको किस तरह से और कितना उत्तर लिखना है, जिससे आपका समय बचेगा। 

प्रश्न को पढ़ने में अगर आप गलती करते हैं तो निश्चय ही आपका उत्तर गलत हो सकता है और फिर आप उस प्रश्न के अंक तो भूल ही जाएं। 

जितना हो सके साफ-सुथरा लिखें।

खासतौर पर गणित की परीक्षा में, यह जरूरी है कि आपकी उत्तर पुस्तिका यानी answer sheet साफ़ सुथरी हो। 

आपकी काफी साफ सुथरी होनी जरूरी है, ताकि कॉपी चेक करने वाला व्यक्ति एक संख्या या mathematical sign को किसी दूसरे से confused न करे। 

बाकी विषयों के साथ आप पंक्तियों में हिंदी या इंग्लिश में उसका उत्तर लिखते हैं, लेकिन गणित में आप language, numbers, mathematical signs आदि सभी का इस्तेमाल करते हैं। 

तो आपको यह ध्यान में रखना है कि आपकी कॉपी इतनी साफ सुथरी हो कि आपका उत्तर और आपका उत्तर लाने का तरीका पूरी तरह से समझ में आए। 

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कठिन प्रश्नों को आप पहले हल कर सकते हैं।

हालंकि यह बात अलग-अलग विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग हो सकती है। 

गणित की परीक्षा में अगर आप पहले कठिन प्रश्नों को हल कर लेते हैं, तो आप सारे कठिन प्रश्नों को अटेंड कर पाएंगे। 

उसके बाद आसन प्रश्नों में आपको वैसे भी ज्यादा समय नहीं लगेगा। 

पर कुछ विद्यार्थी ऐसा भी करते हैं कि जो प्रश्न आसान हैं, या जो प्रश्न उनसे हो रहे हैं उन्हें वह पहले हल कर लेते हैं। 

और बाकी प्रश्नों को बाकी और कठिन प्रश्नों को बाद के लिए छोड़ते हैं, कि यदि वे बाद में हल हुए तो ठीक है वरना वे उन्हें जाने देते हैं। 

तो कुछ विद्यार्थियों के हिसाब से कठिन प्रश्नों को पहले हल करना अच्छा होता है, तो कुछ विद्यार्थियों के हिसाब से बाद में। 

लिखने से पहले सोच लें कि उत्तर में क्या लिखना है।

यह बात भी सभी विषयों की परीक्षा के लिए ही लागू होती है कि उत्तर लिखने से पहले आपको थोड़ा सा समय निकालकर इस बारे में अच्छे से सोच लेना है कि आप किस तरह से उत्तर लिखने वाले हैं। 

अगर आप बिना सोचे समझे उत्तर लिखना शुरू कर देते हैं तो आगे चलकर आपको उसे काटना पड़ सकता है, या फिर हो सकता है वैसा उत्तर ना आए जो आपके दिमाग में हो। 

और गणित के साथ तो यह और भी जरूरी है कि आप पहले उत्तर को मन में समझ ले ताकि पहले के स्टेप्स को आप पहले और बाद के स्टेप्स को बाद में लिखकर सही उत्तर निकालें। 

इसीलिए उत्तर लिखने से पहले दिमाग में उसकी कल्पना कर लेना अच्छा होता है। 

जहां संभव/जरुरत हो, चित्र (figure) बनाएं।

गणित की परीक्षा के साथ यह बात भी जरूरी है कि जिस प्रश्न के लिए जरूरत हो आपको वहां चित्र यानी की figure जरूर बनाना है। 

maths के बहुत से figure पर आधारित होते हैं, और उनका उत्तर लिखने में भी फिगर बनाना बहुत जरूरी होता है। 

सभी कक्षाओं की गणित की परीक्षाओं के लिए marking scheme में figure बनाने के अलग से अंक भी दिए जाते हैं। 

तो गणित की परीक्षा में आपको यह जरूर ध्यान रखना है कि जी प्रश्न के लिए जरूरत हो वहां तो आपके फिगर बनाना ही है, साथ ही अगर अन्य किसी प्रश्न में भी फिगर बनाया जा सकता है तो आपको वहां फिगर बनाना है। 

तो यही सारी कुछ सामान्य बातें थीं जिनका गणित की परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों को ध्यान रखना चाहिए। 

इन बातों का ध्यान रखने से विद्यार्थी न सिर्फ गणित की परीक्षा में पास हो सकते हैं बल्कि अच्छे अंक भी ला सकते हैं। 

बाकि गणित बहुत से विद्यार्थियों के लिए सबसे कठिन सब्जेक्ट होता है तो इसकी परिक्षा की तैयारी तो उन्हें साल भर बहुत अच्छे से करनी ही चाहिए। 

गणित के formulas विद्यार्थियों को अच्छे से याद होने चाहिए, और maths practice की चीज़ है तो जितना हो सके उन्हें गलत गणित के प्रश्नों को हल करने का अभ्यास भी करना चाहिए। 

FAQ

गणित में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए?

निचली कक्षाओं से लेकर बोर्ड परीक्षा तक में गणित में पास होने के लिए 33% marks ही जरुरी होते हैं। आप कुल अंको का 33% अंक लाकर गणित में पास हो सकते हैं।

गणित में अच्छे मार्क्स कैसे लाएं?

गणित में अच्छे मार्क्स लाने के लिए आप, नियमित तौर पर maths पढ़ें, अपने सिलेबस के अनुसार पढ़ें, marking schemes को समझें आदि बातों का ध्यान रख सकते हैं।

गणित समझ में ना आए तो क्या करें?

किताबों के अलावा गणित समझने के लिए आप अभी youtube videos या online coaching आदि का सहारा ले सकते हैं। गणित काफी कठिन विषय हो सकता है इसलिए इसे समझने के लिए आप कई तरीके अपना सकते हैं।

Conclusion 

ऊपर दिए गए इस आर्टिकल में हमने गणित में पास होने का तरीका के बारे में बात की है। 

यहां हमने गणित की परीक्षा में ध्यान रखने वाले कुछ सामान्य बिंदुओं पर बात की है। 

समय, निर्देश, खराब लिखावट, आदि से संबंधित कई सामान्य बातें हैं जिनका गणित की परीक्षा में विद्यार्थियों को ध्यान रखना चाहिए। 

उम्मीद करते हैं यह लेख आपके लिए कुछ इनफॉर्मेटिव रहा होगा।

इससे संबंधित कोई भी प्रश्न हो तो आप हमें कमेंट सेक्शन में जरूर पूछें। 

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