एग्रीकल्चर में कितने विषय होते हैं? | Agriculture subject

दोस्तों अगर बात करें हमारे देश की कुल जनसंख्या के रोजगार के बारे में, तो आज भी सबसे बड़ा भाग प्राथमिक क्षेत्रक यानी कि एग्रीकल्चर में ही काम करता है, जिसका मतलब है खेती-बाड़ी करना।

दोस्तों यहां इस लेख में हम एग्रीकल्चर के विषयों की बात करेंगे, एग्रीकल्चर में कितने विषय होते हैं? (agriculture me kitne subject hote hai), एग्रीकल्चर में कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं? (agriculture me kon kon se subject hote hai)

एग्रीकल्चर ही हमारे देश की आर्थिक स्थिति का आधार है, भारत को गांव का देश ऐसे ही नहीं कहा जाता है, सबसे ज्यादा लोग खेती-बाड़ी करके ही अपना जीवन यापन करते हैं।

एग्रीकल्चर क्या है, एग्रीकल्चर के विषय?

एग्रीकल्चर में कितने विषय होते हैं?

एग्रीकल्चर के विषयों के बारे में जानने से पहले एग्रीकल्चर की परिभाषा में, पौधों या पशुओं से सम्बंधित उत्पादों की खेती करना या उत्पादन करना ही एग्रीकल्चर कहलाता है, यह जीवनयापन करने का एक मुख्य स्रोत है।

आसान भाषा में इसे खेती-बाड़ी करना या पशुपालन इत्यादि कहा जा सकता है। असल में एग्रीकल्चर के अंदर बहुत सी चीजें आ जाती है, अलग-अलग प्रकार के फलों, फसलों आदि की खेती को अलग-अलग नाम दिया जाता है।

पशुपालन के साथ भी यही चीज है। खेती ना सिर्फ रोजगार के लिए ही नहीं है, यह हमारी एक अनिवार्य आवश्यकता है क्योंकि खेती के बिना हम सब खाएंगे क्या? इसीलिए एग्रीकल्चर के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट जैसे कार्य बहुत ही जरूरी हो जाते हैं।

Green revolution और yellow revolution जैसी चीजें इसी का हिस्सा रही है।

एग्रीकल्चर में कौन-कौन से विषय होते हैं?

अगर सीधे बात करें एग्रीकल्चर के विषयों की तो आप एग्रीकल्चर में कौन-कौन से विषय पढेगे यह निर्भर करता है कि आप कौन सा कोर्स कर रहे हैं।

12वीं  पूरी करने के बाद यदि आप एग्रीकल्चर के क्षेत्र में जाना चाहते हैं, तो इस फील्ड में अंडर ग्रेजुएशन का कोर्स करेंगे जिसमें सबसे प्रमुख नाम b.sc agriculture और b.tech agricultural engineering  का ही आता है।

यही दोनो एग्रीकल्चर के क्षेत्र में बेस्ट कोर्स माने जाते हैं। और इसी हिसाब से अगर आप बीएससी एग्रीकल्चर करते हैं तो उसके सब्जेक्ट बी टेक एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग से अलग होते हैं, हालांकि कुछ विषय दोनों में समान भी रह सकते हैं।

इसीलिए दोनों कोर्स के हिसाब से ही एग्रीकल्चर के अंतर्गत आने वाले अलग-अलग विषयों को एक-एक करके देख लेते हैं –

बीएससी एग्रीकल्चर में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

बीएससी एग्रीकल्चर में कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं?

  • Livestock and Poultry Management
  • Introduction to Soil and Water Conservation   
  • Farm Machinery and Power   
  • Principles of Food Science and Nutrition   
  • Principles of Organic Farming
  • Importance of Manures Fertilizers and Soil Fertility   
  • Principles of Agribusiness   
  • Farming System and Sustainable Agriculture
  • Fundamentals of Horticulture, Microbiology, Agriculture, Plant Pathology, Life Sciences   
  • Advantages of Organic Production 

B.sc agriculture एक डिग्री प्रोग्राम है, और यह एक काफी बड़ा विषय भी है। आमतौर पर बीएससी एग्रीकल्चर की अवधि 3 साल की होती है।

बीएससी एग्रीकल्चर कोर्स के दौरान आपको एग्रीकल्चर साइंस के आधारभूत बातों के बारे में पढ़ाया जाता है साथ ही इसमें खेती में इस्तेमाल होने वाले तरीके और तकनीक भी सिखाए जाते हैं। 

1. Livestock and Poultry Management

एग्रीकल्चर की इस विषय के अंतर्गत लाइव स्टॉक और पोल्ट्री यानी कि मुर्गी पालन मैनेजमेंट से संबंधित चीजें पढ़ाई जाती है।

एग्रीकल्चर के क्षेत्र में इन चीजों की जानकारी होना जरूरी है, क्योंकि ये बेसिक चीजें हैं जो एग्रीकल्चर में अहम भूमिका निभाती है।

लाइव स्टॉक का मतलब एक तरह से उत्पाद को स्टोर करके मेंटेन रखना होता है, और चिकन इत्यादि भी  हमारे भोजन का अहम हिस्सा है इसीलिए पोल्ट्री मैनेजमेंट जरूरी है।

2. Introduction to Soil and Water Conservation    

Soil का मतलब मृदा होता है यानी कि वह जमीन जिस पर खेती की जाती है। मृदा और पानी के बिना तो खेती संभव ही नहीं है।

एग्रीकल्चर के इस विषय के अंतर्गत खेती-बाड़ी के लिए जरूरी मृदा की सारी जानकारी दी जाती है।

मृदा और पानी किस प्रकार खेती के लिए जरूरी है, और सबसे जरूरी है इनका कंजर्वेशन यानी बचाव।

Soil erosion जैसी चीजें खेती के लिए बहुत ही हानिकारक है, साथ ही पानी की कमी के कारण भी खेती बहुत प्रभावित होता है, इनका बचाव जरुरी है।

3. Farm Machinery and Power    

एग्रीकल्चर में आज के समय में बड़े-बड़े आधुनिक मशीनों का भी इस्तेमाल होने लगा है जिससे खेती का प्रोडक्शन तेज हुआ है।

एग्रीकल्चर के इस विषय के अंतर्गत आप यही सब पढ़ते हैं, किस तरह खेती में मशीनरी इसका इस्तेमाल होता है, उनके लिए power की जरूरत होती है जिसके लिए किस तरह से इंतजाम किए जाने चाहिए आदि।

Agriculture और farming के लिए यह चीजें जरूरी है, और उनके बारे में सही जानकारी होना भी जरूरी है।

4. Principles of Food Science and Nutrition    

खेती की ही जाती है, भोजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए। Principles of food science and nutrition एग्रीकल्चर का वह विषय है जिसके अंतर्गत भोजन और उससे मिलने वाले न्यूट्रिशन से संबंधित सभी जरूरी चीजों के बारे में पढ़ाया जाता है।

भोजन किस प्रकार ग्रहण करना चाहिए, ताकि सही शारीरिक विकास हो सके, कौन से भोजन से किस तरह के nutrition मिलते हैं, यह सारी चीजे इसमें आती है।

5. Principles of Organic Farming

Organic farming आज के समय में बहुत ही जरूरी हो गया है, खेती की पैदावार बढ़ाने के लिए अलग-अलग प्रकार के केमिकल्स इत्यादि का इस्तेमाल खेत और फसलों पर किया जाता है जिससे फसलों की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ता है।

Organic farming के अंतर्गत सिर्फ जैविक उत्पादों के इस्तेमाल से खेती करने के बारे में पढ़ाया जाता है, जिससे की फसल की गुणवत्ता सही बनी रहे।

इस विषय के अंतर्गत और भी बहुत सी चीजें होती है।

6. Importance of Manures Fertilizers and Soil Fertility

इस तरह के विषय तो एग्रीकल्चर में जरूरी होते ही हैं, खेती बाड़ी का काम अपने आप नहीं हो जाता, इसके लिए बहुत सी चीजें लगती है।

खेती के दौरान किस तरह उर्वरक और फर्टिलाइजर आदी का इस्तेमाल होता है, उनका मृदा पर क्या प्रभाव पड़ता है, सही तरह से खेती करने के लिए उर्वरको का किस तरह इस्तेमाल किया जाना चाहिए, इस तरह की चीजें आप एग्रीकल्चर  के इस विषय में पढ़ते हैं।

7. Principles of Agribusiness

एग्रीकल्चर सिर्फ खेती-बाड़ी तक ही सीमित नहीं है, एक बड़ा व्यापार है जिसकी सही जानकारी होना इस क्षेत्र से जुड़े हर किसी के लिए जरूरी है।

एग्रीकल्चर के इस विषय में आपको एग्री बिजनेस क्या है?, यह किस तरह काम करता है?, इसे कैसे किया जाना चाहिए?, आपको इस तरह की चीजें पढ़ाई जाती हैं।

प्रिंसिपल आफ agribusiness भी एग्रीकल्चर का एक महत्वपूर्ण विषय है।

8. Farming System and Sustainable Agriculture

खेती करना तो ठीक है, पर उसे सस्टेनेबल तरीके से करना भी उतना ही जरूरी है।

इसका मतलब है कि खेती करते हुए उन तरीकों का इस्तेमाल किया जाना जिससे कि भविष्य के लिए वह जमीन खेती योग्य बनी रहे, एग्रीकल्चर के इस विषय के अंतर्गत इसी बारे में पढ़ाया जाता है।

साथ ही agriculture में पशुपालन के लिए सही फार्मिंग सिस्टम भी जरूरी है यह सखी व्यवस्थित तरीके से उत्पादों को इकट्ठा करके लाभ कमाया जा सके।

9. Fundamentals of Horticulture, Microbiology, Agriculture, Plant Pathology, Life Sciences  

हॉर्टिकल्चर, प्लांट पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी यह सब एग्रीकल्चर के अंतर्गत ही आते हैं बस इन में अलग-अलग चीजों के बारे में  विशेष रूप से पढ़ना होता है।

अलग-अलग प्रकार के पौधों के बारे में जानकारी होना था कि खेती में उनका इस्तेमाल किया जा सके, अलग अलग microorganisms किस तरह सेटिंग में भूमिका निभाते हैं, यह सब agriculture के इन विषयों के अंदर पढ़ा जाता है।

10. Advantages of Organic Production

Agriculture में खेती-बाड़ी के लिए ऑर्गेनिक उत्पादों का इस्तेमाल जितना हो उतना ही बेहतर है।

एग्रीकल्चर का यह विषय ऑर्गेनिक उत्पादों के फायदों के बारे में बताता है। यह एक जरूरी विषय है जिससे खेती में ज्यादा से ज्यादा organic products का इस्तेमाल हो।

बीएससी एग्रीकल्चर के अंतर्गत आपको यह विषय पढ़ना होता है।

B.Tech एग्रीकल्चर में कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं?

  • Irrigation and Drainage Engineering
  • Soil and Water Conservation Engineering
  • Farm Machinery
  • Land Surveying and Levelling
  • Dairy and Food Engineering
  • Food Processing and Quality
  • Farm Power
  • Agricultural Business and Marketing
  • Soil Mechanics
  • Water Resource Management
  • Agricultural Machinery

बीटेक एग्रीकल्चर करते हुए विद्यार्थी काफी फोकस तरह से पढ़ाई करते हैं। इसमें एग्रीकल्चर तकनीकें, डिजाइन और डेवलोपमेंट से जुड़ी तकनीकों को समझने की कोशिश की जाती है।

एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग आपको इंडस्ट्री में टेक्निकल जानकार के तौर पर विकसित करती है।

b.tech एग्रीकल्चर में  इससे जुड़े कई दूसरे मुद्दों जैसे क्रॉप प्रोडक्शन, फार्मिंग, फूड प्रोसेसिंग और मेन्यूफेक्चरिंग आदि के बारे में भी पढ़ना होता है।

1. Irrigation and Drainage Engineering

इरीगेशन का मतलब खेती में जल के इस्तेमाल से होता है, फसलों में किस तरह से पानी दिया जाना चाहिए, irrigation में इसी के बारे में पढ़ाया जाता है।

Drainage का मतलब भी खेत से पानी निकालना या देना होता है। Agricultural engineering में इसे पढ़ाया जाता है।

2. Soil and Water Conservation Engineering

खेती के लिए मृदा और जल तो अनिवार्य ही है, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग में भी इनके कंजर्वेशन के लिए किस तरह नई नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है आदि पढ़ाया जाता है। भविष्य के लिए इन का कंजर्वेशन बहुत ही जरूरी है।

3. Farm Machinery

Agricultural engineering का यह विषय बीएससी एग्रीकल्चर में भी होता है।

इसमें मुख्य रूप से खेती बाड़ी में आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल, उनका रखरखाव और मैनेजमेंट आदि के बारे में पढ़ाया जाता है।

Machinery engineering के क्षेत्र से भी संबंधित है इसीलिए यह आसान भी रहता है।

4. Land Surveying and Levelling

एग्रीकल्चरल engineering के अंतर्गत इस विषय में खेती की जमीन का survey और levelling इत्यादि के बारे में पढ़ाया जाता है।

खेती करने से पहले जमीन की fertility के बारे में जान लेना जरूरी होता है, जहां पैदावार अच्छी ना हो उस में खेती करने का लाभ नहीं होता है।

5. Dairy and Food Engineering

डेहरी प्रोडक्ट्स की processing और production भी एग्रीकल्चर से ही जुड़ा है।

Agricultural engineering के अंतर्गत इस विषय में food और डेयरी प्रोडक्ट्स के production और maintenance आदि के बारे में पढ़ना होता है, किस तरह इंजीनियरिंग की नई तकनीक के साथ इनका विकास किया जा सकता है।

6. Food Processing and Quality

सिर्फ खेती करके फसल पैदा कर देना ही काफी नहीं होता, खेती से जो फसल उपजती है, उनकी सही प्रोसेसिंग और क्वालिटी होना भी जरूरी है।

एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग के इस विषय में विद्यार्थियों को किस तरह से फूड की प्रोसेसिंग की जानी चाहिए जिससे उनकी क्वालिटी मैक्सिमम बनी रहे, यह सारी चीजें पढ़ाई जाती है।

7. Agricultural Business and Marketing

बीएससी एग्रीकल्चर की तरह बीएससी इंजीनियरिंग में भी यह विषय रहता है जिसमें एग्रीकल्चर बिजनेस यानि व्यापार और उसकी मार्केटिंग के बारे में पढ़ाया जाता है।

खेती के सही विकास के लिए बिजनेस और मार्केटिंग भी उतने ही जरूरी है।

8. Soil Mechanics

इस विषय के अंतर्गत खास तौर पर soil यानी मृदा का अध्ययन कराया जाता है।

Soil mechanics agricultural engineering का एक महत्वपूर्ण विषय है,  जिसमें मृदा के अलग-अलग प्रकारो, उन्हें प्रभावित करने वाले घटक और उसके पूरे mechanism के बारे में पढ़ाया जाता है।

9. Water Resource Management

यह विषय भी वाटर कंजर्वेशन से थोड़ा मिलता जुलता है। एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग के इस विषय में खास तौर पर खेती के लिए पानी के स्रोतों का मैनेजमेंट आदि सिखाया जाता है।

इंजीनियरिंग की नई तकनीक के साथ water resources को manage रखना आसान और सुगम हुआ है।

10. Agricultural Machinery

Agricultural engineering का यह विषय भी एग्रीकल्चर में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक मशीनों और उनकी जानकारी से संबंधित होता है।

मशीनों के इस्तेमाल से खेती का प्रोडक्शन तेज और आसानी से होता है, इससे man power की भी बचत होती है।

Conclusion

दोस्तों यहां इस आर्टिकल में हमने एग्रीकल्चर के subjects के बारे में जाना। एग्रीकल्चर सुनते ही हमारे मन में आता है कि इसमें सिर्फ खेती-बाड़ी और इससे संबंधित पशुपालन आदि जैसे काम ही करने होते हैं, पर आज के समय में ऐसा नहीं है।

एग्रीकल्चर के क्षेत्र में आज ढेरों करियर विकल्प खुलकर सामने आए हैं, इस क्षेत्र में रिसर्च, डेवलपमेंट, एंटरप्रेन्योरशिप, एग्रीकल्चर, फूड टेक्नोलॉजी, जैसे और भी कई  सारी चीजें हैं।

एग्रीकल्चर की पढ़ाई करके इन जैसे कई क्षेत्रों में करियर बनाया जा सकता है, और आज के समय में ऐसा हो भी रहा है बहुत से छात्र आगे की पढ़ाई के लिए एग्रीकल्चर को चुन रहे हैं।

एग्रीकल्चर पढ़ने की सोचने वालों के लिए यह जरूरी है कि उन्हें एग्रीकल्चर के अंदर पढ़ाए जाने वाले विषयों की जानकारी हो, इस लेख में हमने उन्हीं की बात की है।

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