D.Pharma की फीस कितनी है? | D.Pharma Ki Fees Kitni Hai

D. Pharma की फीस कितनी है? डी फार्मा का कोर्स करने में कितना खर्च आता है? डी फार्मा की कॉलेज की फीस कितनी होती है? ऐसे विद्यार्थी जो मेडिकल लाइन में करियर बनाने और उसके लिए डी फार्मा जैसे कोर्स को करने की सोचते हैं, उनके मन में इस तरह के सवाल निश्चय ही आते होंगे।

बहुत से छात्र आजकल मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, और डॉक्टरी के अलावा भी इसमें कई सारे विकल्प है, उनमें फार्मेसी भी ऐसा ही एक क्षेत्र है।

डी फार्मा एक ऐसा कोर्स है जिससे विद्यार्थी कम खर्च और कम समय में एक अच्छा भविष्य बना सकते हैं।

यहां इस लेख में हम डी फार्मा कोर्स की ही बात करेंगे, इसमें मुख्यत: डी फार्मा कोर्स की फीस की।

ऐसे विद्यार्थी जो बहुत ज्यादा महंगे मेडिकल कोर्सेज अफोर्ड नहीं कर सकते उनके लिए डी फार्मा जैसा कोर्स अच्छा ऑप्शन होता है, साथ ही कई विद्यार्थियों पहले से ही डी फार्मा को चुनते हैं।

D.Pharma की फीस कितनी है?

डी फार्मा की फीस के साथ साथ, डी फार्मा का कोर्स क्या है, इसे कैसे कर सकते हैं, इसके लिए क्या योग्यता चाहिए, उसके बाद क्या career options हैं, आदी सभी के बारे में चर्चा करेंगे।

यदि मेडिकल में फार्मेसी की बात करें तो Pharmacy चिकित्सा विज्ञान की एक ऐसा शाखा है, जहाँ दवाओं को प्रस्तुत करना, बितरण करना, साथ में स्वस्थ सेवाएं कैसे दी जाए इन सबकी तकनीक सिखाई जाती है।

फार्मेसी के तीन भागों में एम फार्मा, बी फार्मा और डी फार्मा आते हैं। D. Pharma का पूरा नाम डिप्लोमा इन फार्मेसी (Diploma in pharmacy) है, यह 2 साल की अवधि का एक एंट्री लेवल प्रोफेशनल कोर्स है जिसमें दवाओं के उत्पाद, मार्केटिंग, दवाओं की क्वालिटी, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन आदि के बारे मे पढ़ाई कराई जाती है।

भारत में, PCI (Pharmacy Council of India) द्वारा फार्मेसी के सारे रूल रेगुलेशन नियंत्रित किए जाते हैं, इसीलिए डी फार्मा कोर्स के लिए भी शिक्षण संस्थानों को यही guidelines देती है।

आज के समय में हेल्थ केयर मार्किट में Pharmacy expert की काफी डिमांड रहती है, D Pharmacy कोर्स के बाद आप फार्मासिस्ट के तौर पर आसानी से जॉब पा सकते हैं।

D.Pharma की Fees

किसी भी कोर्स में दाखिले से पहले उसके fee structure के बारे में पूरी जानकारी लेना जरूरी हो जाता है। डी फार्मा कोर्स की बात करें तो हर राज्य में इसके लिए फीस स्ट्रक्चर अलग निर्धारित होता है।

आप सरकारी कॉलेज सिटी फार्मर करते हैं या प्राइवेट कॉलेज से आपकी fees सबसे ज्यादा इसी बात पर निर्भर करती है।

पर अलग अलग राज्यों के कॉलेजों में डी फार्मा की फीस में बहुत ज्यादा अंतर भी नहीं होता।

हां, सरकारी कॉलेज और प्राइवेट कॉलेजों की फीस में काफी ज्यादा अंतर हो सकता है, सरकारी कॉलेज की फीस काफी कम जबकि प्राइवेट कॉलेज की फीस लाख तक जा सकती है।

डी फार्मा 2 साल की अवधि का कोर्स होता है, किसी भी राज्य से यदि आप एक सरकारी कॉलेज से डी फार्मा करते हैं तो आपको on average 15,000 से 30,000 रुपए तक की फीस कॉलेज को देनी होती है।

कई राज्यों के सरकारी कॉलेज में तो डी फार्मा जैसे कोर्स की फीस 5000 से 10,000 तक भी रहती है, और हम यहां पूरे कोर्स यानी 2 साल की फीस की बात कर रहे हैं।

इस तरह सरकारी कॉलेज से डी फार्मा एक बेहतरीन कोर्स है, लेकिन सरकारी कॉलेज में दाखिले के लिए आपको प्रवेश परीक्षा पास करनी होगी।

डी फार्मा के कोर्स के लिए प्राइवेट कॉलेज की बात करें तो इसमें इसकी औसतन फीस 80,000-1,50,000 से लेकर कुछ कॉलेजों में 3,50,000 रुपए तक भी पहुंच जाती है।

इससे पहले तो डी फार्मा जैसे course के लिए प्राइवेट कॉलेज और भी ज्यादा फीस लेते थे, लेकिन नई शिक्षा नीति आने के बाद से fee से संबंधित नियमों में बदलाव किया गया है।

Private colleges को एक reasonable fee ही लेने का ही निर्देश दिया गया है।

फीस की सटीक जानकारी के लिए सबसे अच्छा रहता है कि विद्यार्थी कॉलेज या यूनिवर्सिटी की ऑफिशल वेबसाइट या फिर स्वयं कॉलेज जाकर ही इस बारे में पता करें।

D.Pharma के लिए योग्यता

डी फार्मा कोर्स के लिए योग्यता PCI द्वारा निर्धारित की जाती है। विद्यार्थी को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ या फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी लेकर पास करना जरूरी है, सरकारी या फिर निजी कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए कम से कम 50 प्रतिशत अंक तो चाहिए ही होते हैं।

न्यूनतम आयु 17 साल, और अधिकतम आयु ज्यादा जगहों पर लागू नहीं होती। अच्छे सरकारी कॉलेजों में दाखिले के लिए एंट्रेंस एग्जाम पास करना भी एक जरूरी योग्यता जैसी ही हो जाती है।

D.Pharma में दाखिला कैसे ले सकते हैं?

डी फार्मा के कोर्स में दाखिले के लिए (खास तौर पर सरकारी कॉलेज में दाखिले के लिए) हर राज्य में अलग-अलग नाम से इसके लिए प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती है।

उदाहरण के लिए GPAT, UPSEE, AU AIMEE, JEE pharmacy, PMET, CPMT आदि जैसी परीक्षाओं का नाम शायद आपने सुना हो।

इन प्रवेश परीक्षाओं को पास करने के बाद इसमें आए रैंक के बेसिस पर विद्यार्थियों का दाखिला होता है, इसीलिए प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी अच्छे से करनी चाहिए।

हालांकि बहुत से कॉलेज ऐसे भी हैं जिनमें कोई एंट्रेंस एग्जाम नहीं देना होता, इनमें सिर्फ मेरिट बेसिस यानी बार्बी में आए अंको के आधार पर ही दाखिला हो जाता है।

D.Pharma के बाद Career Options

Pharmacy के क्षेत्र में विद्यार्थी प्राइवेट और सरकरीं दोनों क्षेत्रों में नौकरी पा सकते हैं।

Pharmacist के तौर पर अभ्यार्थी को मेडिकल स्टोर, हॉस्पिटल, क्लिनिक, नर्सिंग होम या ड्रग मैन्युफैक्चरिंग कंपनी आदि में काम करने के अनेक अवसर मिलते हैं।

इसके अलावा D Pharma Course के बाद आप खुद का मेडिकल स्टोर भी चला सकते हैं, या फिर चाहें तो medical agency की भी शुरआत कर सकते हैं।

समय- समय पर government sector में D Pharma के students के लिये जॉब के विज्ञापन निकलते रहते हैं। इनमें अप्लाई करके अभ्यार्थी सरकरीं क्षेत्र में काम करने का अवसर पा सकते हैं।

कुल मिलाकर Career options में, डी फार्मा किए हुए विद्यार्थी सरकारी और प्राइवेट क्षेत्र में फार्मासिस्ट, ड्रग इंस्पेक्टर, ड्रग मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव, मेडिसिन मार्केटिंग, मेडिकल स्टोर, ड्रग इंस्पेक्टर, मेडिकल एजेंसी, रिसर्च सेंटर, साइंटिफिक ऑफिसर, प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव आदि के पदों पर नौकरी प्राप्त कर सकते हैं।

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