बीएससी क्या है? | BSc kya hai

इस आर्टिकल में हमारा टॉपिक है ‘बीएससी क्या है?’। 

बीएससी का मतलब क्या है? बीएससी कोर्स क्या है? 

दोस्तों साइंस स्ट्रीम (PCM या PCB) के साथ 12वीं पास करने वाले विद्यार्थियों के लिए 12वीं के बाद सबसे लोकप्रिय courses में 1 नाम b.sc का भी आता है। 

qz.com के अनुसार हर साल लगभग 50 लाख विद्यार्थी अलग-अलग b.sc courses में दाखिला लेते हैं। 

जिन विद्यार्थियों की रुचि विज्ञान से संबंधित क्षेत्रों में करियर बनाने की होती है, उनमें से कई 12वीं के बाद बीएससी का चुनाव करते हैं। 

अब 12वीं के बाद शुरुआत में हर विद्यार्थी के मन में बीएससी कोर्स से संबंधित कई जरूरी सवाल रहते हैं।

जिनमें से सबसे पहला सवाल यही रहता है कि आखिर बीएससी क्या है? या बीएससी कोर्स क्या है?

बीएससी क्या है?

इस आर्टिकल में हम इसी बीएससी कोर्स के बारे में विस्तार से बात करेंगे। 

यहां हम बीएससी कोर्स से संबंधित हर उस जरूरी बात पर चर्चा करेंगे, जिनके बारे में विद्यार्थियों को बीएससी में दाखिला लेने से पहले पता होना चाहिए। 

आज हम जानेंगे

बीएससी क्या है?

बीएससी (B.Sc) का पूरा नाम Bachelor of Science होता है। यह 3 साल (सामान्यत:) की अवधि का एक अंडर ग्रेजुएशन लेवल बैचलर डिग्री प्रोग्राम है।

जिसमें 6-6 महीने के कुल 6 semesters होते हैं। 

Basically, यदि आप विज्ञान से संबंधित क्षेत्रों जैसे कंप्यूटर तकनीक, रिसर्च, बायो टेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स, लैबोरेट्री टेक्नोलॉजी, आदि में अच्छा करियर बनाना चाहते हैं, तो बीएससी आपके लिए सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है। 

B.Sc course के बारे में brief जानकारी इस तरह से दर्शाई जा सकती है –

Course NameB.Sc (बीएससी)
Full Form (पूरा नाम)Bachelor of Science (बैचलर ऑफ साइंस)
Course Level (कोर्स का स्तर)Undergraduate / bachelor level 
Duration (अवधि)3-4 साल 
Eligibility (योग्यता)साइंस स्ट्रीम के साथ 12वीं पास
Admission Process (दाखिले की प्रक्रिया)मेरिट और प्रवेश परीक्षा के आधार पर
B.Sc Specializations BSc Physics BSc ChemistryBSc BiologyBSc MathematicsBSc IT (Information  Technology)BSc Computer ScienceBSc MicrobiologyBSc BiotechnologyBSc BiochemistryBSc Botanyetc.

साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास करने के बाद विद्यार्थियों के लिए करियर के सबसे मुख्य विकल्पों में डॉक्टर और इंजीनियर आते हैं। 

जिनके लिए वे 12वीं के बाद, क्रमशः MBBS (या इसके समकक्ष के किसी कोर्स में) या B.Tech में दाखिला लेते हैं। 

इन courses को छोड़कर बाकी विद्यार्थियों में से ज्यादातर 12वीं के बाद बीएससी में ही दाखिला लेते हैं। 

बीएससी करने के बाद विद्यार्थियों के पास career को लेकर कई सारी opportunities होती हैं। 

बीएससी में आपका जो भी मुख्य सब्जेक्ट रहेगा, उसी में आगे आप उसके बाद बहुत अच्छा करियर बना सकते हैं। 

बीएससी में कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं?

बीएससी में कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं, इसका मतलब बीएससी के अलग-अलग specialisation subjects से होता है, कि विद्यार्थी किन-किन विषयों में बीएससी कर सकते हैं। 

तो, सीधे-सीधे कहें तो science के अंतर्गत जितने भी मुख्य विषय आते हैं, आप उनमें से किसी में भी बीएससी कर सकते हैं। 

ऊपर हमने इसके बारे में थोड़ी जानकारी ली है, B.Sc के specialization subjects में –

  • BSc Physics 
  • BSc Chemistry
  • BSc Mathematics
  • BSc Biology
  • B.Sc Zoology
  • BSc Botany
  • BSc Computer Science
  • BSc IT (Information  Technology)
  • BSc Microbiology
  • BSc Biotechnology
  • BSc Biochemistry
  • BSc Agriculture
  • BSc Home Science
  • BSc Geography
  • etc.

आते हैं। B.Sc 2 प्रकार की होती है, 1. BSc honors और 2. BSc general. 

General में विद्यार्थियों को एक से ज्यादा विषय समान रूप से पढ़ने होते हैं जबकि BSc honors में विद्यार्थियों का कोई एक ही मुख्य सब्जेक्ट होता है जिसके साथ उन्हें कुछ additional सब्जेक्ट पढ़ने होते हैं। 

ज्यादातर विद्यार्थी बीएससी में honors ही करते हैं जिसमें वे अपनी रुचि के किसी एक विषय को मुख्य सब्जेक्ट के रूप में चुनते हैं। 

बीएससी में विद्यार्थियों को एक subject combination चुनना होता है, जो विद्यार्थी अपने हिसाब से चुन सकते हैं।

इसमें, 12th Maths का विद्यार्थी B.Sc में Physics, Maths और Chemistry को ले सकता है, और 12th Bio का विद्यार्थी Chemistry, Botany, और Zoology को subject combination के रूप में रख सकता है। 

Biology का विद्यार्थी मैथ्स के सब्जेक्ट जैसे Maths, Statistics, Physics नहीं ले सकता है। 

और उसी तरह मैथ्स का स्टूडेंट बायो वर्ग के subjects जैसे जूलॉजी, बॉटनी इत्यादि से बीएससी नहीं कर सकता है।

अगर आप ऑनर्स करते हैं तो बीएससी के पहले साल में आपको मुख्य विषय के साथ general elective और एडीशनल सब्जेक्ट मिलाकर कुल 5 पेपर देने होते हैं। 

दूसरे साल में भी 5 पेपर होते हैं। 

तीसरे साल में एडीशनल सब्जेक्ट को छोड़कर आपको सिर्फ मुख्य सब्जेक्ट के ही ज्यादा पेपर देने पड़ते हैं। 

इन्हें भी पढ़े

बीएससी में दाखिला कैसे लें?

बीएससी में दाखिले की प्रक्रिया की बात करें तो इसमें दाखिला सीधे 12वीं में आए अंकों के आधार पर भी होता है और प्रवेश परीक्षा के आधार पर भी। 

कुछ बड़े और सरकारी कॉलेज (कुछ प्राइवेट कॉलेज भी) बीएससी कोर्स में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षाएं लेते हैं।

प्रवेश परीक्षा में अलग-अलग कोर्स (विषय) के आधार पर 11वीं 12वीं स्तर के प्रश्न ही पूछे जाते हैं। 

हालांकि ज्यादातर सामान्य कॉलेजों में बीएससी में दाखिला सीधे 12वीं के अंकों के आधार पर ही होता है।

12वीं के बाद आपको सिर्फ उस कॉलेज/यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए ऑनलाइन फॉर्म भर देना होता है, फिर उस कॉलेज की तरफ से 2 से 3 (सामान्यतः) मेरिट लिस्ट निकाली जाती है, जिसमें आपका नाम आता है और आपका सीधे उस कॉलेज में दाखिला हो जाता है। 

बीएससी के बाद करियर ऑप्शंस

बीएससी के बाद करियर ऑप्शंस की बात करें तो क्योंकि आप बीएससी के बाद ग्रैजुएट हो जाते हैं, तो जितने भी सरकारी नौकरियां हैं जिनके लिए ग्रेजुएशन तक की योग्यता चाहिए, और इसमें लगभग सारी मुख्य सरकारी नौकरियां आ जाती हैं, आप उनके लिए apply कर सकते हैं। 

तो बीएससी के बाद आपके लिए यह करियर ऑप्शन भी खुल जाता है। 

इसके साथ-साथ बीएससी करने के बाद उम्मीदवार प्राइवेट सेक्टर में भी अच्छी खासी नौकरी ले सकते हैं। 

BSc के बाद SAP, JAVA, SQL, NET जैसे Short term courses को करके विद्यार्थी technical jobs के लिए अपनी skills बढ़ा सकते हैं। 

इनके बाद प्राइवेट सेक्टर बेस्ट ऑप्शन रहता है, विद्यार्थी यहां अच्छे पदों पर नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। 

या फिर बीएससी के बाद PGDM (post graduation diploma of management) जैसा कोई कोर्स करके बीएससी पास विद्यार्थी अच्छी मैनेजमेंट कंपनियों में भी अच्छी सैलरी वाली जॉब ले सकते हैं। 

बीएससी के बाद career options लेकर विद्यार्थियों के पास कई विकल्प होते हैं।

बीएससी फर्स्ट ईयर में कितने विषय होते हैं?

बीएससी ऑनर्स में फर्स्ट ईयर में कुल 5 पेपर देने होते हैं, जिसमें दो पेपर्स मुख्य विषय के होते हैं, 1 जेनेरिक, और 2 additional subjects.

बीएससी करने में कितना खर्च आता है?

सरकारी कॉलेज में आप औसतन 10 से 15 हज़ार में आसानी से बीएससी कंप्लीट कर लेंगे। वहीं प्राइवेट कॉलेज में आपको 30 से 40,000 या इससे भी ज्यादा की फीस देनी पड़ सकती है।

बीएससी कितने प्रकार के होते हैं?

बीएससी दो प्रकार के होते हैं, बीएससी जनरल और बीएससी ऑनर्स। बीएससी ऑनर्स में आपका कोई एक मुख्य सब्जेक्ट होता है जबकि जनरल में आपको सामान्यतः तीन सब्जेक्ट एक साथ पढ़ने होते हैं।

बीएससी के लिए योग्यता क्या है?

बीएससी में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थियों को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से साइंस स्ट्रीम (PCM और PCB) के साथ 12 वीं पास होना जरूरी है।

Conclusion

ऊपर इस आर्टिकल में हमने बीएससी कोर्स के बारे में जानकारी प्राप्त की है। 

यहां हमने बीएससी कोर्स से संबंधित कई जरूरी बातों पर चर्चा की है। 

उम्मीद करते हैं यह आर्टिकल आपके लिए informative रहा होगा, इससे संबंधित कोई भी प्रश्न हो तो आप बेझिझक हमसे कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं। 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *